भारत में रोजाना क्रूड ऑयल, नेचुरल गैस और LPG की कितनी है खपत? सरकार ने जारी किए ये आंकड़े
भारत में ऊर्जा खपत को लेकर सरकार ने ताज़ा आंकड़े जारी किए हैं। देश में रोज़ाना लगभग 55 लाख बैरल कच्चे तेल की खपत होती है। वहीं प्राकृतिक गैस की खपत करीब 189 मिलियन क्यूबिक मीटर प्रति माह है। इसके अलावा भारत अपनी LPG जरूरत का करीब 60 प्रतिशत आयात के जरिए पूरा करता है।
पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए हाल ही में नेशनल मीडिया सेंटर में अंतर-मंत्रालयी बैठक आयोजित की गई। इसमें पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने मीडिया को क्षेत्र की बदलती स्थिति और भारत सरकार की तैयारियों के बारे में जानकारी दी। बैठक में ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री सुरक्षा, विदेशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और संचार रणनीति पर अपडेट साझा किया गया। बता दें कि देश में रोज़ाना लगभग 55 लाख बैरल कच्चे तेल की खपत होती है। वहीं प्राकृतिक गैस की खपत करीब 189 मिलियन क्यूबिक मीटर प्रति माह है।
भारत में कितनी है कच्चे तेल की खपत
सरकार के अनुसार भारत में कच्चे तेल (Crude Oil) की आपूर्ति फिलहाल सुरक्षित है। देश की दैनिक खपत लगभग 55 लाख बैरल है और विविध स्रोतों से खरीद के कारण पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध है। भारत अब करीब 40 देशों से कच्चा तेल आयात करता है, जिससे लगभग 70 प्रतिशत आयात होर्मुज स्ट्रेट (जलडमरूमध्य) के बाहर के मार्गों से आता है। दो अतिरिक्त कच्चे तेल की खेपें भी रास्ते में हैं, जिससे आपूर्ति और मजबूत होगी, जबकि देश के रिफाइनरी संयंत्र उच्च क्षमता पर काम कर रहे हैं।
भारत में कितनी है प्राकृतिक गैस की खपत
देश की कुल प्राकृतिक गैस (Natural Gas) खपत लगभग 189 मिलियन क्यूबिक मीटर प्रति माह है, जिसमें से 97.5 मिलियन क्यूबिक मीटर घरेलू उत्पादन से आता है। हालिया परिस्थितियों के कारण करीब 47.4 मिलियन क्यूबिक मीटर आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसकी भरपाई के लिए वैकल्पिक स्रोतों से एलएनजी कार्गो मंगाए जा रहे हैं। सरकार ने 9 मार्च 2026 को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्राकृतिक गैस नियंत्रण आदेश जारी किया है।
इसके तहत घरेलू PNG और वाहनों के लिए CNG की आपूर्ति पूरी तरह जारी रहेगी, जबकि उद्योगों और उर्वरक संयंत्रों को प्राथमिकता के अनुसार सीमित आपूर्ति दी जाएगी।
कितनी है भारत की LPG खपत
भारत अपनी एलपीजी खपत का लगभग 60 प्रतिशत आयात करता है, जिसमें से 90 प्रतिशत आपूर्ति होर्मुज जलडमरूमध्य से होती है। स्थिति को देखते हुए 8 मार्च 2026 को सरकार ने रिफाइनरियों को प्रोपेन, ब्यूटेन जैसे गैसों को LPG पूल में भेजकर उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया।
देशभर में अनिवार्य वस्तु अधिनियम लागू, किन क्षेत्रों को मिलेगी प्राथमिकता, देखें यहां
इसके परिणामस्वरूप घरेलू एलपीजी उत्पादन में लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और इसे घरेलू उपभोक्ताओं के लिए प्राथमिकता से उपलब्ध कराया जा रहा है। आवश्यक सेवाओं जैसे अस्पताल और शिक्षण संस्थानों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
देश में कितनी है एलपीजी की कीमत
सरकार ने बताया कि दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत हालिया ₹60 बढ़ोतरी के बाद ₹913 हो गई है, जबकि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए कीमत ₹613 प्रति सिलेंडर बनी हुई है। सरकार ने तेल विपणन कंपनियों को एलपीजी की कम वसूली की भरपाई के लिए ₹30,000 करोड़ का मुआवजा मंजूर किया है।
साथ ही जमाखोरी रोकने के लिए एलपीजी बुकिंग के बीच न्यूनतम अंतराल 21 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है और डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड प्रणाली को अधिक उपभोक्ताओं तक लागू किया जा रहा है।
Bagesh Yadav is a journalist and current affairs analyst with over six years of experience in education journalism, national and international affairs, and digital media. He has contributed to India’s leading knowledge platforms, including Vision IAS and Only IAS, and currently serves in a senior editorial role at Jagranjosh.com, where he leads coverage across the Current Affairs and General Knowledge sections. His expertise spans breaking news, government policy analysis, world affairs, sports updates, science and technology, and visually engaging infographics. Known for his commitment to factual accuracy, editorial integrity, and audience-first storytelling, Bagesh delivers well-researched, accessible, and impactful journalism that serves millions of students, competitive exam aspirants, and informed readers across India.