Delhi Weather Update: दिल्ली-एनसीआर में बढ़ी ठंड, नवंबर की शुरुआत के साथ दिल्ली में फिर लौटेगा स्मॉग; जानें IMD रिपोर्ट और AQI ट्रेंड
Delhi NCR Weather Forecast: दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद समेत पूरे दिल्ली-एनसीआर में 29 अक्टूबर को अचानक तापमान गिरने से पिछले 4 सालों का सबसे ठंडा अक्टूबर दिन दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह sudden dip दो मुख्य मौसमी प्रणालियों - उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर एक्टिव पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और चक्रवात अर्नाब (Cyclone Arnab) के बाहरी बैंड से आई नमी के आपस में मिलने के कारण हुआ। इससे जुड़ी सभी डिटेल्स के बारे में जानने के लिए यहां देखें।
Delhi AQI & Weather: राजधानी दिल्ली और आसपास के NCR (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद) इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। हालिया बारिश और बूंदाबांदी ने एक ओर जहां दिल्लीवासियों को पिछले 4 सालों के सबसे ठंडे अक्टूबर दिन का अहसास कराया है, वहीं दूसरी ओर Air Quality Index (AQI) में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।
हालांकि, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 7-दिवसीय पूर्वानुमान से संकेत मिलते हैं कि यह साफ हवा और सुहावना मौसम ज्यादा दिनों तक नहीं टिकेगा। जैसे-जैसे नवंबर का महीना आगे बढ़ेगा, तापमान में गिरावट के साथ-साथ एनसीआर में फिर से धुंध और स्मॉग (Smog) का असर बढ़ने लगेगा।
क्यों रहा 29 अक्टूबर का दिन पिछले 4 सालो में सबसे ठंडा?
29 अक्टूबर को दिल्ली-एनसीआर में पारे के अचानक नीचे गिरने के पीछे दो प्रमुख भौगोलिक और मौसमी कारण (Overlapping Meteorological Systems) जिम्मेदार रहे:
- Fresh Western Disturbance: उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के मैदानी इलाकों पर एक नया और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हुआ है, जिसने ठंडी हवाओं और बादलों का निर्माण किया।
- Moisture from Cyclone Arnab: उसी समय चक्रवात अर्नाब यानी Cyclone Arnab के बाहरी बैंड से आ रही प्रचुर नमी ने मैदानी इलाकों की ओर रुख किया।
जब पश्चिमी विक्षोभ की ठंडी प्रणाली और Cyclone Arnab की नमी का आपस में विलय हुआ, तो इसके प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर में भारी वर्षा और बूंदाबांदी शुरू हो गई। इस बारिश और बादलों के घेरे ने दिन के तापमान को सामान्य से काफी नीचे ला दिया, जिससे यह 4 साल में अक्टूबर महीने का सबसे ठंडा दिन बन गया।
Delhi NCR Weather & AQI Trend (30 अक्टूबर - 05 नवंबर 2026): 7-दिवसीय पूर्वानुमान टेबल
दिल्ली-एनसीआर के लिए IMD द्वारा जारी 7 दिनों के डिटेल्ड मौसम, तापमान, अनुमानित AQI और मुख्य कारकों की डिटेल्स के बारे में जानने के लिए नीचे दी गई टेबल को देखें।
| डेट | अधिकतम तापमान (°C) | न्यूनतम तापमान (°C) | आकाश और मौसम की स्थिति | अनुमानित AQI बैंड | वायु गुणवत्ता को प्रभावित करने वाला मुख्य कारक |
| 30 अक्टूबर 2026 | 26 – 28 | 16 – 18 | सामान्यतः बादल छाए रहेंगे; तड़के हल्की बूंदाबांदी/धुंध | 100 – 140 (मध्यम / बॉर्डरलाइन खराब) | सतह की नमी, उच्च आर्द्रता (90%+) |
| 31 अक्टूबर 2026 | 28 – 30 | 15 – 17 | आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे; शांत पूर्वी हवाएं | 150 – 210 (मध्यम से खराब) | हवा की गति में कमी, अवशिष्ट नमी का जमाव |
| 01 नवंबर 2026 | 29 – 31 | 16 – 18 | साफ आसमान; सुबह हल्की धुंध (Shallow Haze) | 200 – 260 (खराब) | उत्तर-पश्चिमी हवाओं की वापसी; पराली के धुएं का आगमन |
| 02 नवंबर 2026 | 29 – 31 | 15 – 17 | मुख्य रूप से साफ आसमान; तेज धूप | 240 – 290 (खराब) | दिन की धूप से मिट्टी का सूखना; स्थानीय धूल कण |
| 03 नवंबर 2026 | 30 – 31 | 15 – 16 | साफ आसमान; सुबह ठंडी हवाएं | 280 – 330 (खराब से बहुत खराब) | रात में निचली बाउन्ड्री लेयर, वाहनों का प्रदूषण ट्रैप होना |
| 04 नवंबर 2026 | 29 – 31 | 14 – 16 | धुंधली धूप; हल्की शांत सतही हवाएं | 310 – 360 (बहुत खराब) | सूर्यास्त के बाद वायुमंडलीय व्युत्क्रमण (Atmospheric Inversion) |
| 05 नवंबर 2026 | 28 – 30 | 14 – 15 | साफ आसमान के साथ सुबह घना कोहरा/स्मॉग | 330 – 380 (बहुत खराब) | हवा की थमी हुई गति (<5 किमी/घंटा) एवं पराली जलाने का पीक |
मौसम और AQI ट्रेंड का डिटेल्ड विश्लेषण: बारिश के बाद क्यों बिगड़ेगी हवा?
IMD के रिपोर्ट के अनुसार, बारिश के कारण सतह पर नमी और उच्च आर्द्रता (90% से अधिक) होने की वजह से 30 अक्टूबर को AQI 100-140 के आसपास 'मध्यम' कैटेगरी में बना रहेगा। लेकिन आने वाले दिनों में मौसमी बदलावों के कारण स्थिति बिगड़ने के आसार हैं:
1. हवा की गति में कमी और आर्द्रता का असर
अक्टूबर के लास्ट (31 अक्टूबर) तक पूर्वी हवाएं शांत पड़ने लगेंगी। हवा की गति कम होने से वायुमंडल में मौजूद नमी प्रदूषक तत्वों को रोककर रखेगी, जिससे AQI 'मध्यम से खराब' (150-210) कैटेगरी में पहुंच जाएगा।
2. हवा की दिशा में बदलाव और पराली का धुआं
1 नवंबर से हवा की दिशा बदलकर उत्तर-पश्चिमी (Northwesterly) होने का अनुमान है। पंजाब और हरियाणा के कृषि क्षेत्रों से बहने वाली ये हवाएं अपने साथ खेतों में जलाई जाने वाली पराली का धुआं (Farm Smoke Transport) लेकर आएंगी, जिससे AQI 200-260 के पार चला जाएगा।
3. एटमॉस्फेरिक इन्वर्जन और स्मॉग (Atmospheric Inversion & Smog)
3 नवंबर से 5 नवंबर के बीच न्यूनतम तापमान 14°C - 15°C तक गिरने की संभावना है। सर्दियों में तापमान गिरने और हवा की गति बेहद धीमी (<5 km/h) हो जाने से वायुमंडल में 'इन्वर्जन लेयर' बनती है, जो वाहनों से निकलने वाले धुएं और पराली के कणों को जमीन के करीब ही कैद कर लेती है। इसके परिणामस्वरूप 5 नवंबर तक दिल्ली में घना कोहरा और स्मॉग छाने के साथ AQI 330-380 (बहुत खराब) में जा सकता है।
7-दिवसीय मौसम और AQI विश्लेषण: बारिश के बाद फिर क्यों बढ़ेगा प्रदूषण?
बारिश के कारण 30 अक्टूबर को सतह पर नमी और उच्च आर्द्रता (90% से अधिक) रहने से AQI 'मध्यम' कैटेगरी (100–140) में बना रहेगा। लेकिन IMD के अनुसार, आने वाले दिनों में मौसमी बदलावों से हवा की गुणवत्ता बिगड़ेगी:
- 31 अक्टूबर (शनिवार): पूर्वी हवाएं शांत पड़ेंगी, जिससे हवा में मौजूद नमी प्रदूषक कणों को बांधकर रखेगी और AQI 150–210 तक पहुंचेगा।
- 01 - 02 नवंबर (रविवार - सोमवार): हवा की दिशा बदलकर उत्तर-पश्चिमी (Northwesterly) हो जाएगी। यह हवा पंजाब और हरियाणा से पराली का धुआं (Farm Smoke Transport) लेकर आएगी, जिससे AQI 200–290 (खराब श्रेणी) तक पहुंच जाएगा।
- 03 - 05 नवंबर (मंगलवार - गुरुवार): न्यूनतम तापमान गिरकर 14°C - 15°C तक आ जाएगा। रात के समय वायुमंडलीय व्युत्क्रमण (Atmospheric Inversion) और शांत हवाओं के कारण वाहनों और पराली का धुआं धरातल के करीब फंस जाएगा। इसके परिणामस्वरूप 5 नवंबर तक दिल्ली में घना स्मॉग छाने और AQI 330–380 (बहुत खराब) तक पहुंचने का अनुमान है।
क्या आप सभी वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के बैंड के बारे में जानते हैं?
AQI के बैंड को यदि आप नहीं जानते हैं, तो आप सभी यहां से जानें:
- 0 - 50: अच्छा (Good)
- 51 - 100: संतोषजनक (Satisfactory)
- 101 - 200: मध्यम (Moderate)
- 201 - 300: खराब (Poor)
- 301 - 400: बहुत खराब (Very Poor)
- 401 - 500: गंभीर (Severe)
थर्मल इन्वर्जन (Thermal Inversion) क्या होता है?
थर्मल इन्वर्जन में ऊंचाई बढ़ने पर तापमान घटता है, लेकिन सर्दियों में रात के समय धरातल तेजी से ठंडा हो जाता है, जिससे निचली हवा ठंडी और ऊपरी हवा गर्म हो जाती है। यह ठंडी हवा प्रदूषकों को ऊपर उठने से रोकती है और स्मॉग का निर्माण करती है।
स्मॉग (Smog) का शब्द कहां और कैसे आया?
यह शब्द 'Smoke' (धुआं) और 'Fog' (कोहरा) के मिलने से बना है। जब हवा में नाइट्रोजन ऑक्साइड और कणिकीय पदार्थ (PM 2.5/PM 10) नमी के साथ मिलते हैं, तो स्मॉग बनता है।
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Akshara Verma is a digital journalist. She writes in Hindi and is a subject matter expert in Education, Government Jobs, Current Affairs, General Knowledge, News, delivering accurate and authoritative content for a wide readership of Jagran Josh.
A graduate of Bharati Vidyapeeth's Institute of Computer Applications and Management (BVICAM) with a Bachelor of Journalism and Mass Communication, Akshara brings a strong academic and professional foundation to her work. She has previously held content writing and Public Relations roles at Genesis BCW and Dainik Bhaskar, experiences that have sharpened her ability to craft impactful, audience-first content across diverse formats. She can be reached at akshara.verma@jagrannewmedia.com.