भारत का पहला AC मूवी थियेटर, अमेरिका से लाया गया था प्लांट
भारत में सिनेमाघरों का जादू आज भी देखने को मिलता है। OTT के दौर में लोग सिनेमाघरों में पहुंच फिल्मों का आनंद लेते हैं। हालांकि, एक समय था, जब भारत में पहली बार एसी मूवी थियेटर खुला था। यह पहला थियेटर मुंबई में था।
भारत के पहले एसी मूवी थियेटर की बात करें, तो यह मुंबई का रीगल सिनेमा है। यह भारत का वह सिनेमाघर है, जिसमें पहली बार दर्शकों ने किसी फिल्म को वातानुकूलित हवा के साथ देखा था। उस समय में यह अहसास दर्शकों को खूब पसंद आया और वे इसके लिए अधिक दाम देने के लिए भी तैयार हो गए थे। इसके बाद देश के अन्य सिनेमाघरों में पंखों के साथ-साथ एसी भी पहुंच गए और सिनेमाघरों का इंटीरियर पहले से बदल गया।
कब हुई रीगल सिनेमा की शुरुआत
महाराष्ट्र के मुंंबई में रीगल सिनेमा का उद्घाटन 1933 में हुआ था। इसे फ्रामजी सिधवा और के.ए. कुका ने तैयार करवाया था। रीगल सिनेमाघर में अंडरग्राउंड पार्किंग के साथ-साथ लिफ्ट की सुविधाएं भी थी, जो कि उस समय में अपने आप में बहुत बड़ी बात थी। इस सिनेममाघर को वास्तुकार चार्ल्स स्टीवंस ने आर्ट डेको शैली में तैयार किया था। रीगल में पहली फिल्म ओनली यस्टरडे प्रदर्शित हुई थी।
एसी से पहले क्या थी व्यवस्था
मूवी थियेटर में एसी लगने से पहले ऊंची-ऊंची छतें होती थीं, जिससे गर्मी नीचे बैठे दर्शकों तक कम पहुंच सके। साथ ही, पूरे थियेटर में बड़े-बड़े पंखे लगे होते थे, जिनमें कुछ पंखों को छतों के साथ-साथ दीवारों पर भी लगाया जाता था, जिससे दीवार के साथ बैठने वाले दर्शकों को भी गर्मी का अहसास कम हो।
हॉलीवुड जैसा अनुभव देने का प्रयास
उस समय न्यूयॉर्क व लंदन के सिनेमाघरों में एसी पहुंच चुका था। ऐसे में रीगल सिनेमा के मालिक भी अपने दर्शकों को एक बेहतरीन अनुभव देना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने यहां एसी लगवाने का निर्णय लिया।
जादू से कम नहीं था AC
1933 के दौर में लोगों के लिए एसी की हवा किसी जादू से कम नहीं थी। क्योंकि, उस समय ठंडी हवा खुली खिड़की व खुले स्थान से आना आम बात थी, लेकिन किसी बंद कमरे में ठंडी हवा लोगों के लिए जादू की तरह थी। थियेटर में विज्ञापनों के दौरान भी एसी पर जोर दिया जाता था।
अमेरिका में तैयार हुआ एसी
रीगल सिनेमा में एसी लगने के लिए एक अमेरिकी कंपनी आगे आई। कंपनी ने अमेरिका में एसी प्लांट तैयार किया और इसे मुंंबई तक पहुंचाया। उस समय यह एसी इतना बड़ा था कि इसके लिए थियेटर के नीचे एक बड़ा चेंबर भी बनाना पड़ा।
साउंडप्रूफ हो गया था थियेटर
भारत में पहली बार किसी मूवी थियेटर में एसी लगने से फिल्म देखने का अनुभव भी पूरी तरह बदल गया था। क्योंकि, एसी लगने के बाद थियेटर को पूरी तरह से सील बंद कर दिया गया था। इससे अब फिल्म देखने के दौरान दर्शकों को बाहर का शोर और धूल व मिट्टी से परेशानी नहीं होती थी। दर्शकों को फिल्म देखने का एक नया अनुभव मिला, जिससे खूब पसंद किया गया।
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