वैदिक काल के रत्नियों और अधिकारियों पर आधारित सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी

Aug 20, 2018, 12:40 IST

प्रारंभिक वैदिक काल की राजनीति मूल रूप से केंद्र में जनजातीय प्रमुख के साथ एक जनजातीय राजनीति थी। जनजाति को जन कहा जाता था और आदिवासी प्रमुख को राजन कहा जाता था। राजा की शक्ति की वैधता पुजारी द्वारा यज्ञ और अनुष्ठानों करके दी जाती थी तथा राज्य मामलों में राजा की सहायता करने वाले अधिकारी को रत्नी बोला जाता था। इस लेख में हमने वैदिक काल के रत्नियों और अधिकारियों पर आधारित 10 सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी दिया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

GK Questions and Answers on the Ratnis and Officials of Vedic Period HN
GK Questions and Answers on the Ratnis and Officials of Vedic Period HN

सिंधु सभ्यता के पतन के बाद जो नवीन संस्कृति प्रकाश में आयी उसके विषय में हमें सम्पूर्ण जानकारी वेदों से मिलती है। इसलिए इस काल को हम 'वैदिक काल' अथवा वैदिक सभ्यता के नाम से जानते हैं।

प्रारंभिक वैदिक काल की राजनीति मूल रूप से केंद्र में जनजातीय प्रमुख के साथ एक जनजातीय राजनीति थी। जनजाति को जन कहा जाता था और आदिवासी प्रमुख को राजन कहा जाता था। राजा की शक्ति की वैधता पुजारी द्वारा यज्ञ और अनुष्ठानों करके दी जाती थी तथा राज्य मामलों में राजा की सहायता करने वाले अधिकारी को रत्नी बोला जाता था।

1. वैदिक काल में सेना का सर्वोच्च कमांडर को क्या बोला जाता था?

A. सेनानी

B. वृजापति

C. स्पास

D. मध्यमासी

Ans: A

व्याख्या: वैदिक काल में राजा का प्रशासनिक सहयोग रत्निन करते थे। सेना के सर्वोच्च कमांडर को सेनानी बोला जाता था। इसलिए, A सही विकल्प है।

2. वैदिक काल में पुलिस अधिकारी को क्या बोला जाता था?

A. सेनानी

B. जिवाग्रीभा

C. भगदूघा

D. मध्यमासी

Ans: B

व्याख्या: वैदिक काल मुख्यतः एक कबीलाई व्यवस्था वाला शासन था जिसमें सैनिक भावना प्रमुख थी। राजा को गोमत भी कहा जाता था। इस काल में पुलिस अधिकारी को जिवाग्रीभा बोला जाता था। इसलिए, B सही विकल्प है।

3. वैदिक काल में राजस्व संग्रहकर्ता को क्या बोला जाता था?

A. सेनानी

B. जिवाग्रीभा

C. भगदूघा

D. मध्यमासी

Ans: C

व्याख्या: वैदिक काल में अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार पशुपालन एवं कृषि था। ज्यादा पालतुपशु रखने वाले गोमत कहलाते थे। चारागाह के लिए ' उत्यति ' या ' गव्य ' शब्द का प्रयोग हुआ है। दूरी को ' गवयुती ', पुत्री को दुहिता (गाय दुहने वाली) तथा युद्धों के लिए ' गविष्टि ' का प्रयोग होता था। ऋण लेने एवं देने की प्रथा प्रचलित थी जिसे ' कुसीद ' कहा जाता था। राजस्व संग्रहकर्ता को भगदूघा बोला जाता था। इसलिए, C सही विकल्प है।

4. वैदिक काल में खजांची के लिए क्या शब्द इस्तेमाल किया गया था?

A. कुलपति

B. महिशी

C. भगदूघा

D. संग्रीहित्री

Ans: D

व्याख्या: वैदिक काल में खजांची (कोषाध्यक्ष) के लिए संग्रीहित्री शब्द इस्तेमाल किया गया था। इसलिए, D सही विकल्प है।

प्राचीन खगोलविदों और उनके योगदान पर आधारित सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी

5. निम्नलिखित का मिलान करे:

      Set I

a. राज्य

b. भोज्य

c. स्वराज्य

d. वैराज्य

      Set II

1. राजा

2. भोज

3. स्वराट

4. विराट

Code:

    a   b   c   d

A. 1   2   3   4

B. 3   4   1   2

C. 4   2   3   1

D. 3   4   1   2

Ans: A

व्याख्या: सही मिलान नीचे दिया गया है-

राज्य - राजा

भोज्य - भोज

स्वराज्य - स्वराट

वैराज्य - विराट

इसलिए, A सही विकल्प है।

6. वैदिक काल में पूर्वी साम्राज्य के शासक को क्या बोला जाता था?

A. विराट

B. स्वराट

C. सम्राट

D. भोज

Ans: C

व्याख्या: वैदिक काल में पूर्वी साम्राज्य को साम्राज्य तथा उसके शासक को सम्राट बोला जाता था। इसलिए, C सही विकल्प है।

7. वैदिक काल में पश्चिमी साम्राज्य के शासक को क्या बोला जाता था?

A. विराट

B. स्वराट

C. सम्राट

D. भोज

Ans: B

व्याख्या: वैदिक काल में पूर्वी साम्राज्य को स्वराज्य तथा उसके शासक को स्वराट बोला जाता था। इसलिए, B सही विकल्प है।

वैदिक साहित्य पर आधारित सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी

8. वैदिक काल में उत्तरी साम्राज्य के शासक को क्या बोला जाता था?

A. विराट

B. स्वराट

C. सम्राट

D. भोज

Ans: A

व्याख्या: वैदिक काल में उत्तरी साम्राज्य को वैराज्य तथा उसके शासक को विराट बोला जाता था। इसलिए, A सही विकल्प है।

9. निम्नलिखित में से कौन वैदिक काल की राजनीतिक इकाई नहीं थी?

A. ग्राम

B. विश

C. जन

D. बालि

Ans: D

व्याख्या: ऋग वैदिक या प्रारंभिक वैदिक काल के दौरान ग्रामा (गांव), विश और जन राजनीतिक इकाइयां थीं। बालि ऋग वैदिक काल का स्वैच्छिक कर था। इसलिए, D सही विकल्प है।

10. वैदिक काल में न्यायाधीश को क्या बोला जाता था?

A. अथापति

B. तशान

C. अक्शवापा

D. पलगाला

Ans: A

व्याख्या: वैदिक युग में वरुण को प्रशासन और न्याय का अधिष्ठातृ—देवता कहा गया है, जिसके प्रतिनिध के रूप में राजा इस लोक में राज्य करता है, जो पापियों को दण्ड देता है और सज्जनों की रक्षा करता है। इस काल में न्यायाधीश को अथापति बोला जाता था। इसलिए, A सही विकल्प है।

Jagranjosh
Jagranjosh

Education Desk

Your career begins here! At Jagranjosh.com, our vision is to enable the youth to make informed life decisions, and our mission is to create credible and actionable content that answers questions or solves problems for India’s share of Next Billion Users. As India’s leading education and career guidance platform, we connect the dots for students, guiding them through every step of their journey—from excelling in school exams, board exams, and entrance tests to securing competitive jobs and building essential skills for their profession. With our deep expertise in exams and education, along with accurate information, expert insights, and interactive tools, we bridge the gap between education and opportunity, empowering students to confidently achieve their goals.

... Read More

आप जागरण जोश पर भारत, विश्व समाचार, खेल के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए समसामयिक सामान्य ज्ञान, सूची, जीके हिंदी और क्विज प्राप्त कर सकते है. आप यहां से कर्रेंट अफेयर्स ऐप डाउनलोड करें.

Trending

Latest Education News