चेस बोर्ड की तरह दिखता है भारत का यह रेलवे स्टेशन, चेस के मोहरों की भी मिलती है झलक

Last Updated: May 26, 2026, 17:30 IST

यूपी की राजधानी लखनऊ का चारबाग स्टेशन अपनी अनोखी वास्तुकला के लिए मशहूर है। ऊपर से देखने पर इसका डिजाइन शतरंज की बिसात जैसी या कहें तो चेस-बोर्ड की तरह दिखाई देती है, जबकि गुंबद और मीनारें चेस के मोहरों जैसी लगती हैं। 1926 में बना यह स्टेशन नवाबी और मुगल वास्तुकला का शानदार उदाहरण माना जाता है।

ऊपर से दिखता है बिल्कुल चेस-बोर्ड जैसा
ऊपर से दिखता है बिल्कुल चेस-बोर्ड जैसा

लखनऊ का चारबाग स्टेशन पर हर दिन लाखों लोग आते-जाते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि यह स्टेशन भारत की सबसे अनोखी इमारतों में गिना जाता है। नवाबों के शहर लखनऊ का यह स्टेशन अपनी खूबसूरत वास्तुकला और शाही अंदाज के लिए दुनियाभर में मशहूर है। चारबाग स्टेशन रेलवे स्टेशन और इसके साथ क्या है चेस बोर्ड की कहानी चलिए पढ़ते हैं।

ऊपर से दिखता है बिल्कुल चेस-बोर्ड जैसा

चारबाग स्टेशन की असली खूबसूरती जमीन से नहीं, बल्कि आसमान से नजर आती है। जब इसे ऊपर से देखा जाता है, तो इसका पूरा स्ट्रक्चर शतरंज की बिसात (Chessboard) जैसी दिखाई देती है। स्टेशन के गुंबद और मीनारें चेस के मोहरों जैसी लगती हैं, जबकि इसकी सममित डिजाइन इसे किसी विशाल खेल बोर्ड का रूप दे देती है।

मार्च 2023 में भारतीय रेलवे ने अपने X अकाउंट से एक फोटो पोस्ट की थी जिसमें लिखा था “नवाबों के शहर लखनऊ में स्थित चारबाग रेलवे स्टेशन अपनी शानदार वास्तुकला के लिए मशहूर है। ऊपर से देखने पर इसकी अनोखी बनावट बिल्कुल शतरंज की बिसात जैसी दिखाई देती है।” 

नवाबी अंदाज में बना था यह स्टेशन

1926 में बने इस स्टेशन की डिजाइन में मुगल और नवाबी वास्तुकला की झलक साफ दिखाई देती है। लाल रंग की इमारत, बड़े गुंबद, मेहराबें और मीनारें इसे किसी महल जैसा लुक देती हैं। यही वजह है कि लखनऊ पहुंचने वाले यात्रियों के लिए यह स्टेशन शहर की पहली शाही झलक बन जाता है।

‘चारबाग’ नाम के पीछे भी है कहानी

कभी इस इलाके में बड़ा बाग हुआ करता था। कहा जाता है कि चार अलग-अलग बागों की वजह से इस जगह का नाम “चारबाग” पड़ा। बाद में यहां रेलवे स्टेशन बनाया गया, लेकिन नाम आज भी उसी इतिहास की याद दिलाता है।

सोशल मीडिया पर पर है वायरल

ड्रोन कैमरे और एरियल फोटोग्राफी के दौर में चारबाग स्टेशन की तस्वीरें अक्सर वायरल होती रहती हैं। लोग इसकी तुलना चेसबोर्ड से करते हैं और इसकी डिजाइन देखकर हैरान रह जाते हैं। यही वजह है कि यह स्टेशन सिर्फ यात्रियों के लिए नहीं, बल्कि फोटोग्राफर्स, ट्रैवलर्स और इतिहास प्रेमियों के लिए भी खास आकर्षण बन चुका है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह आर्टिकल

यह आर्टिकल भारत की अनोखी रेलवे विरासत, वास्तुकला और सांस्कृतिक पहचान को सामने लाता है। चारबाग स्टेशन का शतरंज जैसी डिजाइन वाला एरियल व्यू इसे सामान्य रेलवे स्टेशन से अलग बनाता है, जिससे पाठकों को इतिहास, कला और इंजीनियरिंग का रोचक संगम देखने को मिलता है।

Bagesh Yadav
Bagesh Yadav

Senior Executive - Editorial

Bagesh Yadav is a journalist and current affairs analyst with over six years of experience in education journalism, national and international affairs, and digital media. He has contributed to India’s leading knowledge platforms, including Vision IAS and Only IAS, and currently serves in a senior editorial role at Jagranjosh.com, where he leads coverage across the Current Affairs and General Knowledge sections. His expertise spans breaking news, government policy analysis, world affairs, sports updates, science and technology, and visually engaging infographics. Known for his commitment to factual accuracy, editorial integrity, and audience-first storytelling, Bagesh delivers well-researched, accessible, and impactful journalism that serves millions of students, competitive exam aspirants, and informed readers across India.

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First Published: May 26, 2026, 17:30 IST

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