भारत-बांग्लादेश सीमा से जुड़े महत्त्वपूर्ण तथ्य, यहां जानें
भारत और बांग्लादेश ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और भाषाई रूप से भी आपस में जुड़े हुए हैं। बांग्लादेश की नींव रखने में भारत की सैन्य और कूटनीतिक भूमिका ने महत्त्वपूर्ण योगदान दिया था।
भारत के पड़ोसी राज्यों में बांग्लादेश का नाम महत्त्वपूर्ण पड़ोसी राज्यों में आता है। इस देश के साथ भारत सिर्फ भौगोलिक रूप से नहीं जुड़ा है, बल्कि ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और भाषाई रूप से भी इसका अधिक महत्त्व है। साल 1971 में जब बांग्लादेश की नींव पड़ी, तो भारत की सैन्य रणनीति ने अहम भूमिका निभाई। इस लेख में हम भारत और बांग्लादेश सीमा से जुड़े महत्त्वपूर्ण तथ्यों के बारे में जानेंगे।
सबसे लंबी सीमा वाला देश
आपको बता दें कि भारत अपनी लंबी सीमा बांग्लादेश के साथ साझा करता है। इसकी कुल लंबाई 4096.7 किलोमीटर है। इससे भारत के कुल 5 राज्यों की सीमा लगती है, जो कि इस प्रकार हैः
-पश्चिम बंगाल
-असम
-मेघालय
-त्रिपुरा
-मिजोरम
भारत और बांग्लादेश का ऐतिहासिक संबंध
बांग्लादेश को 1971 से पहले पूर्वी पाकिस्तान के नाम से जाना जाता था। पाकिस्तानी सेना के खिलाफ भारत ने बांग्लादेश की ‘मुक्ति वाहिनी’ का साथ दिया। इस कड़ी में 16 दिसंबर, 1971 को पाकिस्तानी सेना के 93,000 सैनिकों ने भारतीय सेना के आगे आत्मसमर्पण कर दिया। इसके बाद बांग्लादेश का गठन हुआ और भारत ने इसे देश के रूप में मान्यता दी।
6 दिसंबर को मनाया जाता है मैत्री दिवस
आपको बता दें कि दोनों देश मिलकर हर साल 6 दिसंबर को मैत्री दिवस मनाते हैं। क्योंकि, यह वह दिन था, जब भारत ने आधिकारिक तौर पर बांग्लादेश को देश के रूप में मान्यता दी थी।
क्या है भू-सीमा समझौता, 2015
भू-सीमा समझौता, 2015 दोनों देशों के बीच इतिहास का सबसे बड़ा और शांतिपूर्ण समझौता कहलाता है। दरअसल, दोनों देशों की सीमा कई ऐसे गांव थे, जो कि बांग्लादेश की सीमा में थे, जिससे उन लोगों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही थीं। इसे देखते हुए साल 2015 में 100वें संविधान संशोधन के माध्यम से भारत-बांग्लादेश ने इन क्षेत्रों में आपस में बदला। इस कड़ी में भारत ने 111 एंक्लेव बांग्लादेश को दिये, जबकि बांग्लादेश ने 51 एंक्लेव भारत को दिये। इससे दोनों देशों की बीच सीमा की समस्या शांतिपूर्ण रूप से हल हो गई।
भारत-बांग्लादेश के बीच परिवहन सेवा
भारत-बांग्लादेश के बीच ट्रेन सेवाएं चलती हैं, जिसमें मैत्री एक्सप्रेस कोलकाता से ढाका, बंधन एक्सप्रेस कोलकाता से खुलना और मिताली एक्सप्रेस न्यू जलपाईगुड़ी से ढाका तक है।
भारत-बांग्लादेश के बीच सैन्य अभ्यास
भारत-बांग्लादेश के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास भी होते रहते हैं, जिसमें हर साल होने वाला सम्प्रीति संयुक्त सैन्य अभ्यास महत्त्वपूर्ण है। इसके अलावा, दोनों देशों की नौसेना मिलकर बोंगोसागर संयुक्त सैन्य अभ्यास का आयोजन करती हैं।
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