भारत की सबसे प्रदूषित नदियों की लिस्ट, देखें यहां

Last Updated: Nov 6, 2025, 19:24 IST

गंगा, यमुना, मीठी और मूसी 2025 में भारत की सबसे प्रदूषित नदियों में बनी हुई हैं। इसका मुख्य कारण भारी मात्रा में सीवेज और औद्योगिक कचरे का बहाव है। हालांकि, मिशन यमुना क्लीन-अप जैसे प्रयासों से अस्थायी राहत मिलती है, लेकिन CPCB के आंकड़ों से पता चलता है कि प्रदूषण का स्तर लगातार ऊंचा बना हुआ है। स्थायी समाधान के लिए नालों की लगातार निगरानी, पूरी तरह से सीवेज का उपचार और न्यूनतम पर्यावरणीय प्रवाह बनाए रखना जरूरी है।

भारत की सबसे प्रदूषित नदियों की लिस्ट, देखें यहां
भारत की सबसे प्रदूषित नदियों की लिस्ट, देखें यहां

भारत, जहां नदियों का एक बड़ा जाल है, पानी के गंभीर प्रदूषण की समस्या से जूझ रहा है। यह प्रदूषण पर्यावरण, लोगों की आजीविका और सार्वजनिक सुरक्षा को नुकसान पहुंचा रहा है। इन नदियों को साफ करने और उन्हें फिर से जीवंत करने की कोशिशों के बावजूद 2025 में भी कई नदियां दुनिया की सबसे प्रदूषित नदियों में शामिल हैं।

औद्योगिक कचरे का बहाव, बिना ट्रीट किया हुआ सीवेज, प्लास्टिक का कचरा और खेती से निकलने वाला गंदा पानी इसके कुछ मुख्य कारण हैं। मिशन यमुना क्लीन-अप जैसे हाल के उपायों ने बहुत ज्यादा प्रदूषित हिस्सों को फिर से जीवंत करने की कोशिश की है। इससे सफलताएं और जारी चुनौतियां, दोनों ही देखने को मिलती हैं।

भारत की सबसे प्रदूषित नदियां (2025)

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, भारत की सबसे प्रदूषित नदियों की सूची नीचे दी गई है:

नदी

किन राज्यों से गुजरती है

मुख्य प्रदूषक

प्रभावित लोग/जीव

गंगा

यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड

मानव अपशिष्ट, बैक्टीरिया, औद्योगिक कचरा

50 करोड़ से ज्यादा इंसान, जलीय जीव

यमुना

दिल्ली, हरियाणा, यूपी

सीवेज, औद्योगिक कचरा, प्लास्टिक

5.7 करोड़ से ज्यादा लोग, जलीय जीवन खतरे में

मीठी

महाराष्ट्र (मुंबई)

सीवेज, रसायन, प्लास्टिक

लाखों लोग, खासकर झुग्गी-बस्तियों में

मूसी

तेलंगाना

दवा कंपनियों का कचरा, सीवेज

किनारे रहने वाले 1 लाख से ज्यादा लोग

साबरमती

गुजरात

खराब सीवेज ट्रीटमेंट, रसायन

अहमदाबाद क्षेत्र में लाखों लोग

पेरियार

केरल

औद्योगिक कचरा

लगभग 55 लाख लोग

तुंगभद्रा

कर्नाटक, आंध्र प्रदेश

खनन, उद्योग, सीवेज

लगभग 1.4 करोड़ लोग

भरालू

असम (गुवाहाटी)

शहर का नगरपालिका कचरा

जलीय जीव, निवासी

कूउम

तमिलनाडु

बिना ट्रीट किया हुआ औद्योगिक/नगरपालिका कचरा

हजारों परिवार

बकिंघम नहर

तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश

सीवेज, औद्योगिक/खेती का कचरा

20,000 लोग, जलीय जीव

रावी

पंजाब, जम्मू-कश्मीर

दवाएं, खेती का कचरा

4-5 करोड़ लोग

यमुना सफाई अभियान: यमुना, जो सबसे पवित्र लेकिन सबसे प्रदूषित नदी है, उसमें 2025 में भी भारी मात्रा में जहरीला कचरा मौजूद है। मिशन यमुना क्लीन-अप जैसे सफाई अभियानों से छठ पूजा से पहले दिल्ली के कुछ घाटों पर काफी सुधार देखा गया है। इसमें सरकारी विभागों ने सीवेज ट्रीटमेंट और नालों की टैपिंग पर ध्यान केंद्रित किया है।

मानसून के बाद के मौसम में झाग और प्रदूषण अपने चरम पर होता है। लेकिन, इस दौरान वजीराबाद बैराज से ज्यादा पानी छोड़े जाने से जहरीले पदार्थों की मात्रा अस्थायी रूप से कम हो जाती है।

विशेषज्ञ कम समय के रासायनिक उपचार के बजाय लंबे समय के समाधानों की मांग कर रहे हैं। इनमें नालों की लगातार निगरानी, सीवेज ट्रीटमेंट का दायरा बढ़ाना और साल भर न्यूनतम पर्यावरणीय प्रवाह बनाए रखना शामिल है।

हालांकि, त्योहारों के दौरान दिल्ली के कुछ हिस्सों में "साफ तौर पर बदलाव" दिखता है, लेकिन एक्टिविस्ट मध्य दिल्ली के इलाकों, जैसे नजफगढ़ नाले और सिग्नेचर ब्रिज क्षेत्र में हमेशा बने रहने वाले झाग और गंदे पानी की ओर ध्यान दिलाते हैं।

CPCB के हालिया आंकड़ों से पता चलता है कि जब पानी का डायवर्जन रुक जाता है, तो यमुना में नीचे की ओर BOD का स्तर (जैविक प्रदूषण का एक माप) सुरक्षित स्तर से ज्यादा हो जाता है। साथ ही, पानी नहाने लायक गुणवत्ता से बहुत दूर बना हुआ है।

भारत में नदियों का गंभीर प्रदूषण जल सुरक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए खतरा है। 2025 में भारत की सबसे प्रदूषित नदियां गंगा, यमुना, मीठी और मूसी हैं। राष्ट्रीय और स्थानीय सफाई के प्रयासों से कुछ राहत मिली है, खासकर यमुना जैसे प्रदूषित हिस्सों में ऐसा है, लेकिन लंबे समय तक चलने वाले बदलाव के लिए लगातार जागरूकता, तकनीकी हस्तक्षेप और नीतियों को सख्ती से लागू करने की जरूरत है। भारत की नदियों को आने वाली पीढ़ियों के लिए बचाने के प्रयास में हर कदम महत्त्वपूर्ण है—चाहे वह नागरिक समाज की जागरूकता हो या सरकारी कार्रवाई।

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Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.

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First Published: Nov 6, 2025, 19:24 IST

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