किस जिले को कहा जाता है ‘राजस्थान का नागपुर’, जानें यहां
राजस्थान देश का सबसे बड़ा राज्य है, जो कि 3,42, 239 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। भारत का यह राज्य अपनी विविध संस्कृति के लिए विख्यात है। इसके अतिरिक्त, यहां एक जिला ऐसा भी है, जिसे ‘राजस्थान का नागपुर’ भी कहा जाता है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे।
राजस्थान देश का सबसे बड़ा राज्य है, जो कि 3,42,239 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इसकी सीमा पाकिस्तान से भी लगती है। भारत का यह राज्य अपनी विविध संस्कृति और अनूठी परंपराओं के लिए विख्यात है। आपने महाराष्ट्र के नागपुर के बारे में जरूर सुना होगा, जो कि संतरों के लिए जाना जाता है। हालांकि, राजस्थान का झालावाड़ जिला ऐसा है, जिसे ‘राजस्थान का नागपुर’ भी कहा जाता है। यहां बड़े पैमाने पर संतरों का उत्पादन होता है, जिससे इस जिले को यह नाम मिला है। इस लेख में हम इस जिले के बारे में विस्तार से जानेंगे।
संतरा उत्पादन में नंबर 1 है झालावाड़ शहर
महाराष्ट्र का नागपुर शहर जिस प्रकार संतरा उत्पादन में नंबर 1 पर आता है, उसी प्रकार राजस्थान का झालावाड़ जिला भी संतरा उत्पादन में नंबर 1 पर गिना जाता है। इस जिले में कुल राज्य का 90 फीसदी उत्पादन होता है। जिले के कई बड़े भूमिभाग पर हमें संतरे के बागान देखने को मिल जाएंगे। इस कड़ी में यहां भवानीमंडी, झालरापाटन और पिड़ावा प्रमुख क्षेत्र हैं।
जिले में है नागपुर जैसी अनुकूल जलवायु
संतरे की कृषि के लिए एक विशेष जलवायु की आवश्यकता होती है, जो कि झालावाड़ जिले में मौजूद है। इस जिले में हाड़ौती के पठार का हिस्सा मौजूद है, जहां ज्वालामुखी द्वारा निर्मित उपजाऊ काली मिट्टी पाई जाती है। इस मिट्टी में लंबे समय तक नमी बनी रहती है, जिससे संतरे की खेती की जा सकती है। वहीं, राजस्थान का यह जिला सर्वाधिक वर्षा वाला जिला भी है। यहां वार्षिक तौर पर औसतन 95 सेंटीमीटर तक बारिश होती है।
जिले में मौजूद है संतरे की बड़ी मंडी
झालावाड़ जिले में भवानीमंडी संतरे के व्यापार का केंद्र कही जाती है। यहां प्रतिदिन कई टन संतरों का व्यापार होता है, जिसे दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों में भेजा जाता है। इसके अतिरिक्त, यहां के संतरों की सप्लाई बांग्लादेश तक होती है।
सरकार ने खोला है सिट्रस एक्सीलेंस सेंटर
राजस्थान के झालावाड़ जिले में संतरों की खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा सिट्र्स एक्सीलेंस सेंटर भी खोला गया है। इसकी मदद से किसानों को वैज्ञानिक बढ़ावा मिल रहा है। क्योंकि, सेंटर की मदद से किसान संतरों की अच्छी किस्म के बुवाई के लिए ट्रेनिंग समेत विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होते हैं।
राजस्थान का परिचय
राजस्थान राज्य का गठन 1 नवंबर, 1956 को किया गया था। राज्य की राजधानी जयपुर है, लेकिन इसका उच्च न्यायालय जोधपुर में स्थित है। राज्य में कुल 33 जिला परिषद्, 11 नगर निगम, 352 पंचायत समितियां और 10 संभाग हैं। राज्य में कुल 50 जिले हैं, हालांकि कुछ जगहों पर इनकी संख्या 41 भी दी गई है। आपको बता दें कि समय-समय पर जिलों का सीमांकन होने की वजह से इनकी संख्या में घटती और बढ़ती रहती है।
-राजकीय पक्षी-गोडवाण
-राजकीय पशु-चिंकारा
-राजकीय पुष्प-रोहिड़ा के फूल
-राजकीय वृक्ष-खेजड़ी
-राजकीय लोक नृत्य-घूमर
-राजकीय घरेलू पशु-ऊंट
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