जापानी दूतावास ने हाल ही में बुलेट ट्रेन (Bullet Train) की पहली आधिकारिक तस्वीरें जारी कीं जिनका उपयोग मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (एमएएचएसआर) परियोजना (MAHSR Project) के लिए किया जाएगा। बुलेट ट्रेन 320 किमी प्रति घंटे की औसत गति से चलेगी, जिसकी शीर्ष गति 350 किमी प्रति घंटा है। यह परियोजना साल 2023 तक पूरी होने की संभावना है।
भारतीय रेल मंत्रालय ने दिसंबर 2009 में "भारतीय रेलवे विजन 2020" तैयार किया था, जिसमें सात मार्गों को प्रस्तावित किया गया था। ये प्रस्तावित मार्ग बुलेट ट्रेन के लिए थे। इस दस्तावेज़ में मुंबई और अहमदाबाद के बीच की लाइन (लगभग 500 किमी लंबी) को नियोजित और निर्माण करने वाला पहला हाई-स्पीड रेलवे सेक्शन घोषित किया गया था। अहमदाबाद और मुंबई के बीच प्रस्तावित हाई स्पीड रेलवे कॉरिडोर दो व्यावसायिक केंद्रों के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा।
मुख्य बिंदु
1- अक्टूबर 2013 में भारत और जापान ने मुंबई और अहमदाबाद के बीच एचएसआर के निर्माण पर संयुक्त व्यवहार्यता अध्ययन के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए थे।
2- एचएसआर कॉरिडोर की अनुमानित लागत 1, 08,000 करोड़ रुपये है।
3- जापान ने परियोजना का लगभग 81% खर्च 0.1% के ब्याज दर पर ऋण देने की पेशकश की है। ऋण को चुकाने की अवधि 50 वर्ष है, जो ऑपरेशन के 16 वें वर्ष से शुरू होगी।
4- बुलेट ट्रेन के रूट पर 12 स्टेशन होंगे, जिनमें अधिकांश मार्ग एलिवेटिड (elevated) होंगे। इसका एक हिस्सा 7 किमी लंबी अंडरसी (undersea) सुरंग के माध्यम से चलेगा।
5- ट्रेन की अधिकतम डिज़ाइन गति 350 किमी प्रति घंटे और अधिकतम परिचालन गति 320 किमी प्रति घंटे होगी।
6- 750 सीटों वाली बुलेट ट्रेन अगस्त 2022 से चलने की संभावना है।
क्या भारत को बुलेट ट्रेन की आवश्यकता है?
1- उच्च गति कनेक्टिविटी (High-speed connectivity): भारत एक विशाल देश है और भाग-दौड़ वाली जिंदगी में तेजी से यात्रा करना ज़रूरी हो गया है। हालांकि, हवाई परिवहन ऐसी जरूरतों को पूरा कर सकता है, लेकिन रेल यात्रा हवाई यात्रा से सस्ती है। बुलेट ट्रेन की अधिकतम परिचालन गति 320 किमी प्रति घंटा होगी जो ज़्यादा दूरी को कम समय में तय करने में सक्षम होगी।
2- भारतीय रेलवे पर कम तनाव (Less stress on the Indian Railways): पारंपरिक भारतीय रेलवे अपने बुनियादी ढांचे और सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण में काफी हद तक पिछड़ जाता है। बुलेट ट्रेनों के आगमन के साथ भारतीय रेलवे पर तनाव कम हो जाएगा।
3- रोजगार (Employment): बुलेट ट्रेन परियोजना से 20,000 अप्रत्यक्ष नौकरियों के साथ 4,000 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन की स्थापना अवधि के दौरान 20,000 निर्माण श्रमिकों को भी नियोजित किया जाएगा।
4- शहरीकरण (Urbanization): बुलेट ट्रेन के मार्ग के साथ बनने वाले नए बुलेट ट्रेन स्टेशन शहरी विकास में मदद करेंगे।
5- पर्यावरण के अनुकूल (Environment friendly): पर्यावरण प्रदूषण और जीवाश्म ईंधन के क्षरण पर बढ़ती चिंताओं के मद्देनज़र, बुलेट ट्रेन ऊर्जा-कुशल (energy efficient) और पर्यावरण के अनुकूल (environment friendly) है। ये उच्च गति वाली इलेक्ट्रिक ट्रेनें ऑटोमोबाइल के मुकाबले कार्बन डाइऑक्साइड का एक-आठवां हिस्सा और हवाई जहाज के मुकाबले कार्बन डाइऑक्साइड का एक-पांचवां हिस्सा उत्सर्जन करता है।
6- सुरक्षा में बढ़ावा (Enhanced Safety): हाई-स्पीड रेलवे का सुरक्षा रिकॉर्ड उल्लेखनीय है। 2,500 किलोमीटर के नेटवर्क के साथ, प्रति घंटे 14 ट्रेनों को उच्च आवृत्ति प्रदान करते हुए शिंकानसेन (जापान की बुलेट ट्रेन) ने अपनी स्थापना के बाद से कोई भी घातक दुर्घटना का अनूठा रिकॉर्ड नहीं बनाया है।
अत: उक्त कारणों की वजह से भारत को बुलेट ट्रेन की आवश्यकता है। बुलेट ट्रेन भारतीय रेल को नई दिशा दे सकती है और विकसित भारत का प्रतीक बन सकती है।
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