सच बोलना और जिंदगी साधारण जीना…नाना पाटेकर दे गए कुछ बड़े सबक, जो हर किसी को सीखना चाहिए!

Last Updated: Oct 8, 2026, 17:41 IST

दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 8 अक्टूबर 2026 को निधन हो गया, उन्होंने गोवा में अंतिम सांस ली। अभिनय के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के साथ कई अवॉर्ड मिले। चलिए उनके जीवन से मिलने वाली कुछ प्रेरणादायक बातों के बारे में जानते हैं।  

हर गुस्से के पीछे गुस्सा नहीं, कभी-कभी डर भी होता है
हर गुस्से के पीछे गुस्सा नहीं, कभी-कभी डर भी होता है

छोटे शहर और सीमित साधनों से निकलकर बड़ा मुकाम हासिल करना आसान नहीं होता। नाना पाटेकर की जिंदगी इसी संघर्ष, आत्मविश्वास और लगातार सीखते रहने की कहानी रही है, जिनका 8 अक्टूबर 2026 को निधन हो गया। हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता ने अपने अभिनय से करोड़ों लोगों का दिल जीता, लेकिन उनकी बातें और जीवन के अनुभव लोगों और छात्रों के लिए भी उतने ही प्रेरणादायक हैं। 

एक छोटे से गांव से शुरू हुआ था सफर

नाना पाटेकर का सफर मुरुड-जंजीरा के एक छोटे से गांव से शुरू हुआ था। बचपन में जब वह शहर पहुंचे और दूसरे बच्चों को फर्राटेदार अंग्रेजी बोलते देखा, तो उन्हें खुद को लेकर झिझक महसूस हुआ। लेकिन जिस बच्चे को कभी अंग्रेजी बोलने वाले बच्चों के सामने हीन भावना होती थी, वही आगे चलकर भारतीय सिनेमा का एक जाना-पहचाना नाम बना।

अभिनय के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, चार फिल्मफेयर पुरस्कार, कई महाराष्ट्र राज्य फिल्म पुरस्कार और पद्मश्री जैसे सम्मान मिले। चलिए उनके जीवन से मिलने वाली कुछ प्रेरणादायक बातों के बारे में जानते हैं। 

1. विदेश जाएं, लेकिन अपनी जड़ों को न भूलें

नाना पाटेकर ने किसी कार्यक्रम में छात्रों से कहा था कि यदि वे बेहतर शिक्षा और अवसरों के लिए विदेश जाना चाहते हैं तो जरूर जाएं, लेकिन अपने देश और समाज से जुड़े रहना भी जरूरी है। उनका मानना था कि जिस देश ने हमें शिक्षित होने का अवसर दिया, उसकी कमियों को दूर करने में भी हमारी भूमिका होनी चाहिए। 

2. हर गुस्से के पीछे गुस्सा नहीं, कभी-कभी डर भी होता है

नाना पाटेकर ने अपने बचपन का अनुभव साझा करते हुए बताया था कि उन्होंने पांचवीं कक्षा में अंग्रेजी के ABC सीखना शुरू किया था। गांव से शहर आने के बाद जब उन्होंने बच्चों को फर्राटेदार अंग्रेजी बोलते देखा, तो उनके भीतर हीन भावना और डर पैदा हुआ।

वह बताते थे कि कई बार यही डर उन्हें छोटी-सी बात पर आक्रामक बना देता था। यानी बाहर से दिखाई देने वाला गुस्सा हमेशा गुस्सा नहीं होता, उसके पीछे असुरक्षा या डर भी छिपा हो सकता है।

3. अच्छे शिक्षक की सख्ती से डरें नहीं

कुछ शिक्षक सख्त होते हैं और उनकी डांट या नाराजगी छात्रों को डराने वाली लग सकती है। लेकिन नाना पाटेकर का मानना था कि शिक्षक का उद्देश्य छात्रों को डराना नहीं, बल्कि उन्हें बेहतर बनाना होता है।

उनकी सोच सिर्फ शिक्षा तक सीमित नहीं थी। वे यह भी मानते थे कि जिंदगी में केवल चीजें जमा करने के बजाय दूसरों को कुछ देने की कोशिश करनी चाहिए। यही सोच जीवन को वास्तव में खूबसूरत बनाती है।

4. आत्मविश्वास का मतलब हमेशा नंबर-1 होना नहीं है

आत्मविश्वास को अक्सर सबसे आगे रहने, सबसे ज्यादा अंक लाने या हर प्रतियोगिता जीतने से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन नाना पाटेकर की सोच इससे अलग थी।

5. किताबों से बाहर की दुनिया भी बहुत कुछ सिखाती है

किताबी ज्ञान जरूरी है, लेकिन नाना पाटेकर का मानना था कि सिर्फ किताबों तक सीमित रहकर जिंदगी को पूरी तरह नहीं समझा जा सकता।

दुनिया को देखना, लोगों से मिलना, अलग-अलग परिस्थितियों का सामना करना और अपने आसपास की चीजों को समझना भी सीखने का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अनुभव कई ऐसी बातें सिखाता है, जो किसी किताब में नहीं मिलतीं।

6. मुश्किलें जिंदगी का हिस्सा हैं, इनसे भागना नहीं चाहिए

नाना पाटेकर की जिंदगी का एक बड़ा सबक संघर्ष को लेकर भी है। उनका मानना था कि सफलता के लिए इंसान को तपना पड़ता है। मेहनत और संघर्ष के बिना बड़ी उपलब्धियां हासिल करना आसान नहीं। यही सब बातें नाना पाटेकर की जिंदगी की सबसे बड़ी सीखों में से एक हैं।

नहीं रहे दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर, क्या था असली नाम, कारगिल वार से था खास नाता

Bagesh Yadav
Bagesh Yadav

Senior Executive - Editorial

Bagesh Yadav is a journalist and current affairs analyst with over six years of experience in education journalism, national and international affairs, and digital media. He has contributed to India’s leading knowledge platforms, including Vision IAS and Only IAS, and currently serves in a senior editorial role at Jagranjosh.com, where he leads coverage across the Current Affairs and General Knowledge sections. His expertise spans breaking news, government policy analysis, world affairs, sports updates, science and technology, and visually engaging infographics. Known for his commitment to factual accuracy, editorial integrity, and audience-first storytelling, Bagesh delivers well-researched, accessible, and impactful journalism that serves millions of students, competitive exam aspirants, and informed readers across India.

... Read More
First Published: Oct 8, 2026, 17:20 IST

आप जागरण जोश पर भारत, विश्व समाचार, खेल के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए समसामयिक सामान्य ज्ञान, सूची, जीके हिंदी और क्विज प्राप्त कर सकते है. आप यहां से कर्रेंट अफेयर्स ऐप डाउनलोड करें.

Trending

Latest Education News