जानें क्या है स्मेलीकॉप्टर (Smellicopter) और इसमें एक कीड़े के शरीर का हिस्सा क्यों इस्तेमाल किया गया है?

Feb 1, 2021, 17:41 IST

स्मेलीकॉप्टर (Smellicopter) एक ऐसा उपकरण है जो गंध (smell) पहचानने का काम करता है। ये एक स्वायत्त ड्रोन है जो गंध से नेविगेट करने के लिए एक पतंगे के एंटीना का उपयोग करता है।

Smellicopter
Smellicopter

शोधकर्ता ऐसे उपकरणों को विकसित करने में रुचि रखते हैं जो गैस लीक, विस्फोट आदि आपदाओं  के सर्वाइवर्स का पता लगाने के लिए हवा में मौजूद रसायनों को सूँघकर नेविगेट कर सकें। लेकिन मनुष्यों द्वारा बनाए गए अधिकांश सेंसर संवेदनशील या तेज़ नहीं होते हैं। इसी दिशा में वैज्ञानिकों ने स्मेलीकॉप्टर (Smellicopter) बनाया है।

वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी में मेकेनिकल इंजनियरिंग की डॉक्टोरल छात्रा और इस अध्ययन की प्रमुख लेखिका मेलिनी एंडरसन का यह शोध 1 अक्टूबर 2020 को आईओपी बायोइंस्पिरेशन एंड बायोमेट्रिक्स जर्नल में प्रकाशित हुआ था।

क्या है स्मेलीकॉप्टर (Smellicopter)?

स्मेलीकॉप्टर (Smellicopter) एक ऐसा उपकरण है जो गंध (smell) पहचानने का काम करता है। ये एक स्वायत्त ड्रोन है जो गंध से नेविगेट करने के लिए एक पतंगे के एंटीना का उपयोग करता है। शोधकर्ताओं ने ड्रोन पर दो प्लास्टिक के पंखों को भी जोड़ा है, जिससे इसे लगातार हवा में उड़ने में मदद मिल सके। इसकी एक और खासियत ये है कि ये बाधाओं से बचकर लक्ष्य तक पहुंचने में सक्षम है।

मेलिनी के अनुसार, "प्रकृति मानव निर्मित गंध संवेदकों को हमेशा गलत साबित करती रही है। स्मेलीकॉप्टर (Smellicopter) के साथ एक वास्तविक कीट एंटीना का उपयोग करके, हम रोबोटिक प्लेटफॉर्म पर जैविक जीव की संवेदनशीलता लाने में सक्षम हैं और इसकी गतिविधि को नियंत्रित भी कर सकते हैं।"

वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी में बायोलॉजी के प्रोफेसर और इस प्रयोग के सह-निरीक्षक थॉमस डेनिएल के अनुसार, "एक कीट के एंटीना में सेल होते हैं जो रासायनिक संकेतों को बढ़ाते हैं। पतंगे इसे वास्तव में कुशलता से करते हैं - एक सुगंधित अणु बहुत अधिक सेलुलर प्रतिक्रियाओं को ट्रिगर कर सकता है। यह प्रक्रिया सुपर कुशल, विशिष्ट और तेज है।"

इस प्रयोग के लिए किस पतंगे का एंटीना इस्तेमाल किया गया है?

इस प्रयोग के लिए मांडुका सेक्स्टा हौवेकोथ (Manduca sexta hawkmoth) के एंटीना का इस्तेमाल किया गया है।  

किन पतंगों के एंटीना को निकाला गया है?

इस प्रयोग में उन पतंगों के एंटीना का इस्तेमाल किया गया है जिन्हें फ्रिज में एनेस्थीसिया (Anaesthsia) दिया गया था। आपको जानकर हैरानी होगी कि शरीर से निकालने के 4 घंटों बाद भी पतंगों का एंटीना सक्रिय रहता है और फ्रिज में एंटीना रखकर इस अवधि को बढ़ाया जा सकता है। 

इस प्रयोग में केवल पतंगों का ही एंटीना क्यों इस्तेमाल किया गया है?

इस प्रयोग में  पतंगों का ही एंटीना इसलिए इस्तेमाल किया गाय है क्योंकि उनके एंटीना किसी भी मानव निर्मित गंध डिटेक्टरों की तुलना में बहुत तेज और अधिक प्रभावी रूप से गंध को सूंघकर विद्युत आवेगों (Electrical impulses) में परिवर्तित कर सकते हैं।

स्मैलीकॉप्टर गंध को कैसे सूंधता है?

स्मेलिकॉप्टर बाईं ओर जाकर एक विशिष्ट दूरी के लिए अपनी खोज शुरू करता है। यदि कोई विशिष्ट गंध सीमा पार नहीं करती है, तो स्मेलिकॉप्टर उसी दूरी के लिए दाईं ओर बढ़ता है। एक बार जब यह एक गंध का पता लगा लेता है, तो यह अपने उड़ान पैटर्न को बदल देता है।

ये चार इंफ्रारेड सेंसर की मदद से बाधाओं से बचता है। ये सेंसर प्रत्येक 10 सेकंड में मापते हैं कि इसके आसपास क्या है। जब ड्रोन से आठ इंच (20 सेंटीमीटर) की दूरी के बीच कुछ आता है, तो यह अपने कास्ट-एंड-सर्ज प्रोटोकॉल के अगले चरण में जाकर दिशा बदल लेता है।

मेलिनी एंडरसन के अनुसार, "अगर स्मेलिकॉप्टर बाईं ओर कास्टिंग कर रहा था और अब बाईं ओर कोई बाधा है, तो यह दाईं ओर कास्टिंग करने लगेगा। अगर  स्मेलिकॉप्टर को गंध आती है, लेकिन इसके सामने एक बाधा है, तो यह बाईं या दाईं ओर कास्टिंग जारी रखेगा और तब तक आगे बढ़ने में सक्षम नहीं होगा जब तक कि इसके रास्ते में कोई बाधा न हो।"

क्या स्मेलीकॉप्टर को जीपीएस (GPS) की आवश्यकता है?

शोधकर्ताओं के अनुसार, स्मेलीकॉप्टर को जीपीएस (GPS) की आवश्यकता नहीं है। ये कीड़ों की भांति अपने आस-पास के वातावरण का कैमरे द्वारा सर्वेक्षण करता है। इस वजह से स्मेलीकॉप्टर खानों या पाइपों जैसे इनडोर या भूमिगत स्थानों की खोज के लिए अच्छी तरह से अनुकूल है।

एंटीना के दोनों छोर में छोटे तारों को जोड़कर, शोधकर्ता इसे एक विद्युत सर्किट से जोड़ने और एंटीना में सभी कोशिकाओं से औसत संकेत को मापने में सक्षम थे। टीम ने इसकी तुलना एक सामान्य मानव निर्मित सेंसर से की। दोनों सेंसर को पवन सुरंग (wind tunnel) के एक छोर पर रखा गया। एंटीना ने अधिक तेज़ी से एक पुष्प और इथेनॉल की खुशबू  पर प्रतिक्रिया की।

यू डब्लू (UW) शोध प्रयोगशाला में टेस्ट के दौरान स्मेलीकॉप्टर उन गंध की दिशा में उड़ने लगा जो पतंगों को पसंद आती है, जैसे की फूलों की खुशबू। हालांकि, शोधकर्ताओं का कहना है कि आने वाले समय में इसका प्रयोग कार्बन डाइऑक्साइड को भांपने में किया जाएगा जिससे की आपात स्थिति में फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके। इतना ही नहीं, ये आने वाले समय में एक अस्पष्टीकृत डिवाइस के रासायनिक केमिकल्स को भी पहचान सकेगा। 

Arfa Javaid
Arfa Javaid

Content Writer

Arfa Javaid is an academic content writer with 2+ years of experience in in the writing and editing industry. She is a Blogger, Youtuber and a published writer at YourQuote, Nojoto, UC News, NewsDog, and writers on competitive test preparation topics at jagranjosh.com

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