झारखंड नहीं, यह है भारत में कोयले का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य

Last Updated: Aug 13, 2026, 13:18 IST

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 में ओडिशा ने करीब 269.71 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया। यानी देश में पैदा हुए हर 100 टन कोयले में लगभग 26 टन ओडिशा से आया।

ओडिशा में कहां से निकलता है इतना कोयला?
ओडिशा में कहां से निकलता है इतना कोयला?

भारत की बिजली, स्टील और भारी उद्योगों की कहानी में कोयले की भूमिका आज भी बेहद बड़ी है। लेकिन जब बात आती है कि देश में सबसे ज्यादा कोयला कौन पैदा करता है और सबसे बड़ा कोयला संसाधन किस राज्य के पास है, तो एक नाम सबसे आगे ओडिशा का नाम आता है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 में ओडिशा ने करीब 269.71 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया। यानी देश में पैदा हुए हर 100 टन कोयले में लगभग 26 टन ओडिशा से आया। इतना ही नहीं, 1 अप्रैल 2025 तक राज्य के पास करीब 100.98 अरब टन के कुल अनुमानित कोयला संसाधन थे।

उत्पादन में ओडिशा सबसे आगे

FY 2024-25 में भारत का कुल कोयला उत्पादन करीब 1,047.69 मिलियन टन रहा। इसमें ओडिशा की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा रही।

ओडिशा: 269.71 मिलियन टन

झारखंड: 206.18 मिलियन टन

छत्तीसगढ़: 204.94 मिलियन टन

मध्य प्रदेश: 167.56 मिलियन टन

ऐसे में कह सकते है कि ओडिशा ने दूसरे नंबर पर रहे झारखंड से करीब 63.5 मिलियन टन ज्यादा कोयला पैदा किया।

सिर्फ उत्पादन नहीं, संसाधनों में भी नंबर-1

1 अप्रैल 2025 तक भारत के कुल अनुमानित कोयला संसाधन करीब 400.715 अरब टन थे। इनमें सबसे बड़ा हिस्सा ओडिशा के पास है।

राज्य

कुल कोयला संसाधन

ओडिशा

100.98 अरब टन

झारखंड

93.25 अरब टन

छत्तीसगढ़

85.26 अरब टन

पश्चिम बंगाल

34.39 अरब टन

मध्य प्रदेश

33.56 अरब टन

ओडिशा में कहां से निकलता है इतना कोयला?

ओडिशा के कोयला उत्पादन की रीढ़ मुख्य रूप से तालचेर और आईब वैली कोयला क्षेत्र हैं। तालचेर, अंगुल जिले में स्थित है और देश के बड़े कोयला क्षेत्रों में गिना जाता है।

दूसरी ओर आईब वैली पश्चिमी ओडिशा में झारसुगुड़ा और आसपास के इलाकों में फैला है और राज्य की ऊर्जा व औद्योगिक जरूरतों में अहम योगदान देता है। 

एक साल में उत्पादन में बड़ी छलांग

कोयला मंत्रालय द्वारा जारी किये गए आकड़ों के अनुसार, ओडिशा का कोयला उत्पादन FY 2023-24 में करीब 239.40 मिलियन टन था। अगले साल यह बढ़कर 269.71 मिलियन टन पहुंच गया। यानी सिर्फ एक साल में उत्पादन में करीब 12.7% की बढ़ोतरी हुई।

मापे गए संसाधन (Measured resources) में झारखंड आगे

कुल संसाधनों में ओडिशा नंबर-1 है, लेकिन Measured कैटेगरी में झारखंड के पास करीब 60.29 अरब टन संसाधन हैं, जबकि ओडिशा के पास करीब 55.01 अरब टन।

लेकिन जब Measured + Indicated + Inferred सभी श्रेणियों को जोड़ा जाता है, तो ओडिशा का कुल संसाधन आधार करीब 100.98 अरब टन पहुंच जाता है और वह देश में सबसे आगे निकल जाता है।

2025-26 के आंकड़े अभी पूरे नहीं

वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से नवंबर 2025 के बीच भारत ने करीब 619.40 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया था। लेकिन पूरे साल के समान आधार वाले राज्यवार आंकड़े उपलब्ध नहीं होने के कारण राज्यों की तुलना के लिए अभी FY 2024-25 के पूर्ण आंकड़े सबसे बेहतर आधार हैं।

आज ओडिशा भारत के कोयला उत्पादन में सबसे आगे है और उसके पास देश का सबसे बड़ा कुल अनुमानित कोयला संसाधन आधार भी है।

Bagesh Yadav
Bagesh Yadav

Senior Executive - Editorial

Bagesh Yadav is a journalist and current affairs analyst with over six years of experience in education journalism, national and international affairs, and digital media. He has contributed to India’s leading knowledge platforms, including Vision IAS and Only IAS, and currently serves in a senior editorial role at Jagranjosh.com, where he leads coverage across the Current Affairs and General Knowledge sections. His expertise spans breaking news, government policy analysis, world affairs, sports updates, science and technology, and visually engaging infographics. Known for his commitment to factual accuracy, editorial integrity, and audience-first storytelling, Bagesh delivers well-researched, accessible, and impactful journalism that serves millions of students, competitive exam aspirants, and informed readers across India.

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First Published: Aug 13, 2026, 13:18 IST

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