भारत के किस राष्ट्रपति को कहा जाता था ‘बिहार का गांधी’, जानें नाम

Last Updated: Jan 21, 2026, 17:59 IST

राष्ट्रपति देश का प्रथम नागरिक होता है। साथ ही, वह तीनों सेनाओं को सर्वोच्च कमांडर भी होता है। आपने भारत के अलग-अलग राष्ट्रपतियों के बारे में पढ़ा और सुना होगा। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि किस राष्ट्रपति को ‘बिहार का गांधी’ भी कहा जाता है। इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।

बिहार का गांधी
बिहार का गांधी

भारत में राष्ट्रपति देश का प्रथम नागरिक होता है। साथ ही, वह देश की तीनी सेनाओं का सर्वोच्च कमांडर भी होता है। देश में सभी प्रमुख सरकारी फैसले राष्ट्रपति के नाम पर ही होते हैं। भारत में अभी तक 15 राष्ट्रपति हुए हैं।

इनमें से कुछ राष्ट्रपतियों को उनके मूल नाम के अलावा एक उपनाम से भी जाना जाता है। ऐसे में क्या आप जानते हैं कि भारत के वह कौन-से राष्ट्रपति हैं, जिन्हें  ‘बिहार का गांधी’ भी कहा जाता है। यदि आप नहीं जानते हैं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे। 

किस राष्ट्रपति को कहा जाता था ‘बिहार का गांधी’

सबसे पहले हम यह जान लेते हैं कि किस राष्ट्रपति को  ‘बिहार का गांधी’ का भी कहा जाता था। आपको बता दें कि डॉ. राजेंद्र प्रसाद को ‘बिहार का गांधी’ कहा जाता था।

क्यों कहा जाता था ‘बिहार का गांधी’

डॉ. राजेंद्र प्रसाद को ‘बिहार का गांधी’ कहने के पीछे कई कारण हैं, जो कि निम्नलिखित हैः 

चंपारण सत्याग्रह से जुड़े थे राजेंद्र प्रसाद

डॉ. राजेंद्र प्रसाद बिहार के रहने वाले थे और वह 1917 के गांधी जी के चंपारण सत्याग्रह में गांधी जी से मिले थे। उन्होंने महात्मा गांधी से प्रभावित होकर अपनी वकालत छोड़ दी थी और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ गए थे।

गांधी की तरह थी सादगीपूर्ण जीवनशैली 

डॉ. राजेंद्र प्रसाद अपने जीवन को महात्मा गांधी की तरह सादगीपूर्ण जीवन जीने के लिए जाने जाते थे। वह गांधी की तरह ही विचार रखते थे। भारत का पहला राष्ट्रपति बनने के बाद भी वह अपने वेतन का बहुत ही कम हिस्सा लेते थे। ऐसे में लोग उन्हें नैतिकता के मामले में गांधी की तरह मानते थे। 

भूकंप के दौरान की लोगों की मदद

साल 1934 में बिहार में भूकंप आया था। इस दौरान जान-माल का नुकसान हुआ था। ऐसे में राजेंद्र प्रसाद ने लोगों की सेवा की थी। साथ ही, उन्होंने बिहार में खादी का भी प्रचार करने के साथ छुआछूत के खिलाफ आवाज उठाई थी।

गांधी से मेल खाते थे विचार

डॉ. राजेंद्र प्रसाद और महात्मा गांधी में वैचारिक समानता भी देखी गई है। जिस तरह गांधी स्वदेशी, ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता के मामले में विचार रखते थे, ठीक वैसे ही डॉ. राजेंद्र प्रसाद के विचार भी थे। उन्होंने इन विचारों का बिहार में नेतृत्व किया, जिस वजह से उन्हें  ‘बिहार का गांधी’ कहा गया। 

रोचक तथ्यः आपको बता दें कि डॉ. राजेंद्र प्रसाद को ‘देशरत्न’ और ‘अजातशत्रु’ जैसे नामों से भी जाना जाता है। क्योंकि, उनके सौम्य व्यवहार की वजह से कोई भी व्यक्ति उनसे ईर्ष्या नहीं रखता था। इस वजह से उन्हें ‘अजातशत्रु’ कहा गया।

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Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.

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First Published: Jan 21, 2026, 17:59 IST

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