दुनिया की सबसे लंबी किताब, जिसमें लिखे हैं 12 लाख से अधिक शब्द, जानें यहां
किताबों को इंसान का सबसे अच्छा दोस्त माना जाता है। आपने अलग-अलग किताबों को पढ़ा और कुछ किताबों के बारे में सुना होगा। हालांकि, क्या आप दुनिया की सबसे लंबी किताब के बारे में जानते हैं, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
इतिहास उठाकर देखें, तो इंसान और किताबों का रिश्ता बहुत पुराना रहा है। किताबें न सिर्फ ज्ञान का स्रोत होती हैं, बल्कि ये मनुष्य को जीवन में सही राह दिखाने के साथ-साथ अनुशासन और निरंतरता को ढालने में मदद करती हैं।
यही वजह है कि किताबों को इंसान का सबसे अच्छा दोस्त कहा जाता है, जो कि कम शब्दों में लोगों को जीवन की बड़ी सीख दे जाती हैं। हालांकि, दुनिया में कुछ किताबें अधिकतम शब्दों की क्षमता के लिए भी जानी जाती हैं।
इनमें से ही एक ऐसी किताब है, जिसमें 12 लाख से अधिक शब्द दर्ज हैं। इस किताब को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड में दुनिया की सबसे लंबी Novel का खिताब भी मिला है। कौन-सी है यह किताब और कौन हैं इसके लेखक, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
कौन-सी है सबसे लंबी किताब
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के मुताबिक, In Search of Lost Time को दुनिया की सबसे लंबी किताब माना जाता है। इस किताब के लेखक फ्रांसीसी लेखक मार्सेल प्राउस्ट हैं।
किताब में हैं 12 लाख से अधिक शब्द
आपको यह जानकर हैरानी होगी कि इस किताब में 12, 67,069 शब्द लिखे गए हैं। वहीं, इनमें से करीब 9,609,00 शब्द बिना स्पेस के हैं। किताब को 7 खंडों में विभाजित किया गया है और यह अपने मनोविज्ञान के लिए जानी जाती है।
कितने समय में लिखी गई है किताब
मार्सेल प्राउस्ट ने इस किताब को 1909 में लिखना शुरू किया था। उन्होंने अपनी मृत्यु तक इस किताब को लिखा है। साल 1922 उनके द्वारा इस किताब को लिखना जारी रहा था। प्राउस्ट की मृत्यु के बाद इस किताब के तीन खंडों को प्रकाशित किया गया था।
कौन हैं मार्सल प्राउस्ट
मार्सल प्राउस्ट को एक उपन्यासकार, निबंधकार और आलोचक के रूप में जाना जाता है। वह मूल रूप से फ्रांस के रहने वाले हैं। इस किताब को लिखते-लिखते 51 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। प्राउस्ट इस किताब को लिखते-लिखते एकांत हो गए थे। उन्होंने अपनी कमरे की दीवारों पर कॉर्क तक लगवा दिया था, जिससे बाहर का शोर अंदर न आ सके और वह शांति से इस किताब को पूरा कर सके।
किताब की मुख्य विशेषताएं क्या हैं ?
- इस किताब में प्राउस्ट द्वारा एक उदाहरण दिया है, जिसमें उन्होंने ‘मेडलीन’ यानि कि एक छोटी मिठाई को चाय में डुबोकर खाने के बारे में बात लिखी है। इससे लेखक अपने बचपन की यादों में खो जाता है। इसे साहित्य में ‘Proustian Moment’ के नाम से जाना जाता है।
- यह किताब इस बारे में है कि समय कैसे बीतता है, लेकिन हम अपनी यादों के द्वारा बिताए गए पलों को कैसे प्राप्त कर सकते हैं।
- इस पुस्तक में कुछ वाक्यों को बहुत ही लंबा और जटिल लिखा गया है। ये वाक्य कई पन्नों तक हैं, जो पाठकों की एकाग्रता की परीक्षा लेते हैं।
- इस किताब को Remembrance of things past के नाम से भी जाना जाता है।
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