1. Home
  2. Hindi
  3. Life science data Center: 'इंडियन बायोलॉजिकल डेटा सेंटर' के पहले नेशनल रिपॉजिटरी का उद्घाटन, जानें इसके बारे में

Life science data Center: 'इंडियन बायोलॉजिकल डेटा सेंटर' के पहले नेशनल रिपॉजिटरी का उद्घाटन, जानें इसके बारे में

Life science data Center: केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने हाल ही में लाइफ साइंस डेटा-'इंडियन बायोलॉजिकल डेटा सेंटर' के पहले रिपॉजिटरी को देश को समर्पित किया है. जानें इसके बारे में

 'इंडियन बायोलॉजिकल डेटा सेंटर' के पहले नेशनल रिपॉजिटरी का उद्घाटन
'इंडियन बायोलॉजिकल डेटा सेंटर' के पहले नेशनल रिपॉजिटरी का उद्घाटन

Life science data Center: केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने हाल ही में लाइफ साइंस डेटा-'इंडियन बायोलॉजिकल डेटा सेंटर' (IBDC) के पहले रिपॉजिटरी (राष्ट्रीय भंडार कोष) को देश को समर्पित किया है. यह रिपॉजिटरी का उद्घाटन फरीदाबाद, हरियाणा में किया गया है. 

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बायो बायोटेक-प्राइड के गाइडलाइन के अनुसार भारत में सार्वजनिक रूप से वित्त पोषित अनुसंधान केन्द्रों से प्राप्त डेटा को आईबीडीसी के तहत कलेक्ट किया जाना अनिवार्य कर दिया गया है.

बायोटेक-प्राइड (डेटा एक्सचेंज के माध्यम से अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देना) गाइडलाइन जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी), विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा जारी किया गया था.    

नेशनल रिपॉजिटरी के बारे में:

  • इसे जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) के सहयोग से स्थापित किया गया है. इसे राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC), भुवनेश्वर के डेटा 'आपदा रिकवरी' साइट के साथ क्षेत्रीय जैव प्रौद्योगिकी केंद्र (RCB) के तहत स्थापित किया गया है.
  • इस डेटा सेंटर की डेटा भंडारण क्षमता लगभग 4 पेटाबाइट की है. साथ ही इसमे 'ब्रह्म' (Brahm) हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग (HPC) की सुविधा उपलब्ध है.
  • यह पर शोधकर्ताओं के लिए IBDC में  कम्प्यूटेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर की भी सुविधा प्रदान की गयी है. 
  • इस डेटा सेंटर पर यूजर अपनी रिक्वेस्ट support@ibdc.rcb.res.in पर भेज कर इस डेटा केंद्र से संपर्क कर सकते हैं.

नेशनल रिपॉजिटरी का महत्व:

इस तरह के नेशनल रिपॉजिटरी की स्थापना से देश में बायोलॉजिकल डेटा के कलेक्शन की सुविधा प्रदान होगी साथ ही इन डेटा का एक्सेस भी आसान होगा. इन डेटा के एक स्थान पर कलेक्शन से इनका उपयोग किसी भी कार्य में आसानी से किया जा सकता है.     

न्यूक्लियोटाइड डेटा सबमिशन सर्विस:

केन्द्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि आईबीडीसी ने दो डेटा पोर्टलों की मदद से न्यूक्लियोटाइड डेटा सबमिशन सर्विस भी शुरू कि गयी है. जिनमे 'इंडियन न्यूक्लियोटाइड डेटा संग्रहालय और 'इंडियन न्यूक्लियोटाइड डेटा आर्काइव-कंट्रोल्ड एक्सेस शामिल है जिनकी देश भर में 50 से अधिक शोध प्रयोगशालायें है. ये सेंटर 2,08,055 सबमिशन के साथ 200 बिलियन से अधिक बेस कलेक्ट कर चुके है.

ये केंद्र आईएनएसएसीओजी (INSACOG) प्रयोगशालाओं द्वारा प्राप्त जीनोमिक निगरानी डेटा के लिए ऑनलाइन 'डैशबोर्ड' की भी व्यवस्था करता है. इस डैशबोर्ड की मदद से भारत भर में अनुकूलित डेटा सबमिशन ओर उनका एक्सेस, डेटा विश्लेषण सेवाएं और रीयल-टाइम एक्सेस प्रदान किया जाता है.

इसे भी पढ़े

पीएम मोदी ने दक्षिण भारत की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस को दिखाई हरी झंडी, जाने पीएम के बेंगलुरु दौरे के बारे में