कॉलेज में पढ़ते समय रहने के लिए सही जगह का चुनाव कैसे करें ?

हायर स्टडीज के लिए कॉलेज में पढ़ाई करना अनिवार्य है.लेकिन हर किसी को अपने निवास स्थान पर ही अपने स्ट्रीम के अनुकूल कॉलेज नहीं मिल पाता है.

Oct 20, 2017 17:17 IST
Modified On: Oct 31, 2017 17:56 IST
How To Find The Perfect Accommodation in College?
How To Find The Perfect Accommodation in College?

हायर स्टडीज के लिए कॉलेज में पढ़ाई करना अनिवार्य है.लेकिन हर किसी को अपने निवास स्थान पर ही अपने स्ट्रीम के अनुकूल कॉलेज नहीं मिल पाता है. इसलिए अपने स्ट्रीम के अच्छे कॉलेज की तलाश में छात्रों को अपना घर छोड़कर किसी अनजान शहर में अपने लिए रहने की व्यवस्था करनी पड़ती है. बहुत सारे कॉलेज अपने परिसर में ही छात्रावास की सुविधा प्रदान करते हैं. इसके अतिरिक्त छात्र पीजी और निजी फ्लैटों जैसे ऑफ-कैम्पस विकल्पों का भी प्रयोग करते हैं. यूँ तो सही आवास की व्याख्या हर किसी के आर्थिक तथा सामजिक पहलुओं पर निर्भर करती है. लेकिन औसतन आवासीय सुविधा सभी छात्रों के लिए लगभग समान ही होती है.

यदि आप भी एक कॉलेज स्टूडेंट के रूप में अपने लिए उचित आवास की तलाश कर रहे हैं,तो आपके लिए कुछ उपयोगी टिप्स नीचे दिए गए हैं.

कैम्पस आवास बनाम ऑफ कैम्पस आवास

कैम्पस  में आवास

लाभ :

1. कैम्पस में रहने से आने जाने की चिंता नहीं रहती है. आपका समय और पैसा दोनों बचता है.

2. आप आसानी से अन्य पाठ्यक्रमों के लोगों के साथ दोस्ती कर सकते हैं.

3. परिसर गतिविधियों, सामाजिक घटनाओं, खेल सुविधाओं, सांस्कृतिक समारोहों आदि में अधिक भागीदारी.

4. बिजली, पानी या अन्य रख-रखाव बिलों की कोई चिंता नहीं.

5. भोजन विकल्पों की उपलब्धता के बारे में कोई चिंता नहीं.

हानि :

1.चूँकि कमरे विश्वविद्यालय द्वारा आवंटित किए जाते हैं इसलिए कमरे में साथी के चुनाव को कोई विकल्प नहीं होता.

2.अन्य छात्रों के साथ आम बाथरूम साझा करना पड़ सकता है.

3.छोटे और कम सुसज्जित कमरे.

4. गोपनीयता संभव नहीं है.

ऑफ-कैंपस आवास

लाभ :

1. यह आपकी खुद की निजी जगह है और आप इसके मालिक  हैं

2. अधिक बड़े कमरे

3. पूरी गोपनीयता

4. मनचाहे साथी के साथ रहने का विकल्प.

हानि :

1. यात्रा खर्च  - यदि जगह कैम्पस से दूर है.

2. बिजली और पानी जैसे रखरखाव के बिलों का ध्यान रखना पड़ता है.

3. यदि यह एक किराए का जगह है तो आपको मकान मालिकों का भी सामना करना होगा.

4. अपने भोजन विकल्पों की तलाश करनी होगी.

अच्छा ऑफ-कैम्पस आवास कैसे खोजें?

सभी स्टूडेंट को जो अपना शहर छोड़ कर पढ़ाई करने किसी दूसरे शहर में आये हैं उन्हें कैम्पस में आवसीय सुविधा नहीं मिल पाती और वे कैम्पस के ईर्द गिर्द ही ऑफ़ कैम्पस विकल्पों जैसे पीजी या फिर किराए पर रूम आदि का ऑप्शन तलाशते हैं. चूँकि वो अभी खुद उस शहर से अनजान होते हैं इसलिए उन्हें डीलरों तथा दलालों की मदद से यह कार्य करना पड़ता है और इसके लिए उन्हें पैसे खर्च करने पड़ते हैं. बहुत सारे विश्वविद्यालय पास के हॉस्टलों और पीजी मालिकों के साथ तालमेल रखते हैं ताकि जरुरत पड़ने पर वे अपने छात्रों को वहां भी एडजस्ट कर सकें.

छात्रों की इन आवश्यक्ताओं को देखते हुए कई सारी स्टार्टअप कम्पनियां इस कार्य में उनकी मदद कर रही हैं ताकि छात्रों को सही समय पर बिना किसी परेशानी के सही आवास मिल सके. इसके लिए छात्र कुछ ऑनलाइन वेबसाइट की मदद ले सकते हैं. कुछ महत्वपूर्ण वेबसाइटों के नाम हैं –

1. Nestaway

2. Wudstay

3. Magic Bricks

4. Coho

5. Zocalo

ऑफ-कैम्पस आवास की तलाश करते समय ध्यान रखने योग्य जरुरी बातें -

सुरक्षा से जुड़े मुद्दे  

पहली और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उस क्षेत्र की तलाश करें जो कि सुरक्षित हो. विशेष रूप से महिला छात्रों को इन बातों पर विशेष रूप से गौर करना चाहिए. यह जानने की कोशिश करें कि वहां 24 घंटे सेक्युरिटी व्यवस्था है या नहीं.

जितना जल्दी हो सके अपने घर की तलाश करें  

अपनी पसंद के कॉलेजों को सूचीबद्ध करते समय ही संभावित विकल्पों की तलाश शुरू करना सबसे अच्छा है. इससे कॉलेज में एडमिशन के बाद आपको ज्यादा जद्दोजहद करने की जरुरत नहीं पड़ती है.

आवासीय लोकेशन

कैम्पस से आपके रहने के स्थान की दूरी बहुत मायने रखती है. आपको अपने कैम्पस से निकटतम स्थान का चयन करने की कोशिश करनी चाहिए ताकि आपका समय और पैसा तो बचे ही आप शारीरिक रूप से भी थके नहीं और सही ढंग से पढ़ाई कर पायें.

खाने की व्यवस्था

घर से बाहर रहते समय सही भोजन की व्यवस्था एक बहुत बड़ी चिंता का विषय होता है. बहुत सारे हॉस्टल और पीजी खाने की व्यवस्था भी रखते हैं. छात्रों को इन सुविधाओं के साथ साथ ऐसे रूम की तलाश करनी चाहिए जहाँ खाना बनाने के लिए एक छोटे किचेन की व्यवस्था हो ताकि वे जरुरत पड़ने पर अपने इच्छा के अनुरूप खाने के लिए कुछ बना सकें

शेयरिंग अथवा प्राइवेट रूम

आप अपनी रूचि तथा आर्थिक स्थिति के अनुरूप दोनों में से किसी एक की तलाश कर सकते हैं. दोनों की अपनी अलग अलग विशेषताएं हैं. शेयरिंग रूम में गोपनीयता का अभाव होता है तथा कहीं न कहीं एडजस्ट करना पड़ता है वहीं प्राइवेट रूम में आप स्वतंत्र होते हैं तथा आपनी मर्जी से जो चाहे कर सकते हैं. 

अन्य सुविधाएं और आवश्यक्ताएं

हर किसी की अपनी अलग अलग आवश्यक्ताएं होती हैं. आप अपनी जरूरतों की छानबीन पूरी तरह से करने के बाद ही किसी स्थान का चयन अपने रहने के लिए करें. अन्यथा आगे चलकर आपको कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है तथा बेकार में आपका समय तथा पैसा भी बर्बाद होगा. इसलिए कोई भी निर्णय खूब सोच समझकर लें.

निष्कर्ष

कॉलेज लाइफ  के दौरान घर से दूर रहने का अनुभव अपने आप में बहुत विलक्षण होता है. इससे छात्र अपने दोस्तों मित्रों और अन्य लोगों के साथ एक नए माहौल में एडजस्ट करना सीखते हैं. अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित करते हैं तथा उन्हें प्राप्त करने के लिए कई सुनहरे रास्ते और सपने बुनते हैं. उन सपनों को साकार करने की दिशा में उचित आवास की व्यवस्था बहुत जरुरी है.

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