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भारत की कुछ मुश्किल परीक्षाएं, जिन्हें क्रैक कर बढ़ाइए सुनहरे करियर की ओर पहला कदम

इस आर्टिकल में भारत की उन मुश्किल परीक्षाओं का विवरण दिया गया है जिसे क्रैक कर उम्मीदवार  सुनहरे करियर की ओर अपना कदम बढ़ा सकते हैं.

May 13, 2019 15:47 IST
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सिक्स फिगर सैलरी तथा शानोशौकत वाली नौकरी करने की इच्छा शायद ही कोई ऐसा हो जिसे नहीं रहती होगी. लेकिन एक अच्छे पैकेज वाली नौकरी और उसके बाद एक आरामदायक जीवन प्राप्त करना उतना आसान नहीं है जितना कि हम आप सोचा करते हैं. कड़ी मेहनत और दृढ संकल्प शक्ति के साथ इन सभी चीजों को प्राप्त किया जाता है. लेकिन जब बात उच्च शिक्षा की आती है,तो उम्मीदवारों को जीवन में कठिन परीक्षा के दौर से गुजरने के साथ साथ कुछ कठिन परीक्षाएं भी पास करनी पड़ती हैं. यहाँ भारत में आयोजित होनेवाली कुछ कठिन परीक्षाओं की सूची दी जा रही है.

गेट

इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट (गेट) एक परीक्षा है जो मुख्य रूप से इंजीनियरिंग और विज्ञान में विभिन्न स्नातक विषयों की व्यापक समझ का परीक्षण करती है. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस और सात भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (बॉम्बे, दिल्ली, गुवाहाटी, कानपुर, खड़गपुर, मद्रास और रुड़की) संयुक्त रूप से राष्ट्रीय समन्वय बोर्ड - गेट, मानव संसाधन विभाग, मानव विकास (एमएचआरडी),  संसाधन मंत्रालय भारत सरकार की ओर से गेट परीक्षा आयोजित करते हैं. किसी उम्मीदवार का गेट स्कोर उस उम्मीदवार के सापेक्ष प्रदर्शन स्तर को दर्शाता है. एमएचआरडी और अन्य सरकारी एजेंसियों द्वारा प्रदान की जाने वाली वित्तीय सहायता के साथ साथ  भारतीय उच्च शिक्षा संस्थानों में विभिन्न स्नातकोत्तर शिक्षा कार्यक्रमों (उदाहरण के लिए मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी, डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी) में प्रवेश के लिए इस स्कोर का उपयोग किया जाता है. प्रवेश स्तर के पदों में स्नातक इंजीनियरों की भर्ती के लिए कई भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (जैसे, सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियों) द्वारा गेट स्कोर का भी उपयोग किया जा रहा है. यह भारत में सबसे अधिक प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में से एक है. दुनिया भर में आईआईटी की सफलता की कहानी के आधार पर  गेट को नानयांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी, सिंगापुर जैसे विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संस्थानों द्वारा भी मान्यता प्रदान किया गया है.

 

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान संयुक्त प्रवेश परीक्षा (आईआईटी-जेईई)

संयुक्त प्रवेश परीक्षा – एडवांस  (जेईई – एडवांस ) -भारतीय प्रौद्योगिकी संयुक्त प्रवेश परीक्षा (आईआईटी-जेईई) भारत में एक वार्षिक इंजीनियरिंग कॉलेज प्रवेश परीक्षा है. इसे 23 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) द्वारा एकमात्र प्रवेश परीक्षा के रूप में प्रयोग किया जाता है. राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम टेक्नोलॉजी, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईएसईआर) और प्रमुख भारतीय विज्ञान संस्थान भी प्रवेश के लिए आधार के रूप में जेईई एडवांस में प्राप्त अंक का उपयोग करते हैं. जो छात्र आईआईटी में दाखिला लेता है वह अगले साल जेईई-एडवांस्ड परीक्षा में शामिल नहीं हो सकता है, लेकिन आईआईएससी, आईआईएसईआर, आरजीआईपीटी और अन्य संस्थानों के साथ ऐसी स्थिति नहीं है क्योंकि ये संस्थान केवल प्रवेश के लिए जेईई एडवांस्ड स्कोर का ही इस्तेमाल करते हैं. आईआईटी द्वारा प्रत्येक राउंड में रोबिन रोटेशन पैटर्न पर प्रत्येक वर्ष परीक्षा आयोजित की जाती है. इसे दुनिया में सबसे मुश्किल परीक्षाओं में से एक माना जाता है. जेईई एडवांस 2019 के लिए क्वालीफाई करने वाले उम्मीदवारों की सही संख्या फिलहाल एनटीए द्वारा शेयर नहीं की गई है. हालांकि, एक मोटे अनुमान से पता चलता है कि 2.5 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने जेईई एडवांस के लिए क्‍वालिफाई किया है

कैट (कॉमन एडमिशन टेस्ट)

कैट (कॉमन एडमिशन टेस्ट) भारत में आयोजित एक कंप्यूटर आधारित परीक्षा है. परीक्षा में मात्रात्मक क्षमता (क्यूए), मौखिक क्षमता (वीए) और रीडिंग कम्प्रिहेंशन (आरसी), डाटा इंटरप्रिटेशन (डीआई) और लॉजिकल रीज़निंग (एलआर) के आधार पर एक उम्मीदवार को स्कोर प्रदान किया जाता  है. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) ने इस परीक्षा की शुरुआत की और छात्रों को अपने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन प्रोग्राम को चुनने के लिए इस परीक्षा का इस्तेमाल किया.रोटेशन की नीति के आधार पर प्रत्येक वर्ष आईआईएम द्वारा परीक्षण किया जाता है. अगस्त 2011 में  यह घोषणा की गई थी कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) और भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) भी संयुक्त प्रबंधन प्रवेश परीक्षा (जेएमईटी) के बजाय सीएटी स्कोर का इस्तेमाल करेंगे.

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा

सिविल सर्विसेज परीक्षा (सीएसई) भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस),  भारतीय पुलिस सेवा,भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस), सहित भारतीय सरकार के विभिन्न सिविल सेवाओं में भर्ती के लिए संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित भारत में एक राष्ट्रव्यापी प्रतियोगी परीक्षा है. इसे दो चरणों में आयोजित किया जाता है - एक प्रारंभिक परीक्षा जिसमें दो ऑब्जेक्टिव पेपर होते हैं तथा एक मुख्य परीक्षा जिसमें पारंपरिक (निबंध) प्रकार के नौ सब्जेक्टिव पेपर होते हैं. अंतिम चयन हेतु  व्यक्तित्व परीक्षण किया जाता है.

एनडीए प्रवेश परीक्षा

राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के लिए आवेदकों को यूपीएससी द्वारा लिखित परीक्षा के माध्यम से चुना जाता है. इसके बाद एसएसबी द्वारा व्यापक साक्षात्कार, सामान्य परीक्षा, मनोवैज्ञानिक परीक्षण, टीम के कौशल के साथ-साथ शारीरिक और सामाजिक कौशल की भी परीक्षा ली जाती है. जुलाई और जनवरी में शुरू होने वाले सेमेस्टर के लिए वर्ष में दो बार आवर्ती कक्षाएं स्वीकार की जाती हैं. लगभग 4,50,000 आवेदक प्रत्येक लिखित परीक्षा में  बैठते हैं आमतौर पर  इनमें से करीब 6,300 लोगों को साक्षात्कार के लिए आमंत्रित किया जाता है. केवल अविवाहित पुरुष ही एनडीए और एनए परीक्षा के लिए पात्र हैं. न्यूनतम आयु साढ़े 16 साल होनी चाहिए और अधिकतम उम्र साढ़े 1 9 वर्ष होनी चाहिए. वायु सेना में शामिल होने के लिए पायलट एप्टीट्यूड बैटरी टेस्ट के माध्यम से चयन किया जाता है. प्रत्येक सेमेस्टर में लगभग 320 कैडेट अकादमी के लिए स्वीकार किए जाते हैं. वायु सेना के लिए लगभग 70 कैडेट स्वीकार किए जाते हैं. नौसेना के लिए 42 और थल सेना के लिए 208.जिन कैडेटों को सफल घोषित किया जाता है उन्हें एक वर्ष के लिए अपने संबंधित प्रशिक्षण अकादमी में भेजा जाता है. थल सेना कैडेटों को आईएमए देहरादून में, वायु सेना के कैडेटों को दूनंडीगल, हैदराबाद और नौसेना कैडेट्स को आईएनए, एज़िमाल, केरल भेजा जाता है. गंभीर और स्थायी चिकित्सा की स्थिति में ही कैडेटों का कमीशन रदद किया जा सकता है.

निष्कर्ष

कहते हैं परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता. परिश्रम ही एक ऐसा हथियार है जिसके माध्यम से व्यक्ति जीवन में कुछ भी हासिल करने की क्षमता रखता है.यदि आप वास्तव में अपने करियर में कुछ बड़ा करना चाहते हैं, तो यह आवश्यक है कि आप इन परीक्षाओं को पास करें. इन परीक्षाओं के लिए पढ़ाई करना फिलहाल कठिन लग सकता है लेकिन भविष्य में इसका दूरगामी तथा सुखद परिणाम सामने आएगा. अतः इन परीक्षाओं की तैयारी कीजिये और इसमें सफल होकर अपने करियर को सुरक्षित बनाइये.

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