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IITJEE की तैयारी : क्या करें और क्या न करें जानना बेहद है ज़रूरी

Nov 18, 2016 11:03 IST

    IITJEE की तैयारी के लिए समय, नियोजन, कड़ी मेहन और समर्पण की जरूरत होती है। इस परीक्षा की तैयारी के दौरान हमें यह बात ध्यान में जरूर रखनी चाहिए कि " हम क्या हासिल करना चाहते हैं" और "उसे हम कैसे हासिल करेंगे"। आईआईटी भारत के सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेज होते हैं। इन संस्थानों के लिए योग्य उम्मीदवारों की तलाश का सबसे अच्छा तरीका है आईआईटी की दाखिला परीक्षा। इसलिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) की तैयारी के दौरान हमें क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए, के बारे में जरूर पता होना चाहिए।

    यह लेख Jagran Josh team द्वारा आईआईटी– कानपुर में किए गए सर्वे का संदर्भ लेते हुए तैयारी के दौरान आपको क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए, का फैसला करने में मदद करेगा।

    क्या करें:

    समय पर तैयारी शुरु करें :

    समय पर तैयारी शुरु करने का मतलब है उम्मीदवार के पास जेईई परीक्षा की तैयारी के लिए पर्याप्त समय होना चाहिए। आमतौर पर उम्मीदवार 11वीं के साथ ही इस परीक्षा की तैयारी शुरु कर देते हैं। यह इस तरीके से लाभदायक है कि सबसे पहले तो उम्मीदवारों को तीनों विषयों का बेसिक नहीं पढ़ना होता क्योंकि स्कूल में वे इसकी पढ़ाई कर रहे होते हैं। दूसरी बात, उम्मीदवारों के पास दो वर्ष (11 वीं और 12वीं) का समय होता है और यह समय जेईई की तैयारी के लिए पर्याप्त है। तीसरी और अंतिम बात कि आप 12वीं के बाद ही जेईई मेन एंड एडवांस्ड में चुने जा सकते हैं। हमारे सर्वे में भाग लेने वाले छात्र भी यही मानते हैं कि आईआईटी जेईई के लिए तैयारी करने का सबसे सही समय 11वीं से ही शुरु होता है।

    NCERT की किताबें पढ़े  

    एनसीईआरटी की किताबों को सिर्फ 12वीं की बोर्ड परीक्षा के लिए सही माना जाता है लेकिन आईआईटी में चुने जाने वाला लगभग प्रत्येक छात्र इन किताबों को जेईई मेन के साथ– साथ जेईई एडवांस्ड की तैयारी के लिए सर्वश्रेष्ठ मानता है। ये किताबें जेईई और अन्य इंजीनियरिंग परीक्षाओं के लिए बिल्डिंग ब्लॉक  जैसी होती हैं। सभी तीन विषयों में अवधारणाओं की बेहतर समझ के लिए प्रत्येक उम्मीदवार इन किताबों को पढ़ सकते हैं ।

    रिविजन करें

    जेईई मेन और जेईई एडवांस्ड दोनों ही के लिए एक और बेहद महत्वपूर्ण कारक है रिविजन (दुहराना)। यह आपको विषय विशेष की अवधारणाओं, सूत्रों और शॉर्ट कट तरीकों को याद करने में मदद करता है। आप दैनिक, साप्ताहिक या मासिक आधार पर रिविजन  कर सकते हैं। साथ ही यह आपको विषय को भूलने नहीं देगा क्योंकि ऐसे व्यापक सिलेबस की तैयारी के दौरान यदि आप नियमित रूप से रिविजन  नहीं करते तो काफी समय बाद किताब खोलने पर आपको लगेगा कि आप उस पाठ को पहली बार पढ़ रहे हैं। इसलिए नियमित रूप से रिविजन  (दोहराना) जरूर करना चाहिए।

    अभ्यास / प्रैक्टिस करें

    "अभ्यास आदमी को निपुण बनाता है", एक बेहद पुरानी कहावत है और यह कहावत आईआईटी जेईई की तैयारी करने वालों के लिए बिल्कुल सही है। यहां "प्रैक्टिस" का वास्तविक अर्थ है– अलग– अलग विषयों पर प्रश्नों का अभ्यास करना। यदि एक उम्मीदवार प्रश्नों का अभ्यास करता है तो वह उस विषय से पूछे जाने वाले प्रश्नों के प्रकार को समझ पाएगा और प्रश्नों को हल करने के छोटे तरीके भी खोज पाएगा। इसके अलावा प्रैक्टिस उम्मीदवार को आईआईटी जेईई के प्रश्नों के स्तर को समझने और जेईई मेन एवं जेईई एडवांस्ड के प्रश्नों के बीच का फर्क समझने में भी मदद करता है ।

    परीक्षा में रणनीति बना कर प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दें :

    जेईई मेन और जेईई एडवांस्ड जैसी परीक्षाओं में प्रश्नों का उत्तर देते समय प्रत्येक उम्मीदवार द्वारा एक रणनीति को अपनाना बेहद महत्वपूर्ण है। लेकिन रणनीति का इस्तेमाल करते समय यह बात ध्यान में रखी जानी चाहिए कि आप पहली बार उस रणनीति का प्रयोग न कर रहे हों। उम्मीदवार इस प्रकार की रणनीति बना सकते हैं कि वे सबसे पहले उस विषय के प्रश्नों का उत्तर देना शुरु करें जिनमें वे सबसे अच्छे हैं l सबसे पहले आसान प्रश्नों को हल कर लें या जिन प्रश्नों का उत्तर 100% आता हो उन्हें पहले करें। लेकिन यहां एक चीज बेहद महत्वपूर्ण है और वह है उम्मीदवार परीक्षा में चाहे जो भी रणनीति बनाए या अपनाए, परीक्षा से पहले वह उसका कई बार अभ्यास कर चुका हो। ऐसा वह कई मॉक टेस्ट देकर कर सकता/ सकती है।

    क्या करें

    टालमटोल करें   

    टालने का मतलब है कि मन में यह बात सोचते हुए कि परीक्षा में तो काफी समय बचा है, आज का काम कल पर छोड़ना l  यह बहुत बुरी आदत है। अगर हम कल के लिए काम टालते रहें तो हम सिर्फ खुद पर बोझ बढ़ाते जाएंगें l ऐसी स्थिति में ज्यादा घंटों तक पढ़ कर कमी को पूरा करना होगा जो उम्मीदवार के लिए बहुत तनावपूर्ण हो सकता है। इसलिए हमें हमारे स्टडी प्लान (पढ़ाई की योजना) का पालन करने की कोशिश करनी चाहिए और टालने की आदत से हमेशा बचना चाहिए।

    आत्मविश्वास खोएं

    कोई भी छात्र आईआईटी जेईई परीक्षा पास कर सकता है। आईआईटी में दाखिला पाने के लिए आपको असाधारण होने की जरूरत नहीं है। जरूरत है तो बस इस आत्मविश्वास की कि आप इसमें सफल हो सकते हैं। कभी– कभी ऐसा होता है कि छात्रों को कोई अवधारणा समझने या प्रश्न को हल करने में परेशानी होती है l  लेकिन ये छोटी– छोटी बातें कभी भी आपको आपका आत्मविश्वास खोने के लिए बाध्य नहीं कर सकतीं। आत्मविश्वास बनाए रखने के लिए आप टॉपर्स के इंटरव्यू पढ़/ देख सकते हैं, आप ऐसे  किसी भी मुद्दे पर अपने पार्टनर या अपने शिक्षक से चर्चा कर सकते हैं और फिर अधिक आत्मविश्वास एवं उत्साह के साथ अपनी पढ़ाई शुरु कर सकते हैं।

    कम सोएं :

    यह भी माना जाता है कि कम सोने से छात्र ज्यादा पढ़ सकते हैं। लेकिन वास्तविकता में यह गलत है। यदि उम्मीदवार एक दिन में 6 घंटे से कम सोता है तो वास्तव में वह खराब स्वास्थ्य एवं अत्यधिक तनावग्रस्त मस्तिष्क की ओर बढ़ रहा/ रही है। कम सोने के ये साईड इफेक्ट्स उम्मीदवार की पढ़ाई को बहुत बुरी तरह से प्रभावित करते हैं। इसलिए एक दिन में कम– से– कम 6 घंटे सोने की कोशिश करें ताकि आपके शरीर और मस्तिष्क दोनों को आराम करने का वक्त मिले।

    अत्यधिक तनाव लें :

    तैयारी की लंबी अवधि के दौरान उम्मीदवार हताश या तनावग्रस्त महसूस कर सकता है l आपको कभी  भी अपने सपने को नहीं भूलना चाहिए क्योंकि तनाव या हताशा आपको अपने सपनों को पूरा करने से रोक सकते हैं। हालांकि कुछ छात्रों के लिए तनाव उन्हें और अच्छा करने में मदद कर सकती है लेकिन यह उनके लिए भी हानिकारक है। जब आप लगातार इमरजेंसी मोड में रहते हैं, तो इसका खामियाजा आपके मस्तिष्क और शरीर को भुगतना पड़ता है और एक छात्र अपने मस्तिष्क और शरीर के नुकसान को सहन नहीं कर सकता/ सकती। छात्र पढ़ाई के बीच में ब्रेक (बहुत अधिक समय वाली नहीं)  लेकर और घर से बाहर खेले जाने वाले खेल या पसंदीदा गतिविधियों को कर अपने तनाव को कम कर सकते हैं।

    आपको उपर बताई गई बातों का हमेशा ध्यान रखना चाहिए। यदि कोई इन बातों का ध्यान नहीं रखता तो इसका मतलब होगा कि वह उम्मीदवार खुद को दूसरे उम्मीदवारों के मुकाबले पीछे खींच रहा है। अपने सपने को साकार करने के लिए कड़ी मेहनत करें और उपर कही गई बातों को ध्यान में रखें। ऐसा कर आप न सिर्फ सफलता हासिल करेंगें बल्कि आप उस सफलता के साथ जीवन का आनंद भी लेंगे।

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