जानिये नए IIMs या टॉप नॉन IIM बी-स्कूल्स में से बेहतर ऑप्शन के बारे में यहां

MBA कोर्स करने के इच्छुक स्टूडेंट्स अक्सर कंफ्यूज़ हो जाते हैं कि नए IIMs या टॉप नॉन IIM बी-स्कूल्स में से किस इंस्टीट्यूट में एडमिशन लें क्योंकि किसी टॉप मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट से MBA की डिग्री हासिल करने का अपना ही महत्व है. यहां आपके इसी कन्फ्यूजन को दूर करने के लिए पेश है नए IIMs या टॉप नॉन IIM बी-स्कूल्स में पढ़ने के फायदों का एक विश्लेषण.

Created On: Oct 9, 2019 10:59 IST
New IIMs or Top Non-IIM B-schools – Which one to choose?
New IIMs or Top Non-IIM B-schools – Which one to choose?

भारत में आजकल मैनेजमेंट एजुकेशन का महत्व काफी बढ़ गया है. जहां कुछ दशक पहले तक पेरेंट्स अपने बच्चों को केवल डॉक्टर, इंजीनियर या वकील बनाना चाहते थे, वहीँ अब अधिकतर पेरेंट्स अपने बच्चों को देश के किसी टॉप IIM या बी-स्कूल से कोई सूटेबल MBA स्पेशलाइजेशन कोर्स करने के लिए लगातार मोटीवेट करते हैं. इसका एक प्रमुख कारण हमारे देश में मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स को मिलने वाला काफी आकर्षक सैलरी पैकेज हैं. भारत में IIM और MBA या मैनेजमेंट एजुकेशन लंबे समय से समान महत्व रखते हैं. आजकल हर साल भारत के लाखों यंगस्टर्स अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करने के बाद MBA की डिग्री हासिल करना चाहते हैं जिस वजह से देश में IIMs या बेहतरीन बी-स्कूल्स की मांग लगातार बढ़ रही है. इस मांग को पूरा करने के लिए ही भारत सरकार द्वारा कई नए IIMs स्थापित किए गए हैं. वर्तमान में हमारे देश में कुल 20 IIMs हैं, जिनमें वर्ष 2007 से पहले 6 पुराने IIMs सेटअप और वर्ष 2008 के बाद 14 नए IIMs स्थापित किए गए थे. पिछले 30 वर्षों से, नए IIMs की तरह ही हमारे देश में कई नॉन-IIM बी-स्कूल भी MBA कोर्सेज करवा रहे हैं और ये बी-स्कूल्स भारत के टॉप MBA कॉलेजों के तौर पर जाने जाते हैं.

पुराने IIMs बनाम नए IIMs या अन्य टॉप बी-स्कूल्स का कम्पैरीज़न

जब भारत में मैनेजमेंट एजुकेशन की क्वालिटी की बात आती है तो लोगों की आमतौर पर यह धारणा होती है कि 6 पुराने IIMs अर्थात IIM अहमदाबाद, बैंगलोर, कलकत्ता, लखनऊ, कोझिकोड और इंदौर, नए IIMs की तुलना में काफी बेहतर हैं. इसके पीछे इंडस्ट्री से जुड़ी धारणाएं, लिगेसी, एक्सपीरियंस्ड  फैकल्टी, विभिन्न पेशेवर एलुमनाईज़ का ग्रुप  और अन्य ऐसे कई कारक हैं. जबकि यह भी एक सच्चाई है कि कई पुराने बी-स्कूलों द्वारा नए IIMs का मार्गदर्शन किया जा रहा है, फिर भी एजुकेशन की क्वालिटी को लेकर इनमें अंतर अभी भी बना हुआ है. इसलिए अपनी पसंद के आधार पर भी पुराने और नए IIMs के बीच चयन करना इतना आसान नहीं है और वो भी तब, जब किसी नए IIM और टॉप बी-स्कूलों को लेकर अगर क्वालिटी एजुकेशन की बात की जाय. जब XLRI और SPJIMR जैसे पुराने इंस्टीट्यूशन्स के साथ नए IIM संबलपुर या IIM बोध गया के बीच चयन की बात आती है तो कैंडिडेट्स काफी दुविधा में पड़ जाते हैं. इसलिए अगर आप किसी बी-स्कूल में एडमिशन लेने के बारे में विचार कर रहे हैं तो आपको नीचे प्रस्तुत पॉइंट्स पर जरुर विचार करना चाहिए.

जरा इन पॉइंट्स पर तुरंत ध्यान दें:

नए IIMs के फायदे

  • IIM ब्रांड का महत्व

यह बिलकुल स्पष्ट और स्वाभाविक है कि अगर आप किसी IIM में एडमिशन लेते हैं तो उसका ब्रांड नेम आपके लिए महत्वपूर्ण होगा. चाहे आप किसी भी IIM में शामिल हों, आपको हमेशा उस ब्रांड का लाभ मिलेगा. इसी तरह, ये नए IIMs आज भी काफी आकर्षक नहीं लग रहे हैं, लेकिन लंबे समय के बाद वे भी निश्चित रूप से अन्य नॉन-IIM बी-स्कूलों की तरह प्रतिष्ठित और क्वालिटी एजुकेशन का केंद्र बन जाएंगे. उदाहरण के तौर पर, हाल ही में स्थापित IIM संबलपुर, वर्ष 2018 के अंतिम प्लेसमेंट सीज़न में अपने एक स्टूडेंट के लिए 53 लाख रुपये का उच्चतम इंटरनेशनल सैलरी पैकेज हासिल करने में कामयाब रहा, जो भारत के टॉप बी-स्कूलों के बराबर है.

  • वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर

देश भर में मैनेजमेंट एजुकेशन का बेंचमार्क होने के नाते, IIMs को केंद्र सरकार द्वारा फंड्स और विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाती हैं. यह नए इंस्टीट्यूशन्स सहित सभी IIMs बी-स्कूलों को वर्ल्ड क्लास इन्फ्रास्ट्रक्चर के रूप में बदल देता है. IIMs के इन्फ्रास्ट्रक्चर में क्लासरूम और कैम्पस जैसे भौतिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ लाइब्रेरी, रिसोर्स सेंटर, एक्सपीरियंस्ड फैकल्टी जैसे इंटेलेक्चुअल इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी शामिल किया जाता है.

  • डिग्री या डिप्लोमा

भारत में मैनेजमेंट एजुकेशन के बारे में विचार करते समय जिस बात पर काफी कम ध्यान दिया जाता है वह यह है कि, भारत में अधिकतर बी-स्कूल्स डिप्लोमा प्रोग्राम अर्थात PGDM प्रदान करते हैं. हालांकि, नए IIM बिल के पास होने के साथ ही अब देश के विभिन्न IIMs अपने स्टूडेंट्स को MBA की डिग्री प्रदान करने में सक्षम होंगे, जो डिप्लोमा की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण मानी जाती है.

  • जनरल परसेप्शन (सामान्य धारणा)

आजकल भारत में IIMs MBA की डिग्री के पर्याय बन गए हैं. इसलिए इस फैक्ट के बावजूद कि, यह IIM पुराना है या नया है, सामान्य धारणा हमेशा उन स्टूडेंट्स का पक्ष लेती है जिन्होंने IIM से अपनी मैनेजमेंट की शिक्षा पूरी की है, बहुत बार यह फैक्ट जॉब इंटरव्यू और प्रमोशन के दौरान कैंडिडेट्स के पक्ष में भीकाम करता है.

  • लोकेशन का मिलता है फायदा

17 नए IIMs की स्थापना के कारण अब ये अधिकतर भारतीय राज्यों में उपलब्ध हैं. रांची, उदयपुर, काशीपुर, संबलपुर, सिरमौर, अमृतसर, जम्मू और रोहतक जैसे छोटे शहरों में भी अब IIMs उपलब्ध हैं. इसके विपरीत, अधिकतर नॉन-IIM टॉप बी-स्कूल कुछ शैक्षणिक केंद्रों जैसेकि, दिल्ली, पुणे, मुंबई, चेन्नई जैसे बड़े शहरों में केंद्रित हैं. रिमोट लोकेशन में स्थित कुछ निजी नॉन-IIM टॉप MBA कॉलेज भी विशेष प्रोग्राम्स के लिए जाने जाते हैं. उदाहरण के लिए IRMA केवल रूरल मैनेजमेंट के लिए लोकप्रिय है जबकि XLRI को ह्यूमन रिसोर्स स्पेशलाइजेशन के लिए आदर्श ऑप्शन माना जाता है.

टॉप नॉन IIM बी-स्कूल्स में पढ़ने से मिलते हैं ये फायदे

क्या ऊपर दिए गए पॉइंट्स या फैक्ट्स आपको यह विश्वास दिलाते हैं कि भारत में नॉन-IIM MBA बी-स्कूलों की तुलना में नए IIMs ज्यादा बेहतर हैं? यदि हां, तो आपको अपने  निर्णय को तब तक होल्ड पर रखना चाहिए जब तक कि आप टॉप  नॉन-IIM बी-स्कूलों में पढ़ने के फायदों के विषय में न जान लें जैसेकि:

  • एलुमनाई नेटवर्क

नए IIMs की जगह नॉन-IIM बी-स्कूलों का चयन करने वाले MBA कैंडिडेट्स के लिए सबसे बड़ा लाभ एक बड़ा और समृद्ध एलुमनाई (पूर्व-छात्र) नेटवर्क है जिसका वे लाभ उठा सकते हैं. कैंडिडेट्स की मैनेजीरियल  प्रोफ़ाइल पर कैम्पस प्लेसमेंट और फ्यूचर में ग्रोथ एलुमनाई के प्रभाव और उनके साथ आपके सम्बन्ध पर बहुत हद तक निर्भर करते हैं. इस प्रभाव को बनाने में दशकों लगते हैं और इसे बहुत आसानी से हासिल नहीं किया जा सकता है. इसलिए,  IRMA और MICA  जैसे प्रमुख नॉन-IIM बी-स्कूलों में हमेशा नए IIMs की तुलना में बेहतर और अधिक संगठित एलुमनाईज़ का नेटवर्क होता है.

  • एक्सपीरियंस्ड फैकल्टी

पिछले दशक में भारत में कुल 14 नए IIMs स्थापित किए गए हैं. लेकिन, जब फैकल्टी की बात आती है तो इन इंस्टीट्यूशन्स को अभी भी बड़े इंस्टीट्यूशन्स अर्थात IIM A, B, C, L और I  अन्य द्वारा तैयार किया जा रहा है. इसलिए, पुराने विज़िटिंग फैकल्टी मेम्बर्स के अलावा, इन नए IIMs में अधिकतर फैकल्टी मेम्बर्स भी नए हैं. इसकी तुलना में XLRI, SPJIMR और सिम्बायोसिस जैसे पुराने बी-स्कूलों में हाईली क्वालिफाइड फैकल्टी मेम्बर्स सहित समुचित इंटेलेक्चुअल प्रोपर्टी भी उपलब्ध है. इन फैकल्टी मेम्बर्स की नॉलेज और अनुभव स्टूडेंट्स के ज्ञान में वृद्धि तथा करियर एडवांसमेंट में बहुत योगदान देते हैं.

  • कई नॉन-IIM बी-स्कूल्स करते हैं MBA की डिग्री ऑफर

लोगों की ऐसी धारणा है कि अधिकतर प्राइवेट बी-स्कूल्स डिप्लोमा या PGDM डिग्री प्रदान करते हैं लेकिन वास्तव में यह सच नहीं है. नए IIMs से अधिक रैंक वाले नॉन-IIM बी-स्कूलों में से कई विश्वविद्यालयों से संबद्ध हैं और MBA की डिग्री प्रदान करते हैं. उदाहरण के लिए, FMS, JBIMS और UBS जैसे सभी पुराने इंस्टीट्यूशन्स MBA की डिग्री प्रदान करते हैं. इसके अलावा, MBA की डिग्री और PGDM डिप्लोमा के बीच नाममात्र का अंतर है. PGDM डिप्लोमा सभी व्यावहारिक उद्देश्यों के लिए MBA के समान ही है.

  • इंडस्ट्री परसेप्शन (उद्योग बोध)

हालांकि सामन्यतः इंडस्ट्री पुराने IIMs के स्टूडेंट्स को ही प्रेफर करती है क्योंकि रिक्रूटर्स को सभी नए और पुराने इंस्टीट्यूशन्स की इनसाइड स्टोरी पता होती है. इसलिए नए IIMs के बजाय वे टॉप नॉन-IIM बी-स्कूल्स को बेहतर मानते हैं. नए IIMs की तुलना में टॉप नॉन-IIM बी-स्कूल्स की हालिया प्लेसमेंट रिपोर्ट हमें वास्तविकता की स्पष्ट तस्वीर दिखाती है जैसेकि:

नए IIMs के लिए एवरेज प्लेसमेंट पैकेज

नए IIMs के नाम

एवरेज प्लेसमेंट पैकेज 

IIM शिलॉंग

15.5 लाख (रुपये)

IIM बोधगया

10.60 लाख (रुपये)

IIM रोहतक

11.7 लाख (रुपये)

टॉप नॉन-IIM बी स्कूल्स के एवरेज प्लेसमेंट पैकेज

टॉप नॉन-IIM बी स्कूल्स

एवरेज प्लेसमेंट पैकेज 

FMS दिल्ली

21.1 लाख (रुपये)

IIFT

19.23 लाख (रुपये)

SPJIMR, मुंबई  

22.24 लाख (रुपये)

  • विभिन्न सेक्टर्स के लिए स्पेशलाइज्ड इंस्टीट्यूट्स

नॉन-IIM MBA कॉलेजों का एक और विशेष लाभ उनकी क्षेत्रीय विशेषज्ञता है. कई बी-स्कूलों ने एक विशेष इंडस्ट्री या स्पेशलाइजेशन के मुताबिक अपने कोर्सेज और टीचिंग को विकसित किया है. मिसाल के तौर पर, MICA उन कैंडिडेट्स के लिए पसंदीदा बी-स्कूल विकल्प है जो मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं. इसी तरह, XLRI उन स्टूडेंट्स के लिए अधिक उपयुक्त है जो एचआर में अपना करियर शुरू करना चाहते हैं या IRMA उन स्टूडेंट्स के लिए खास इंस्टीट्यूट साबित हो सकता है जो रूरल मैनेजमेंट के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं.

सारांश

नए IIMs और टॉप नॉन-IIM बी-स्कूल्स के पक्ष और विपक्ष में दिए गए फैक्ट्स या पॉइंट्स जानने के बाद यह स्पष्ट है कि इनमें से किसी भी इंस्टीट्यूट का चयन करना स्टूडेंट्स के लिए कोई आसान निर्णय नहीं होगा. इनमें एडमिशन लेना एंट्रेंस एग्जाम पर्सेंटाइल, ग्रेजुएशन में कुल मार्क्स, MBA प्रोग्राम्स तथा अन्य कई फैक्ट्स पर निर्भर करता है. लेकिन इनके विषय में स्पष्ट, सही और पूर्ण जानकारी इंस्टीट्यूट का चयन करने में आपके लिए काफी मददगार साबित होगी.

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