Success Story: पहले प्रयास में Prelims में फेल, दूसरे प्रयास में दूसरी रैंक के साथ IAS बनी गरिमा लोहिया
Success Story: गरिमा लोहिया मूलरूप से बिहार की रहने वाली हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्याल से अपनी स्नातक की शिक्षा पूरी की, जिसके बाद उन्होंने बिना कोचिंग के ही सिविल सेवा की तैयारी शुरू कर दी थी। उन्होंने अपना पहला प्रयास किया, लेकिन वह फेल हो गई और दूसरे प्रयास में वह दूसरी रैंक के साथ सिविल सेवा परीक्षा में टॉप करने में सफल रही।
Success Story: संघ लोक सेवा आयोग(UPSC) की ओर से सिविल सेवा के नतीजे जारी कर दिए गए हैं। इन नतीजों के साथ हमारे सामने देशभर से युवाओं की सक्सेस स्टोरी सामने आ रही है। कुछ युवाओं ने कई सालों की मेहनत के बाद इस परीक्षा में सफलता हासिल की है, तो कुछ अपने पहले और दूसरे प्रयास में ही देश की सबसे प्रतिष्ठित सिविल सेवाओं में सफलता हासिल करने में सफल रहे हैं। इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको सिविल सेवा परीक्षा 2022 में दूसरी रैंक के साथ टॉप करने वाली गरिमा लोहिया की कहानी बताने जा रहे हैं, जिन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पढ़ने के बाद अपने दूसरे प्रयास में ही इस परीक्षा को पास कर लिया था खास बात यह रही कि उन्होंने इस मुश्किल परीक्षा को बिना कोचिंग के ही पास किया है। इस लेख के माध्यम से हम गरिमा लोहिया की कहानी की बारे में जानेंगे।
गरिमा लोहिया का परिचय
गरिमा लोहिया मूलरूप से बिहार की रहने वाली हैं। उन्होंने अपनी 12वीं तक की पढ़ाई वाराणसी के सनबीम से पूरी की और इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए दिल्ली आ गई। यहां आकर उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित कॉलेज किरोड़ीमल कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की।
कॉलेज के आखिरी सेमेस्टर में लौट गई थी घर
गरिमा जब कॉलेज के आखिरी सेमेस्टर में थी, तब कोरोना महामारी की वजह से कॉलेज के आखिरी सेमेस्टर में घर लौटना पड़ा। ऐसे में उन्होंने घर रहकर सिविल सेवाओं में जाने का निर्णय लिया।
बिना कोचिंग के शुरू की तैयारी
गरिमा ने घर में ही बिना कोचिंग के सिविल सेवा की तैयारी शुरू कर दी थी। उन्होंने घर में एक टाइम टेबल बनाकर पढ़ना शुरू कर दिया था। परीक्षा की तैयारी में उनके परिवार का भी उन्हें सहयोग मिला।

पहले प्रयास में हो गई थी फेल
गरिमा अपने पहले प्रयास में ही सिविल सेवा परीक्षा में फेल हो गई थी। वह प्रीलिम्स की परीक्षा को भी पास नहीं कर सकी थी। हालांकि, उन्होंने हार न मानने के बजाय फिर से तैयारी करने का निर्णय लिया।
दूसरे प्रयास में हासिल की दूसरी रैंक
गरिमा ने दूसरे प्रयास के लिए और कड़ी मेहनत की। वह अक्सर रात में पढ़ा करती थी। इसके लिए उन्होंने रात 9 बजे से लेकर सुबह 9 बजे तक का समय तय कर रखा था। उन्होंने एक मीडिया को दिया इंटरव्यू में बताया कि उन्हें इस समय पढ़ने में आसानी होती थी, क्योंकि इस समय किसी भी तरह का कोई शोर नहीं होता था और आसपास शांति रहती थी। इस प्रयास में उन्होंने प्रीलिम्स की परीक्षा पास करते हुए मेंस में जगह बनाई और मेंस के बाद वह इंटरव्यू में पहुंची। वहीं, जब परिणाम जारी हुआ, तो उन्होंने दूसरी रैंक के साथ देशभर में टॉप किया।
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