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UP Board class 10th Mathematics notes on Mensuration, (part I)

In this article, you will get chapter notes on Mensuration. These notes are based on chapter Mensuration of UP Board Class 10th Mathematics. These notes give a brief and simple explanation of all important topics. These notes are also useful for revision of the chapter just before the exam.

Jan 12, 2018 10:50 IST
Maths notes on Mensuration
Maths notes on Mensuration

In this article, you will get important notes on the chapter Mensuration. These chapter notes are based on latest UP board Class 10 Maths syllabus. These chapter notes are very helpful for revision purpose. Here, you will also find some important illustrations. With the help of these illustrations, you can easily understand important concepts. These illustrations will also help you to assess your preparation level.

लम्बवृतीय बेलन या सिलिण्डर (Right Circular Cylinder) :

दैनिक जीवन में समतलों से बन्द त्रिविमीय आकृतियों के अतिरिक्त ऐसी आकृतियाँ देखने को मिलती है जिनकी पार्श्व पृष्ठ वक्र होती है जैसे गोल पाइप, गोल खम्भे, माप मापन जग, पेट्रोल का ड्रम आदि| इस प्रकार की आकृतियों का बोध निम्नलिखित उदाहरण से स्पष्ट होता है| यदि आयत ABCD को उसकी भुजा AB के परित: घुमाया जाय तो भुजा DC की D1C1, D2C2, D3C3, D4C4, D5C5…… आदि क्रमश: विभिन्न स्थितियां होंगी ओर वह एक वक्रपृष्ठ का निर्माण करता है तथा भुजा AD तथा BC एक परिक्रमण पूर्ण करने पर वृताकार समतल क्षेत्र का निर्माण करते हैं| इन तलों को आधार या सिरे कहते हैं| इस प्रकार CD के द्वारा निर्मित वक्रपृष्ठ और AD और BC से निर्मित वृतीय समतलों से बनी बन्द आकृति लम्बवृतीय बेलन कहलाती है|

Right Circular Cylinder

UP Board Class 10 Notes For Trigonometry (Chapter Sixth), Part-III

परिभाषा : किसी आयत की एक भुजा को अक्ष मानकर उसके परित: आयत को घुमाने से जो ठोस बनता है, उसे लम्बवृतीय बेलन या सिलिण्डर कहते हैं|

AD या BC की लम्बाई को वृतीय आधार की त्रिज्या (r) और AB या DC की लम्बाई को वृतीय बेलन की उंचाई (h) कहते हैं| संक्षिप्तता की दृष्टि से लम्बवृतीय बेलन के स्थान पर केवल बेलन शब्द का भी प्रयोग किया जाता है|

लम्बवृतीय बेलन का वक्रपृष्ठ तथा आयतन :

मान लीजिए कि एक बेलन कागज का बना है| यदि इसके वक्रपृष्ठ के किसी सिरे के लम्बवत रेखा BC या AD के अनुदिश काटकर चित्र की भांति बेलन को समतल पर फैलाकर रख दें, तो वक्रपृष्ठ एक आयत का रूप धारण कर लेगा इसकी लम्बाई वर्ताकार आधार की परिधि 2πrऔर चौड़ाई बेलन की ऊँचाई (h) होती है|

Mensuration notes image

लम्बवृतीय बेलन का वक्रपृष्ठ = आधार (वृत) की परिधि X ऊँचाई

= 2πrh

बेलन का सम्पूर्ण पृष्ठ = वक्रपृष्ठ + दोनों सिरों का क्षेत्रफल

= 2πrh + 2πr2

= 2πr (h + r)

लम्बवृतीय बेलन का आयतन (V) = आधार (वृत) का क्षेत्रफल X ऊँचाई (h)

= πr2h

टिप्पणी : सूत्रों को व्युत्पन्न करना इस पुस्तक के क्षेत्र के बाहर है|

उदाहरण 1. एक बेलन के आधार का क्षेत्रफल 16πवर्ग सेमी तथा आयतन 112π घन सेमी है| बेलन की ऊँचाई ज्ञात कीजिए|

हल: बेलन के आधार का क्षेत्रफल = 16πवर्ग सेमी

तथा आयतन = 112π घन सेमी

बेलन का आयतन = आधार का क्षेत्रफल X ऊँचाई

तब बेलन की ऊँचाई = बेलन का आयतन / आधार का क्षेत्रफल

= 112π/ 16π

= 7  सेमी

अत: बेलन की ऊँचाई = 7 सेमी|

उदाहरण 2. एक बेलन की त्रिज्या 7 सेमी है| यदि उसकी ऊँचाई 3 सेमी हो, तो बेलन का सम्पूर्ण पृष्ठ होगा:

(i) 132 सेमी2

(ii) 220 सेमी2

(iii) 308 सेमी2

(iv) 440 सेमी2

उत्तर: (iv) 440 सेमी2|

हल: बेलन की त्रिज्या r = 7 सेमी

ऊँचाई h = 3 सेमी

बेलन का सम्पूर्ण पृष्ठ = 2πr (h+r)

2 × 22/7 ×(3+7) = 44×10 = 440 सेमी2|

UP Board Class 10 Mathematics Notes On Statistics (Chapter Fifth), Part-II

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