प्र. आईएएस प्रारंभिक परीक्षा में पुनरावृत्ति क्यों जरूरी है?
उ. आईएएस प्रारंभिक परीक्षा का सिलेबस बहुत ही बड़ा है औऱ इसके लिए न सिर्फ व्यापक तैयारी की जरुरी है बल्कि उसको बार– बार दुहराना भी जरूरी है. उम्मीदवारों को घरेलू और वैश्विक समाज, अर्थशास्त्र और राजनीति में होने वाली नवीनतम घटनाओं की जानकारी के साथ इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, राजनीति और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आदि के बुनियादी सैद्धांतिक पहलुओं को भी पढ़ना जरूरी होता है.
विशेष तौर पर, उम्मीदवारों को विभिन्न विषयों के एनसीईआरटी की किताबों के साथ वैकल्पिक पेपर की तैयारी के लिए मानक पाठ्य पुस्तकों को भी पढ़ना होता है. इसके साथ ही उन्हें संबंधित पत्रिकाओं, अखबारों के साथ सरकारी वेबसाइटों पर भी नजर रखनी होती है. इसलिए, जब तक इन विषयों को नियमित अंतराल पर दुहराया न जाए तब तक इन्हें पढ़ने का कोई खास फायदा नहीं होगा.
यह अक्सर कहा जाता है कि 'दुहराना', इसका अर्थ है जितनी बार आप उस पाठन सामग्री को दुहराते हैं हर बार वह आकार में छोटी होती चली जाती है अर्थात अगर पहली बार दुहराने में आपको दस घंटे लगे तो दूसरी बार उसी विषय को दुहराने में दस से कम घंटे लगेंगें. इस तरह यह सुनिश्चित हो जाता है कि परीक्षा के समय पूरे विषय को दुहराने में बहुत कम समय लगेगा.
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