डियर पेरेंट्स,
काफी समय के बाद मैं एक बार फिर करियर कोच की चिट्ठी लिख रहा हूं। सन् 2010 की यह शुरुआती चिट्ठी स्टूडेंट्स के लिए नहीं है। यह सिर्फ आपके लिए है। सभी पेरेंट्स के लिए। मैं इसे करियर कोच के साथ-साथ एक पेरेन्ट के बतौर भी लिख रहा हूं।
हर साल हम न्यू ईयर रिजोल्यूशंस बनाते हैं। कितने पूरे कर पाते हैं, यह कहना मुश्किल है। मुझे करियर कोच का स्तंभ लिखते हुए कई वर्ष हो गए हैं। हजारों पूछे गए प्रश्नों को ध्यान में रखते हुए मैं यह चिट्ठी लिख रहा हूं। यह चिट्ठी है उन न्यू ईयर रिजोल्यूशंस की, जो आप चाहें तो अपने लिए चुनकर अमल में ला सकते हैं। क्या आप तैयार हैं? यदि हां, तो इसे पढिए और हो सके तो दूसरों को भी पढाइए।
सन 2010 में अपने बच्चों के लिए हम यह प्रण लेते हैं कि :
1 हम अपने बच्चे को सही करियर च्वाइस में पूरा सहभागी बनाएंगे और अपनी इच्छा उस पर थोपने का प्रयास नहीं करेंगे। यह उसका जीवन है और उसे अपनी रुचि के अनुसार चुनने में हम पूरा सहयोग करेंगे और मार्गदर्शन देंगे। हम अपने बच्चे सुखी, संतुष्ट और प्रसन्न देखना चाहते हैं, न कि सिर्फ डॉक्टर, इंजीनियर या आईएएस। संतुष्टि तो सिर्फ चुने हुए मार्ग से ही मिल सकती है।
2 हम अपने बच्चे को रटन्तु शिक्षा पद्धति से ऊपर उठकर सही ज्ञान अर्जित करने की प्रेरणा देंगे। ज्ञान एवं कौशल का सही उपयोग ही उत्तम करियर बनाने की आधारशिला बन सकता है। ज्ञानार्जन में सही प्रश्न पूछना अनिवार्य है। हम प्रश्नों का स्वागत करेंगे और यदि स्वयं उत्तर नहीं जानते हों, तो अपने बच्चों के संग मिलकर उनका उपयुक्त उत्तर खोजने का प्रयास करेंगे।
3 हम अपने बच्चे को घर में दी जाने वाली शिक्षा पर और भी अधिक ध्यान देंगे। इससे उसके संस्कार और सुदृढ होंगे। इससे वह परंपराओं का भी आदर करेगा और बेहतर चरित्र निर्माण कर सकेगा। किताबी पढाई के अतिरिक्त हमारे बच्चों को समाज का अच्छा सदस्य और देश का उत्तम नागरिक भी बनना अनिवार्य है।
4 हम अपने बच्चे पर दूसरों की तुलना करते हुए अधिक परफोर्मेस का दबाव नहीं डालेंगे, जिससे वह बिना वजह किसी भी तरह का स्ट्रेस न लें। हर बच्चे का अलग व्यक्तित्व एवं क्षमता होती है। अपनी क्षमता अनुरूप आगे बढते रहने का ही हम निरंतर प्रोत्साहन देंगे।
5 हम हर किसी के साथ अपने बच्चे के बारे में यह बात नहीं करेंगे कि उसे आगे क्या करना चाहिए। भारत में सलाह तो मुफ्त मिलती है, लेकिन कन्फ्यूज अधिक करती है। हम किसी अधिक जानकार या क्षेत्र से संबंधित व्यक्ति से ही उपयुक्त करियर की जानकारी लेंगे।
6 हम अपने लडके एवं लडकी के बीच करियर निर्माण से संबंधित कोई भी भेदभाव नहीं करेंगे। हम उन्हें अपनी क्षमता एवं सुझाव के अनुरूप आगे बढने के लिए प्रेरित करेंगे।
7 हम मानते हैं कि जीवन में पैसा आवश्यक है, फिर भी हम पैसा को ध्यान में रखते हुए करियर बनाने की अपेक्षा अपने बच्चे को करियर में एक्सेलेंस की ओर बढाने की पे्ररणा देंगे। हम विश्वास करते हैं कि मनी इज द बाइ प्रोडक्ट ऑफ एक्सेलेंस। हमारा बच्चा किसी भी क्षेत्र में एक्सल करेगा, तो उसके अनुरूप पैसा तो आएगा ही। रिजोल्यूशंस तो और भी बहुत से बनाए जा सकते हैं। यह सब तो एक इशारा मात्र ही है। आप तो अपने बच्चों के लिए इससे भी बेहतर रिजोल्यूशन बनाएंगे। मुझे पूर्ण विश्वास है। अभी हाल ही में मैं एक सज्जन से मिला, जिनके पुत्र ने बैंक की नौकरी छोड डीप सी डिवाइंग का कोर्स किया। यह अत्यधिक जोखिम भरा करियर है, लेकिन अपने इकलौते पुत्र के निर्माण को पैरेंट्स ने सहर्ष स्वीकार किया। मां-बाप रिजॉल्व कर लें, तो बच्चा स्वयं क्या कुछ नहीं कर सकता है। नव वर्ष की मंगल कामनाओं के साथ।
करियर व मैनेजमेंट कंसल्टेंट
rajivkhurana@ jagran.com
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