अगर यह कहा जाए कि चॉकलेट में भी आप बेहतर करियर बना सकते हैं, तो इस बात पर आप शायद ही यकीन करें। लेकिन यह सच है। यदि आप लीक से हटकर नया कोर्स चुनना चाहते हैं, तो कम प्रतिस्पद्र्धा के कारण इसमें बेहतर करियर ऑप्शन हो सकता है। भारत की ही बात करें, तो शहरी इलाकों में रहने वाले अभिजात्य वर्ग में अच्छी चॉकलेट की मांग तेजी से बढ रही है। बडे वर्ग की इस डिमांड को पहचानते हुए संजीव ओबरॉय ने इस क्षेत्र में उतरने का फैसला किया। उन्होंने दिल्ली में ही चॉकलेट्स का चॉकलेटियर्स के नाम से एक बुटीक खोला। हालांकि इस क्षेत्र में उतरने से पहले संजीव गारमेंट्स के बिजनेस में थे और आज उन्हें अपने फैसले पर किसी तरह का कोई शक और पछतावा भी नहीं होता। संजीव बताते हैं कि उन्होंने जब ऐसा करने का फैसला किया तो ज्यादातर लोगों के मन में संशय था। लेकिन अब उन्हें भी इसकी अहमियत और संभावनाएं समझ में आने लगी है। इस समय इस क्षेत्र में प्रोफेशनल्स का काफी अभाव है। इसकी सबसे बडी वजह यह है कि अब भी इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिहाज से कोर्सेज की बेहद कमी है। यही वजह है कि जब रोजमैरी एन्टनी ने इस दिशा में काम करने पर विचार किया, तो उन्हें भी इसकी ट्रेनिंग के लिए विदेश का रुख करना पडा। यही नहीं संजीव ने भी इसकी ट्रेनिंग स्पैनिश कुक्स के जरिये स्पेन में जाकर हासिल की। यदि आप देश में ही रहकर इसमें करियर बनाना चाहते हैं, तो ऐसे में इस प्रोफेशन की शिक्षा किसी बेहतरीन शेफ के नीचे काम करते हुए हासिल की जा सकती है। या फिर हॉस्पिटैलिटी कोर्स के जरिये भी यह संभव है। बढती मांग की वजह से बैरी कैलबॉट ने भारत में एक चॉकलेट एकेडमी का गठन किया है, जहां से इस क्षेत्र से संबंधित कई तरह के कोर्सेज किए जा सकते हैं।
कोर्स
चॉकलेट एकेडमी, बिगनर, एडवांस्ड और स्पेशलाइज्ड कोर्स ऑफर करती है। बिगनर और एडवांस्ड कोर्स में पेस्ट्री शेफ, कन्फेक्शनर, बेकर्स और केटरर्स की ट्रेनिंग हासिल की जा सकती है, जबकि स्पेशलाइज्ड कोर्स में चॉकलेट प्रोसेसिंग के साथ इसकी टैम्परिंग, मोल्डिंग, एनरोबिंग और स्कल्पिटिंग से लेकर डेकोरेशन के अलावा फ्लेवर तक की ट्रेनिंग दी जाती है। यही नहीं कोर्स और ट्रेनिंग के दौरान न सिर्फ थ्योरी बल्कि प्रैक्टिकल पर भी पूरा ध्यान दिया जाता है।
संभावनाएं
इन कोर्सेज के बाद आप चाहें तो छोटे या फिर बडे स्तर पर अपना बिजनेस भी शुरू कर सकते हैं। बेंगलुरु में चॉक्लेशियस के को-फाउंडर डीन जॉर्ज कहते हैं कि इस वक्त बाजार में स्वस्थ प्रतिस्पद्र्धा है। इस कारण आप इससे संबंधित किसी भी क्षेत्र में करियर बनाते हैं, तो फायदे में रहेंगे। इसके अलावा आप चाहें तो चॉकलेट कन्फेक्शनरी इंडस्ट्री का रुख भी कर सकते हैं, जहां चॉकलेट टेस्टर के तौर पर करियर को आकार दिया जा सकता है। शुरुआती दौर में इस फील्ड में सैलरीज की शुरुआत 8 से 10 हजार रुपये से होती है, लेकिन जैसे-जैसे अनुभव होता जाएगा, एक लाख रुपये प्रतिमाह तक का वेतन हासिल किया जा सकता है।
संस्थान
भारत में इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिहाज से कोर्स कराने वाले संस्थानों की फिलहाल कमी है। आप चाहें तो हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट या फिर किसी प्रोफेशनल शेफ के अंतर्गत काम करते हुए ट्रेनिंग हासिल कर सकते हैं। इसके अलावा मुंबई स्थित बैरी कैलबॉट चॉकलेट एकेडमी से भी यह कोर्स कर सकते हैं, जिसकी वेबसाइट www.choclate-academy. com है।
इंडिया टुडे ग्रुप
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