केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों को पेंशन प्राप्त करने के लिये आधार कार्ड होना अनिवार्य नहीं है.
स्वैच्छिक एजेंसियों की स्थायी समिति की हाल में हुई 30वीं बैठक में कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने जानकारी साझा की थी. इसके जरिये जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिये प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जा सकता है और इसके लिये बैंकों में जाने की जरूरत नहीं है.
कार्मिक राज्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकारी कर्मचारियों के लिये पेंशन प्राप्त करने के लिये आधार होना अनिवार्य नहीं किया गया है.
महत्व:
आधार कार्ड को लेकर घोषणा महत्वपूर्ण है क्योंकि कुछ सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आधार नहीं होने के कारण अपने बैंक खातों में पेंशन प्राप्त करने में कठिनाई हो रही थी.
पृष्ठभूमि:
• आधार 12 अंकों की संख्या है. इसे भारतीय विशिष्ट पहचान संख्या प्राधिकरण (यूआईडीएआई) जारी करता है. यह संख्या, भारत में कहीं भी, व्यक्ति की पहचान और पते का प्रमाण होगा.
• इस प्राधिकरण की स्थापना 28 जनवरी 2009 को एक अधिसूचना के द्वारा योजना आयोग के संबद्ध कार्यालय के रूप में 115 अधिकारियों और स्टाफ की कोर टीम के साथ की गई.
• केंद्र सरकार के 48.41 लाख कर्मचारी हैं और 61.17 लाख पेंशनभोगी हैं.
इसके अलावा, जितेंद्र सिंह ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के कल्याण के लिए उठाए गए कदमों का जिक्र किया.
केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की न्यूनतम पेंशन बढ़ाकर 9,000 रुपए मासिक, कर मुक्त ग्रेच्युटी की सीमा बढ़ाकर 20 लाख रुपए तथा निर्धारित चिकित्सा भत्ता 1,000 रुपए प्रति माह तक बढ़ा दी है.
केंद्र सरकार ने 01 जुलाई 2017 से उपस्थिति भत्ता 4,500 रुपए से बढ़ाकर 6,750 रुपए कर दिया गया है. फाइनेंस बिल, 2018 में अर्जित इंटरेस्ट पर स्टैंडडर्ड डिडक्शन, टैक्स रिबेट आदि इनकम टैक्स से संबंधित कुछ बेनिफिट्स भी दिए गए हैं.
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