भारतीय मानक ब्यूरो ने अखिल भारतीय आघार पर तरल क्लोारीन हेतु पहला लाइसेंस दिया

भारतीय मानक ब्यूरो भारत में राष्ट्रीय मानक निर्धारित करने वाली संस्था है. यह उपभोक्ता मामलों, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अधीन कार्य करती है.

Apr 27, 2018 14:42 IST

भारतीय मानक ब्‍यूरो (बीआईएस) ने 26 अप्रैल 2018 को अखिल भारतीय आधार पर तरल क्‍लोरीन के लिए मैसर्स गुजरात अल्‍कलीज़ एंड कैमिकल्‍स लिमिटेड को पहला लाइसेंस प्रदान किया है.

मुख्य तथ्य:

  • अखिल भारतीय आधार पर यह पहला लाइसेंस दिया गया है. लाइसेंस 12 अप्रैल 2018 से एक वर्ष की अवधि के लिए प्रभावी होगा.
  • यह उत्‍पाद तरल अवस्‍था में है और इसे धातु के कंटेनर में रखा जाता है. आमतौर पर धातु के कंटेनर से तरल पदार्थ को वाष्पित करके गैस के रूप में इसका इस्‍तेमाल किया जाता है.
  • इसका इस्‍तेमाल मुख्‍य रूप से कागज, लुगदी, वस्‍त्र ब्‍लीचिंग, पानी के कीटाणुशोधन और रसायनों के निर्माण में किया जाता है.
  • इस कदम से बीआईएस प्रमाणीकरण मुहर योजना के अंतर्गत  उद्योग को आसानी से गुणवत्‍तापूर्ण तरल क्‍लोरीन मिल सकेगा.

भारतीय मानक ब्‍यूरो:

  • भारतीय मानक ब्यूरो भारत में राष्ट्रीय मानक निर्धारित करने वाली संस्था है. यह उपभोक्ता मामलों, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अधीन कार्य करती है. पहले इसका नाम 'भारतीय मानक संस्थान' था. इसका मुख्यालय दिल्ली में है.
  • भारतीय मानक ब्यूरो, मानक निरूपण, प्रमाणन, उत्पाद/योजनाओं, प्रयोगशाला सेवाएं, अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों, उपभोक्ता संबंधित गतिविधियों, प्रचारक गतिविधियों, प्रशिक्षण सेवाएं, सूचना सेवाएं एवं प्रकाशकों की बिक्री सेवा उपलब्ध कराता है.

भारतीय मानक ब्यूरो के उद्देश्य:

भारतीय मानक ब्यूरो के उद्देश्य मानक तैयार करना उन्हें लागु करना और उत्पादों की गुणवत्ता प्रणाली के लिए प्रमाणन योजना संचालित करना तथा परीक्षण प्रयोगशालाओं का प्रबन्ध करना आदि है.

 

 

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