Competitiveness Roadmap for India@100: प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद (Economic Advisory Council to Prime Minister-EAC-PM) 30 अगस्त 2022 को भारत@100 के लिए प्रतिस्पर्धात्मकता रोडमैप जारी करने जा रहा है. प्रतिस्पर्धात्मकता रोडमैप EAC-PM, इंस्टीट्यूट फॉर कॉम्पिटिटिवनेस (Institute for Competitiveness) के अध्यक्ष डॉ अमित कपूर और हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के प्रोफेसर माइकल ई. पोर्टर (Michael E. Porter) और क्रिश्चियन केटेल्स (Christian Ketels) के मध्य एक सहयोगी प्रयास है. यह डॉक्यूमेंट EAC-PM के अध्यक्ष डॉ बिबेक देबरॉय, G-20 के शेरपा अमिताभ कांत और EAC-PM के सदस्य, संजीव सान्याल की उपस्थिति में जारी किया जाएगा.
इस कार्यक्रम में डॉ अमित कपूर और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के विजिटिंग लेक्चरर प्रोफेसर माइकल ई. पोर्टर, डॉ क्रिश्चियन केटेल्स और डॉ बिबेक देबरॉय, अमिताभ कांत और संजीव सान्याल भारत@100 पर अपने विचार साझा करेंगे. भारत@100 के हिस्से के रूप में गठित हितधारक समूह के सदस्यों की एक पैनल चर्चा भी होगी.
क्या है भारत@100?
India@100 अपने शताब्दी वर्ष की ओर हमारे देश की प्रगति लिए एक रोडमैप है, जो उस विशाल क्षमता और महत्वाकांक्षाओं को साकार करने के लिए आवश्यक कदमों की पहचान करता है. साथ ही इसमें उन नीतियों को भी रेखांकित किया गया है जिन्हें हमें लागू करना है. यह रोडमैप वर्ष 2047 तक भारत को एक उच्च आय वाला और एक समृद्ध देश बनने के लिए मार्गदर्शन देगा.
क्या है भारत@100 के लिए प्रतिस्पर्धात्मकता रोडमैप?
- भारत@100 के लिए प्रतिस्पर्धात्मकता रोडमैप प्रोफेसर माइकल ई. पोर्टर द्वारा विकसित ढांचे पर आधारित है.
- इसमेभारत की अर्थव्यवस्था को स्थिरता और लचीलेपन की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए नीतिगत लक्ष्यों, सिद्धांतों और दृष्टिकोणों का भी प्रस्ताव है.
- यहरोडमैप भारत की वर्तमान आर्थिक स्थिति और प्रतिस्पर्धात्मक मूल्यों के गहन अध्ययन के आधार पर प्राथमिकता वाली पहलों का एक एकीकृत एजेंडा प्रस्तुत करता है.
- प्रतिस्पर्धात्मकता रोडमैप मेंसामाजिक प्रगति और साझा समृद्धि की भावना भी अंतर्निहित है.
- इसमेसरकार द्वारा हाल के वर्षों में लागू किये गये कई सुधारों को भी शामिल किया गया है और उन कार्यों को संबोधित करता है जिन्हें भारत को अभी प्राथमिकता देने की आवश्यकता है.
- इस रोडमैप में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि सुधार प्रयासों और योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए खुद को कैसे तैयार रखनाहै.
प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद:
EAC-PM एक गैर-संवैधानिक स्वतंत्र निकाय है, जिसका गठन भारत सरकार द्वारा किया गया है. यह निकाय विशेष रूप से प्रधानमंत्री को आर्थिक तथा अन्य संबंधित मुद्दों पर सलाह देता है. यह प्रधानमंत्री को माइक्रो फाइनेंस, मुद्रास्फीति और औद्योगिक उत्पादन जैसे कई प्रमुख आर्थिक मुद्दों पर सलाह देता है. नीति आयोग EAC-PM के लिये एक नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करता है.
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