Search

हॉकी के महान खिलाड़ी बलबीर सिंह सीनियर का निधन

बलबीर सिंह सीनियर को साल 1957 में पद्मश्री दिया गया था. तब यह पहला मौका था, जब किसी खिलाड़ी को यह सम्मान मिला था.

May 25, 2020 11:02 IST
facebook IconTwitter IconWhatsapp Icon

भारत के महान हॉकी खिलाड़ी बलबीर सिंह सीनियर का 25 मई 2020 को निधन हो गया. वे 95 साल के थे. वे पिछले दो सप्ताह से कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे. उनके परिवार में बेटी सुशबीर और तीन बेटे कंवलबीर, करणबीर और गुरबीर हैं. उनका पिछले कई दिनों से मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में इलाज चल रहा था.

फोर्टिस अस्पताल मोहाली के निदेशक अभिजीत सिंह ने कहा कि उन्हें 8 मई 2020 को यहां भर्ती कराया गया था. सांस लेने में दिक्कत होने की शिकायत के चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था. फोर्टिस अस्पताल के निदेशक डॉक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि बलबीर सिंह ने 25 मई 2020 को सुबह लगभग 6.30 बजे अंतिम सांस ली.

तीन बार जीता हॉकी का ओलंपिक गोल्ड

बलबीर सिंह सीनियर भारत के इकलौते ऐसे खिलाड़ी थे,जोकि तीन बार ओलंपिक गोल्ड मेडल विजेता टीम के सदस्य रहे थे. वे लंदन (1948), हेलसिंकी(1952) और मेलबर्न (1956) ओलिंपिक में गोल्ड जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे. उन्हें अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक कमेटी ने आधुनिक ओलंपिक इतिहास के 16 महानतम खिलाड़ियों में शामिल किया था. वे इस सूची में शामिल होने वाले, देश के इकलौते खिलाड़ी थे.

पद्मश्री हासिल करने वाले देश के पहले खिलाड़ी

बलबीर सिंह सीनियर को साल 1957 में पद्मश्री दिया गया था. तब यह पहला मौका था, जब किसी खिलाड़ी को यह सम्मान मिला था. वे साल 1975 में इकलौता हॉकी वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम के मैनेजर थे.

बलबीर सिंह का रिकॉर्ड आज भी कायम

हेलसिंकी ओलंपिक में बलबीर सिंह सीनियर ने पूरे टूर्नामेंट में 13 गोल किए. इनमें से सेमीफाइनल में ब्रिटेन के खिलाफ हैट्रिक दागी थी. वहीं फाइनल में भारत ने नीदरलैंड्स को 6-1 से हरा दिया. इनमें से बलबीर सिंह सीनियर ने 5 गोल अकेले दागे थे. ये फाइनल में एक खिलाड़ी द्वारा सबसे ज्यादा गोल का रिकॉर्ड है जो आज तक कायम है.

बलबीर सिंह पर फिल्म भी बन चुकी है

साल 2018 में आई अक्षय कुमार की फिल्म 'गोल्ड' बलबीर सिंह के जीवन पर ही आधारित थी. उसमें बलबीर का किरदार सनी कौशल ने निभाया था.

बलबीर सिंह सीनियर के बारे में

बलबीर सिंह सीनियर को साल 1956 के मेलबर्न ओलंपिक में भारत का कप्तान बनाया गया. भारत सरकार ने साल 1957 में बलबीर सिंह को पद्मश्री से सम्मानित किया था. वे साल 1975 की विश्व कप विजेता टीम के मैनेजर थे. इस टीम की कप्तानी अजीत पाल सिंह कर रहे थे.

बलबीर विश्व कप-1971 में कांस्य पदक और विश्व कप-1975 जीतने वाली भारतीय टीम के मुख्य कोच थे. बलबीर सिंह सीनियर दुनियाभर में गोल मशीन के नाम से मशहूर थे.

टीम इंडिया ने साल 1955 में न्यूजीलैंड -आस्ट्रेलिया के खिलाफ 203 गोल किए, जिसमें 121 गोल बलबीर सिंह सीनियर के थे. देश के महानतम एथलीटों में से एक बलबीर सीनियर अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति द्वारा चुने गए आधुनिक ओलंपिक इतिहास के 16 महानतम ओलंपियनों में शामिल थे.

बलबीर सिंह सीनियर का जन्म 31 दिसंबर 1923 को पंजाब के हरिपुर खालसा में हुआ था. उन्हें न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में हॉकी के सबसे महान खिलाड़ियों में माना जाता है.

Download our Current Affairs & GK app For exam preparation

डाउनलोड करें करेंट अफेयर्स ऐप एग्जाम की तैयारी के लिए

AndroidIOS