काठमांडू में भारतीय दूतावास ने 31 मार्च, 2021 को यह सूचित किया है कि, भारत सरकार ने नेपाल में तराई क्षेत्र में सड़क के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 800 करोड़ नेपाली रुपये की सहायता प्रदान की है. यह अनुदान एक समझौता ज्ञापन के तहत प्रदान किया गया है.
इस समझौता ज्ञापन (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) के तहत नेपाली सरकार ने NR 800 करोड़ की भारत सरकार की फंडिंग के तहत बनाई जाने वाली 10 प्राथमिकता वाली सड़कों की पहचान कर ली है. नेपाल में इस सड़क परियोजना को ‘भारत सरकार के वित्त पोषण और नेपाल सरकार द्वारा कार्यान्वयन’ के माध्यम से निष्पादित किया जाता है.
नेपाल में तराई सड़क परियोजना
- इन सड़कों को हुलाकी राजमर्ग भी कहा जाता है और वे पूर्व-पश्चिम राजमार्ग पर स्थित प्रमुख शहरों को भारत और नेपाल की सीमा से जोड़ती हैं.
- ये 10 सड़कें नेपाल के प्रांत 1, 2 और 5 के कुल 7 सीमावर्ती जिलों में स्थित हैं.
- इन 10 सड़कों को 14 पैकेजों में विभाजित किया गया था. इस अनुबंध के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए नेपाल के सड़क विभाग ने निर्माण कार्य के लिए अक्टूबर, 2016 से नवंबर, 2017 तक 14 अनुबंध प्रदान किये थे.
- प्रत्येक तराई सड़क पर सात-मीटर कैरिज वे और दोनों तरफ दो-मीटर अतिरिक्त मार्ग होते हैं.
- नव निर्मित सड़कों में आबादी क्षेत्रों की रेलिंग, जल निकासी, सड़क चिह्नों और सड़क साइनेज बोर्डों के साथ फुटपाथ हैं.
- इस सड़क परियोजना के तहत, 111 किलोमीटर से अधिक लंबा जल निकासी नेटवर्क और 652 पुल भी बनाए गए हैं.
महत्त्व
नेपाल की इस तराई सड़क परियोजना ने तराई क्षेत्र में सड़क के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में मदद की है और भारत तथा नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के बीच आपसी संबंधों को सुविधाजनक बनाया है.
ये सड़कें 149 से अधिक गांवों, 284 वार्डों, 18 नगर पालिकाओं, 18 ग्राम नगर पालिकाओं और 1 उप-महानगरीय शहर के लोगों के लिए आसान और सुविधाजनक यात्रा प्रदान करती हैं.
भारतीय सहायता के साथ पूर्ण हुलाकी सड़कें, नेपाल में भारत द्वारा विकसित की गई अन्य प्रमुख सीमा अवसंरचनाओं जैसेकि, सीमा पार रेलवे लाइनें और बिराटनगर और बीरगंज में चेक पोस्ट, की पूरक बन गई हैं.
भारत और नेपाल के आपसी संबंध
इस क्षेत्र के विकास में परस्पर सहयोग के लिए भारत और नेपाल के संबंधों ने एक और मील का पत्थर स्थापित किया है. भारतीय राजदूत और नेपाल के भौतिक अवसंरचना और परिवहन मंत्री ने कुल 14 पैकेजों में से ऐसे 13 पैकेजों को देश को समर्पित किया है जो पूरे हो गए हैं और अब तक इन क्षेत्रों में रहने वाले लोग एक वर्ष से अधिक समय से इन सड़कों का इस्तेमाल कर रहे हैं.
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