भारत, नेपाल को तीन नए स्कूल भवन के निर्माण हेतु 10 करोड़ 70 लाख नेपाली रुपये देगा. यह स्कूल दार्चुला, धनुषा और कपीलवस्तु जिले में बनाए जाऐंगे. इस आश्य के समझौता ज्ञापन पर 16 मार्च 2020 को काठमांडू में भारत, नेपाल और संबद्ध जिलों के निकायों के बीच हस्ताक्षर किए गए.
भारतीय दूतावास ने शिवभारी स्कूल भवन के निर्माण हेतु कपीलवस्तु जिला समन्वय समिति को अस्सी लाख नेपाली रुपए का चेक सौंपा. भारत-नेपाल विकास साझेदारी कार्यक्रम दोनों देशों के पारस्परिक लाभ हेतु इन स्कूलों का निर्माण कर रहा है. काठमांडू के धनुषा जिले में दो नए स्कूल भवनों पर लगभग 73.96 मिलियन नेपाली रुपए खर्च होंगे.
भारतीय दूतावास और नेपाल के संघीय मामलों एवं सामान्य प्रशासन मंत्रालय ने तीन नये स्कूलों के भवन निर्माण हेतु दो सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किये हैं. इनमें से एक सहमति पत्र पर दार्चुला की महाकाली नगरपालिका जबकि दूसरे सहमति पत्र पर धनुषा की मुखियापट्टी मुसहरनिया ग्रामीण नगरपालिका के साथ हस्ताक्षर किये गए.
इससे संबंधित मुख्य तथ्य
• निर्माण कार्य के लिए भारत सरकार द्वारा कई सुविधाएं प्रदान की जाएंगी. इसमें टेंडर, रोजमर्रा की देखरेख और काम का पुरस्कार शामिल होगा.
• भारत के दूतावास, नेपाल के सामान्य प्रशासन और संघीय मामलों के मंत्रालय संघीय स्तर पर परियोजनाओं की निगरानी करेंगे.
• भारत सरकार 33.05 मिलियन नेपाली रुपए की राशि से कपिलवस्तु, शिवहरि, और महाराजगंज में नए स्कूल भवनों का निर्माण करेगी.
• भारतीय दूतावास ने शिवभारी स्कूल भवन के निर्माण हेतु कपीलवस्तु जिला समन्वय समिति को अस्सी लाख नेपाली रुपए का चेक सौंप दिया हैं.
भारत-नेपाल संबंध
भारत और नेपाल के संबंध अनादि काल से हैं. दोनों पड़ोसी हैं, दोनों की धार्मिक, सांस्कृतिक, भाषायी एवं ऐतिहासिक स्थिति में बहुत अधिक समानता है. भारत और नेपाल हिंदू धर्म एवं बौद्ध धर्म के संदर्भ में समान संबंध साझा करते हैं. उल्लेखनीय है कि बुद्ध का जन्मस्थान लुम्बिनी नेपाल में है और उनका निर्वाण स्थान कुशीनगर भारत में स्थित है. भारत, नेपाल का सबसे बड़ा व्यापार भागीदार होने के साथ-साथ विदेशी निवेश का सबसे बड़ा स्रोत भी है.
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