29 मार्च, 2021 को भारत और अमेरिका ने रणनीतिक ऊर्जा साझेदारी को फिर से शुरू करने पर अपनी सहमति व्यक्त की है. स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने वाले निम्न कार्बन के साधनों और हरित ऊर्जा सहयोग में तेजी लाने पर ध्यान देने के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन और प्रधानमंत्री मोदी की नई प्राथमिकताओं को क्रियान्वित करने के लिए निर्णय लिया गया है.
एक आभासी बैठक के दौरान, अमेरिकी ऊर्जा सचिव जेनिफर ग्रान्होल्म और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत के बीच ऊर्जा रणनीतिक सहयोग की समीक्षा की. धर्मेंद्र प्रधान ने ट्वीट की श्रृंखला के माध्यम से यह खबर साझा की थी.
1. Had an excellent introductory meeting virtually with US Secretary of Energy H.E Jennifer Granholm. Congratulated @SecGranholm on assuming the high office. Reviewed the India-US Strategic Energy Cooperation (SEP). @ENERGY pic.twitter.com/pm6WNORYY4
— Dharmendra Pradhan (@dpradhanbjp) March 29, 2021
मुख्य विशेषताएं
• प्रधान और ग्रान्होल्म दोनों ने आभासी मुलाकात के दौरान, जल्दी ही भारत-अमेरिका सामरिक ऊर्जा साझेदारी की तीसरी बैठक बुलाने पर अपनी सहमति व्यक्त की.
• दोनों देशों के लिये फायदेमंद निम्न कार्बन साधनों के साथ स्वच्छ ऊर्जा मार्ग के माध्यम से दोनों देशों में हुई प्रगति - तेजी से बढ़ रहे भारत के बाजार और उन्नत अमेरिकी प्रौद्योगिकियों - का परस्पर लाभ उठाने के प्रयासों को तेज करने के लिए भी बातचीत हुई.
• दोनों मंत्री उभरते क्षेत्रों में सहयोग को प्राथमिकता देने और उद्योग की व्यस्तताओं को तेज करने के लिए भी सहमत हुए.
• वे ऊर्जा पहुंच का विस्तार करने, ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और आपसी आर्थिक समृद्धि के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर काम करने के लिए भी सहमत हुए.
स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में भारत-अमेरिका के बीच सहयोग
इस आभासी बैठक (वर्चुअल मीटिंग) के दौरान, प्रधान और ग्रान्होल्म अग्रिम स्वच्छ ऊर्जा अनुसंधान के लिए स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र - कार्बन कैप्चर, उपयोग और भंडारण, जैव ईंधन, कार्बन अनुक्रम और हाइड्रोजन का उत्पादन - में प्रौद्योगिकी विनिमय और साझेदारी के आधार पर जॉइंट R&D के माध्यम से अधिक से अधिक सहयोग को प्राथमिकता देने के लिए सहमत हुए.
Comments
All Comments (0)
Join the conversation