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पाकिस्तान को लगेगा एक और झटका, भारतीय सेना में शामिल होगी स्पाइक मिसाइल

भारतीय रक्षा मंत्रालय ने सेना की आपातकालीन सुरक्षा की उदेश्योंको देखते हुए इजरायल में बनी एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल ‘स्पाइक मिसाइल' खरीदने के लिए भारतीय सेना को आदेश दिया था. यह मिसाइल सही रूप से निशाना लगाने और बंकरों को भेदने की क्षमता रखती हैं.

Jul 12, 2019 11:59 IST

भारतीय सेना ने हाल ही में इजरायली टैंक रोधी स्पाइक मिसाइलों को खरीदने हेतु एक सौदा किया है. यह मिसाइल सटीक निशाना लगाने एवं बंकरों को भेदने की बखूबी क्षमता रखती हैं. इसको खरीदने का ऑर्डर भी दे दिया गया है.

भारतीय रक्षा मंत्रालय अपनी सैन्य शक्ति को मजबूत करने हेतु आए दिन नए-नए हथियार खरीद रहा है. रक्षा मंत्रालय ने सेना की आपातकालीन सुरक्षा की उदेश्यों को देखते हुए इजरायल में बनी एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल ‘स्पाइक मिसाइल' खरीदने के लिए भारतीय सेना को आदेश दिया था.

केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को आतंकी हमले के बाद तीनों सैन्य सशस्त्र बलों को आपातकालीन हथियार खरीदने के अधिकार दिए थे. पुलवामा आतंकी हमले भारतीय सुरक्षा बलों के लगभग 40 जवान शहीद हो गए थे. केंद्र सरकार ने जिसके बाद सेना को 300 करोड़ रुपये तक की आपातकालीन खरीद कर सकती है.

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मिसाइल की खासीयत

   यह मिसाइल सही रूप से निशाना लगाने और बंकरों को भेदने की क्षमता रखती हैं.

   ये मिसाइलें 04 किलोमीटर की रेंज में निशाने को भेद सकती हैं. इस मिसाइल को मैदान के साथ-साथ पहाड़ियों से भी चलाया जा सकता है.

   यह मिसाइल वाहनों के साथ-साथ, हेलिकॉप्टर, जहाज और ग्राउंड लॉन्चर्स से भी चलाया जा सकता है. इस मिसाइल को नियंत्रण रेखा के साथ भी तैनात किया जा सकता है.

   इस मिसाइल को आसानी से एक जगह से दूसरे जगह तक ढो कर ले जाया जा सकता है.

   यह एक गाइडेड मिसाइल है जो अपने लक्ष्य को भेद कर ही दम लेती है.

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स्पाइक मिसाइल क्या है?

इजराइल द्वारा डिजाइन किया हुआ स्पाइक चौथी पीढ़ी की मिसाइल है. यह मिसाइल इजरायल की सरकारी क्षेत्र की कंपनी राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम्स बनाती है. इस मिसाइल की खासीयत यह है कि यह गाइडेड मिसाइल है. इस मिसाइल को आसानी से लादकर एक स्थान से दूसरी स्थान ले जाया जा सकता है. इसकी ये दो मुख्य खासियत आमने-सामने के मोर्चे में बहुत ही मददगार साबित होती हैं.

इससे चलते हुए टैंक पर भी सटीक निशाना लगाया जा सकता है. मिसाइल दागने के बाद अपनी स्थान बदल सकते हैं, ताकि दुश्मन के निशाने पर आने से बच जाएं. फिलहाल इस मिसाइल का प्रयोग इटली, जर्मनी, स्पेन, ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड, पुर्तगाल तथा ब्रिटेन सहित कुल 26 देश कर रहे हैं.

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