30 मार्च, 2021 को नीति आयोग द्वारा जारी की गई एक नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, स्वास्थ्य सेवा भारत के सबसे बड़े क्षेत्रों में से एक बन गई है और वर्ष, 2022 में इसके 372 बिलियन अमरीकी डालर तक पहुंचने की उम्मीद है.
नीति आयोग की रिपोर्ट ने दवाइयों, अस्पतालों, चिकित्सा उपकरणों, नए युग की प्रौद्योगिकियों के क्षेत्रों और घरेलू स्वास्थ्य समाधानों में भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश के कई अवसरों की एक श्रृंखला की रूपरेखा तैयार की है.
इस रिपोर्ट में यह उल्लेख किया गया है कि, भारत में स्वास्थ्य सेवा उद्योग वर्ष, 2016 के बाद से लगभग 22% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर से बढ़ रहा है और इस दर से, वर्ष, 2022 में 372 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है.
The report on Investment Opportunities in #India’s Healthcare Sector was released today by #NITIAayog Member Dr. VK Paul, CEO @amitabhk87, Additional Secretary Dr. Rakesh Sarwal, Policy Specialist @urvashi01 & Sr. Consultant @kmadangopal.
— NITI Aayog (@NITIAayog) March 30, 2021
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नीति आयोग की रिपोर्ट: प्रमुख विशेषताएं
• नीति आयोग की रिपोर्ट में ‘भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश के अवसर’ शीर्षक से यह उल्लेख किया गया है कि देश के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में वर्ष, 2017 से वर्ष, 2022 के बीच 27 लाख रोजगार सृजित करने की क्षमता है. इसका मतलब यह है कि, हर साल 5 लाख से अधिक नए रोजगार सृजित होंगे.
• भारत में इस क्षेत्र में FDI प्रवाह वर्ष, 2011 में 94 मिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर वर्ष, 2016 में 1,275 मिलियन अमरीकी डॉलर हो गया था.
• भारत में अस्पताल के क्षेत्र में, निजी अस्पतालों के टियर- II और टियर- III स्थानों में विस्तार ने निवेश के लिए एक आकर्षक अवसर प्रदान किया है.
• प्रौद्योगिकी उन्नति जैसेकि वियरेबल्स (वियरेबल टेक्नोलॉजीज़), कृत्रिम बुद्धिमत्ता(आर्टिफिशल इंटेलिजेंस) और अन्य मोबाइल तकनीकों ने प्रमुख क्षेत्रों में निवेश के लिए कई तरीके सुझाए हैं.
भारतीय अस्पताल उद्योग
कुल स्वास्थ्य सेवा बाजार का 80% हिस्सा भारतीय अस्पताल उद्योग है. वर्ष, 2016-2017 में, भारतीय अस्पताल उद्योग का मूल्य 61.79 बिलियन अमरीकी डॉलर था और अब वर्ष, 2023 तक इसके 132 बिलियन अमरीकी डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है.
इस नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 65% अस्पताल के बेड महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, और केरल में रहने वाली लगभग 50% आबादी की जरुरत को पूरा करते हैं.
हेल्थकेयर इंडस्ट्री में निवेश के हैं बेहतरीन अवसर
नीति आयोग के CEO अमिताभ कांत के अनुसार, कोरोना वायरस महामारी ने न केवल चुनौतियां दी हैं, बल्कि भारत को विकसित होने के कई अवसर भी प्रदान किए हैं और ये सभी कारक देश के स्वास्थ्य उद्योग को निवेश के लिए बेहतरीन विकल्प बनाते हैं.
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