हाल ही में भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके दक्षिण कोरियाई समकक्ष सुह वूक ने दिल्ली छावनी में आयोजित एक समारोह में भारत-दक्षिण कोरिया मैत्री पार्क का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया. पार्क को 1950-53 के कोरियाई युद्ध के दौरान दिए गए भारतीय शांतिरक्षक सेना के योगदान की याद में बनाया गया है.
बाद में दोनों मंत्रियों ने सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों का पता लगाने हेतु द्विपक्षीय बैठक की. इससे पहले फरवरी 2019 में भारत के प्रधानमंत्री ने दक्षिण कोरिया (कोरिया गणराज्य) का दौरा किया था. प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत, सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवने, नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह और एयर चीफ मार्शल आरके एस भदौरिया भी इस मौके पर मौजूद थे.
मुख्य आकर्षण केंद्र
छह एकड़ के हरित क्षेत्र में फैले इस पार्क में कोरियाई शैली का एक प्रवेश द्वार, जॉगिंग ट्रैक, प्राकृतिक उद्यान और रंगभूमि मुख्य आकर्षण के केंद्र हैं. इस पार्क के प्रवेश द्वार पर निर्मित हाथ मिलाती हुई एक बड़ी कलाकृति है, जिस पर भारत और दक्षिण कोरिया के ध्वज बने हैं.
Indo-Korean Bilateral Friendship Park inaugurated by Honourable Raksha Mantri Shri @Rajnathsingh & South Korea's Minister of National Defence Mr Suh Wook at Delhi Cantt. The park commemorates contribution of Indian peacekeepers during Korean war.@moonriver365@MOFAkr_eng pic.twitter.com/UzQpCWcOac
— Western Command - Indian Army (@westerncomd_IA) March 26, 2021
इस पार्क का विकास
इस पार्क का विकास भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय, भारतीय सेना, दिल्ली छावनी बोर्ड, कोरियाई दूतावास और भारत के कोरियन वॉर वेटेरन्स एसोसिएशन के संयुक्त परामर्श से किया गया है.
महत्व
दिल्ली छावनी में स्थित इस पार्क की महत्ता केवल भारत-दक्षिण कोरिया के मज़बूत मित्रता संबंधों के प्रतीक के रूप में ही नहीं है बल्कि संयुक्त राष्ट्र के तत्त्वावधान में वर्ष 1950-53 के बीच हुए कोरियाई युद्ध में हिस्सा लेने वाले 21 देशों में से एक भारत के योगदान को दर्शाना भी है.
सैन्य उपकरणों की आपूर्ति
दक्षिण कोरिया भारत को सबसे अधिक हथियारों और सैन्य उपकरणों की आपूर्ति करता रहा है. दोनों देशों ने साल 2019 में विभिन्न भूमि और नौसेना प्रणालियों के संयुक्त उत्पादन में सहयोग के लिए एक मसौदा तैयार किया था.
भारत-दक्षिण कोरिया संबंध: एक नजर में
भारत और दक्षिण कोरिया संबंध पिछले 2,000 वर्षों से मजबूत रहे हैं, हालांकि पिछले तीन दशकों के दौरान काफ़ी अधिक प्रगति देखने को मिली है. कोरिया और भारत हर पहलू में बहुत सी समानताएँ साझा करते हैं. भारत और दक्षिण कोरिया ने व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA), 2010 पर हस्ताक्षर किये हैं. यह समझौता व्यापार संबंधों के विकास को सुविधाजनक बनाता है.
भारत ने दक्षिण कोरिया की दक्षिणी नीति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिसके तहत कोरिया अपने प्रभावी क्षेत्र के अतिरिक्त अन्य क्षेत्रों में भी संबंधों का विस्तार करना चाहता है. भारत और दक्षिण कोरिया के बीच वर्तमान द्विपक्षीय व्यापार 21 बिलियन अमेरिकी डॉलर का है, जबकि वर्ष 2030 तक 50 बिलियन अमेरिकी डॉलर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
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