नासा ने चंद्रमा पर अपना पहला मोबाइल रोबोट भेजने की घोषणा की

May 26, 2021, 15:07 IST

यह मोबाइल रोबोट चंद्रमा की सतह पर और इसके नीचे बर्फ एवं अन्य संसाधनों की खोज करेगा. इस मिशन का उद्देश्य चंद्रमा की सतह के अंदर बर्फ तथा अन्‍य प्राकृतिक संसाधनों की तलाश करना है.

mobile robot on moon
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अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने हाल ही में घोषणा की है कि साल 2023 में वह चंद्रमा पर अपना पहला मोबाइल रोबॉट भेजने जा रही है. नासा ने इसे वोलाटाइल्स इंवेस्टिगेशन पोलर एक्स्प्लोरेशन रोवर (वाइपर) मिशन नाम दिया गया है और इसका उद्देश्य चंद्रमा की सतह के अंदर बर्फ तथा अन्‍य प्राकृतिक संसाधनों की तलाश करना है.

नासा ने 2023 में चंद्रमा पर अपना पहला मोबाइल रोबोट भेजने की घोषणा की है. यह मोबाइल रोबोट चंद्रमा की सतह पर और इसके नीचे बर्फ एवं अन्य संसाधनों की खोज करेगा. यह मिशन ‘रोबोट विज्ञान मिशन’ और ‘मानव अन्वेषण’ को साथ-साथ चलने का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है.

43 करोड़ डॉलर का बजट जारी

इस रोबॉट को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के चारों ओर प्राकृतिक संसाधनों का नक्‍शा भी बनाना है. नासा ने इसके लिए 43 करोड़ डॉलर का बजट भी जारी कर दिया है. नासा की ओर से इसे लेकर हाल ही में एक बयान जारी किया गया है. जिसमें कहा गया है कि रोवर के डाटा से ही आर्टिमिस प्रोग्राम में मदद मिलेगी.

वाइपर मिशन: एक नजर में

वाइपर मिशन में ऐसे हेड लाइट लगाए गए हैं जिससे यह रोवर चांद के उन हिस्‍सों की जांच कर सकेगा जो छाया के कारण अंधेरे में रहते हैं. नासा के प्लेनेटरी साइंस डिवीजन के डायरेक्‍टर लोरी ग्‍लेज ने कहा कि वाइपर से मिला डेटा हमारे वैज्ञानिकों को यह पता लगाने में मदद करेगा कि चंद्रमा की सतह पर कहां पर और कितनी बर्फ है.

यह मोबाइल रोबोट आर्टेमिस कार्यक्रम का एक हिस्सा है. यह वाइपर से डेटा एकत्र करेगा और वैज्ञानिकों को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर संसाधनों का मानचित्रण करने में सहायता करेगा. वाइपर से प्राप्त डेटा वैज्ञानिकों को चंद्र सतह पर सटीक स्थानों और बर्फ की सांद्रता निर्धारित करने में सहायता कर सकता है.

वाइपर के बारे में

यह एक चंद्र रोवर है जिसे नासा ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव का पता लगाने के लिए विकसित किया है. इसे नवंबर 2023 में चंद्रमा की सतह पर पहुंचाया जाएगा. यह रोवर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र के स्थायी रूप से छाया वाले क्षेत्रों में संसाधनों का पता लगाएगा. इसका उपयोग एक दिन चांद पर लंबे समय के लिए मानव अन्वेषण के लिए इस्तेमाल किया जाएगा.

इस डाटा का विशलेषण कर दक्षिणी ध्रुव के वातावरण और संसाधनों के बारे में पता चलेगा, जिससे आर्टिमिस मिशन की तैयारी की जाएगी. वाइपर चंद्रमा पर नासा की ओर से भेजा गया सबसे सक्षम रोबॉट होगा.

पृष्ठभूमि

यह मिशन हमें चंद्रमा पर पानी की उत्‍पत्ति और उसके वितरण के बारे में बताएगा. इससे आगे चलकर अनंत ब्रह्मांड में अंतरिक्षयात्रियों को भेजने में मदद मिलेगी. बता दें कि नासा ने चंद्रमा की सतह पर पानी की खोज की है. इस बड़ी खोज से न केवल चंद्रमा पर भविष्य में होने वाले मानव मिशन को बड़ी ताकत मिलेगी. बल्कि, इनका उपयोग पीने और रॉकेट ईंधन उत्पादन के लिए भी किया जा सकेगा.

Vikash Tiwari is an content writer with 3+ years of experience in the Education industry. He is a Commerce graduate and currently writes for the Current Affairs section of jagranjosh.com. He can be reached at vikash.tiwari@jagrannewmedia.com
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