उत्तर प्रदेश के कानपुर जिला जेल में बंद कैदियों की जेल से अपने परिजनों से टेलीफोन पर बात करने की सुविधा शुरू हो गयी है. इसके लिए जेल में पीसीओ लगाए गए हैं. इसके अनुसार कैदियों द्वारा उपलब्ध कराए गए नंबरों को पहले जांच किया जाएगा और इन्हें रजिस्टर में लिखा जाएगा.
हालांकि, राज्य सरकार ने सभी जेलों में फोन सुविधा शुरू करने का निर्देश दिए थे, जिसके तहत कानपुर जेल में भी दो पीसीओ लगाये गये थे. लेकिन कैदियों की बातचीत शुरू नहीं हुई थी उसका कारण यह था कि जेल विभाग ने कैदियों से उनके परिजनो के लैंडलाइन का पोस्टपेड नंबर मांगा गया था जिस पर बातचीत करने की इजाजत दी जाये.
एक दो कैदियों को छोड़कर कोई भी कैदी पोस्टपेड या लैंडलाइन नंबर जेल प्रशासन को उपलब्ध नहीं करा सका जिस कारण यह बातचीत की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी. अब कैदियों के प्रीपेड नंबर मांगे गये है.
प्रशासन द्वारा नंबर जांच होने के बाद नंबर सही पाये जाने पर कैदियों की बात उन नंबरों पर कराई जायेगी. कैदियों के नाम के आगे उनके जांच के बाद के परिजनों के नंबर लिखे जायेंगे तथा कैदी केवल उन्हीं नंबर पर बात कर पायेंगे जो नंबर उन्होंने जेल प्रशासन को दिया है और जिसकी जांच हो चुकी है.

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