टॉप कैबिनेट मंजूरी: 07 दिसंबर 2018

Dec 7, 2018, 18:59 IST

केंद्रीय मंत्रिमंडल को ऊर्जा सक्षमता/ ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में भारत तथा फ्रांस के बीच समझौता ज्ञापन से अवगत कराया गया. इस समझौता पर 17 अक्टूबर 2018 को हस्ताक्षर किए गए थे.

Top Cabinet Approvals: 07 December 2018
Top Cabinet Approvals: 07 December 2018

मंत्रिमंडल ने ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में भारत तथा फ्रांस के बीच समझौता ज्ञापन को स्वीकृति दी

• केंद्रीय मंत्रिमंडल को ऊर्जा सक्षमता/ ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में भारत तथा फ्रांस के बीच समझौता ज्ञापन से अवगत कराया गया. इस समझौता पर 17 अक्टूबर 2018 को हस्ताक्षर किए गए थे.

• समझौता ज्ञापन विज्ञान और प्रौद्योगिकी समझौता है, जिसमें केवल तकनीकी सहायता में ज्ञान का आदान-प्रदान और सहयोग शामिल है. यह समझौता ज्ञापन ऊर्जा सक्षमता बढ़ाने तथा मांग प्रबंधन से संबंधित नीतियों, कार्यक्रमों और • टेक्नोलॉजी पर सूचना के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करेगा.

• इस समझौता ज्ञापन से ऊर्जा सक्षमता के बारे में जागरूकता पैदा होगी. इससे सीओ2 उत्सर्जनों तथा आईएनडीसी के लिए वैश्विक उत्सर्जन की निगरानी के लिए जीएचजी डाटा के संग्रहण, उपयोग तथा विश्लेषण के लिए तंत्र विकसित होंगे.

• समझौता ज्ञापन अनुसंधान और विकास तथा ऊर्जा सक्षम प्रौद्योगिकी के प्रदर्शन को प्रोत्साहित करेगा. इससे इलेक्ट्रिक परिवहन पर विशेष फोकस के साथ सतत विकास होगा.

 

मंत्रिमंडल ने जलियांवाला बाग राष्ट्रीय स्मारक अधिनियम, 1951 में संशोधन को मंजूरी दी

• इस निर्णय का लक्ष्य जलियांवाला बाग राष्ट्रीय स्मारक अधिनियम, 1951 में समुचित संशोधन करना है, ताकि न्यासियों के रूप में प्रतिनिधित्व हो सके. संशोधन इस प्रकार है : लोकसभा में मान्य नेता प्रतिपक्ष या जब नेता प्रतिपक्ष न हो, तब की स्थिति में सदन में सबसे बड़े विपक्षी दल का नेता.

• मौजूदा अधिनियम में सबसे बड़े राष्ट्रीय राजनीतिक दल के प्रतिनिधित्व के लिए प्रावधान है. न्यास से दल विशेष के सदस्य को हटाने से न्यास गैर-राजनीतिक हो जाएगा. प्रस्तावित संशोधन के तहत न्यास में विपक्षी दल के प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित किया गया है.

• प्रस्तावित संशोधन से सरकार को न्यास के कामकाज में हिस्सा लेने या किसी अन्य कारण से न्यासी को हटाने या उसे बदलने का अधिकार प्राप्त हो जाएगा.

 

मंत्रिमंडल ने अंतरिक्ष विज्ञान, टेक्नोलॉजी तथा ऐप्लीकेशन के क्षेत्र में सहयोग पर भारत तथा अल्जीरिया के बीच समझौता को स्वीकृति दी

• केंद्रीय मंत्रिमंडल को अंतरिक्ष विज्ञान, टेक्नोलॉजी तथा ऐप्लीकेशन के क्षेत्र में सहयोग पर भारत तथा अल्जीरिया के बीच समझौता से अवगत कराया गया. इस समझौता पर बेंगलुरू में 19 सितम्बर 2018 को हस्ताक्षर किए गए थे.

• यह समझौता पृथ्वी के दूर संवेदी, सेटेलाइट संचार, सेटेलाइट आधारित नैविगेशन, अंतरिक्ष विज्ञान तथा ग्रहों की खोज, अंतरिक्ष विज्ञान और अंतरिक्ष प्रणालियों और ग्राउंड सिस्टम, अंतरिक्ष टेक्नोलॉजी ऐप्लीकेशन सहितअंतरिक्ष विज्ञान टेक्नोलॉजी तथा ऐप्लीकेशनों में सहयोग की संभावनाओं में सहायक होगा.

• इस समझौता से भारत और अल्जीरिया के बीच सहयोग में मजबूती आएगी और दूर संवेदी, सेटेलाइट नैविगेशन, अंतरिक्ष विज्ञान तथा बाह्य अंतरिक्ष की खोज के क्षेत्र में नई अनुसंधान गतिविधियों तथा ऐप्लीकेशन संभावनाओं को बल मिलेगा.

 

मंत्रिमंडल ने पर्यावरण सहयोग के क्षेत्र में भारत और जापान के बीच सहयोग ज्ञापन को मंजूरी दी

• केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत और जापान के बीच सहयोग ज्ञापन को कार्योत्तर मंजूरी दी है. इस सहयोग ज्ञापन पर 29 अक्टूबर 2018 को भारतीय प्रधानमंत्री की जापान यात्रा के दौरान हस्ताक्षर किए गए थे.

• यह सहयोग ज्ञापन प्रत्येक देश के उपयुक्त कानूनों और कानूनी प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए समानता, पारस्परिकता और आपसी लाभ के आधार पर प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भारत और जापान के बीच नजदीकी और दीर्घकालिक सहयोग स्थापित करने और प्रोत्साहित करने को सक्षम करेगा.

• इसके अलावा इस सहयोग ज्ञापन में दोनों देशों के बीच सूचना और प्रौद्योगिकी का आदान प्रदान करना भी शामिल है. पर्यावरण संबंधी गिरावट का असर समाज के समृद्ध वर्गों से कहीं अधिक कठोरता से सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित वर्गों पर होता है.

• पर्यावरण नुकसान को रोकने की कोई भी कोशिश समाज के सभी वर्गों के बीच अच्छे पर्यावरण संबंधी संसाधनों की उपलब्धता के लिहाज से पर्यावरण संबंधी समानता की दिशा में ले जाएगी. इस सहयोग ज्ञापन से उम्मीद है कि ये बेहतर पर्यावरण सुरक्षा, बेहतर संरक्षण, जलवायु परिवर्तन के बेहतर प्रबंधन और जैव विविधता संरक्षण के लिए नवीनतम प्रौद्योगिकियों और सर्वश्रेष्ठ अभ्यासों को लाएगा.

 

मंत्रिमंडल ने संयुक्त डाक टिकट जारी करने पर भारत और आर्मेनिया के बीच समझौता ज्ञापन को मंजूरी दी

• केंद्रीय मंत्रिमंडल को संयुक्त डाक टिकट जारी करने के बारे में भारत और आर्मेनिया के बीच समझौता ज्ञापन से अवगत कराया गया. समझौता ज्ञापन पर जून 2018 में हस्ताक्षर किए गए थे.

• समझौता ज्ञापन के अनुसार संचार मंत्रालय का डाक विभाग और आर्मेनिया का राष्ट्रीय डाक संचालक (‘हे पोस्ट’ सीजेएससी) पारस्परिक रूप से नृत्य विषय पर संयुक्त डाक टिकट जारी करने पर सहमत हुए हैं.

• संयुक्त डाक टिकट अगस्त 2018 में जारी किए गए थे. स्मृति डाक टिकटों में भारत के मणिपुरी नृत्य तथा आर्मेनिया के हौब एरेक नृत्य दिखाए गए हैं.

 

मंत्रिमंडल ने डाक क्षेत्र में सहयोग के लिए भारत और जापान के बीच सहयोग-समझौते को मंजूरी दी

• केंद्रीय मंत्रिमंडल ने डाक क्षेत्र में सहयोग के लिए भारत और जापान के बीच सहयोग-समझौते को मंजूरी दे दी. इस सहयोग समझौते के तहत दोनों देशों के बीच डाक सेवाओं में सुधार होगा और डाक क्षेत्र में सहयोग बढ़ेगा.

• इस सहयोग समझौते के तहत भारत और जापान के बीच डाक सेवाओं में सुधार होगा और डाक क्षेत्र में सहयोग बढ़ेगा तथा डाक नीति के संबंध में दोनों पक्ष अपने अनुभवों के आधार पर सूचनाएं साझा करेंगे और नजरियों का आदान-प्रदान करेंगे.

• दोनों पक्षों द्वारा आपस में तय किए जाने वाले विशेष क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए डाक सेवा संवाद की स्थापना होगा. इस समझौते से भारत और जापान के बीच सहयोग बढ़ेगा और इस तरह दोनों देशों की डाक गतिविधियों को फायदा पहुंचेगा.

 

मंत्रिमंडल ने मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम के अंतर्गत संयुक्त गतिविधियों पर भारत और रूस के बीच समझौता ज्ञापन को मंजूरी दी

• केंद्रीय मंत्रिमंडल को मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम के अंतर्गत भारत और रूस के बीच समझौता ज्ञापन से अवगत कराया गया. इस समझौता ज्ञापन पर नई दिल्ली में 15 अक्टूबर 2015 को हस्ताक्षर किया गया था.

• समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर से भारत और रूस के बीच सहयोग मजबूत होगा और रेडियेशन शिल्डिंग, लाइफ स्पोर्ट सिस्टम, क्रू मॉड्यूल, समागम स्थल तथा डॉकिंग प्रणाली, अंतरिक्ष कक्ष, अंतरिक्ष यात्रियों के लिए प्रशिक्षण जैसे मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम के लिए टेक्नोलॉजी तथा अग्रिम प्रणालियां विकसित करने के काम को गति मिलेगी.

• इस समझौते से मानवता के लाभ के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी टेक्नोलाजी के ऐप्लीकेशन के  क्षेत्र में संयुक्त गतिविधियां बढ़ेंगी. इससे एक संयुक्त कार्य समूह बनेगा जो समझौता के प्रावधानों को लागू करने की समय सीमा तथा उपायों सहित कार्य योजना तैयार करेगा.

 

मंत्रिमंडल ने बाह्य अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण इस्तेमाल के लिए भारत तथा मोरक्को के बीच समझौता को स्वीकृति दी

• केंद्रीय मंत्रिमंडल को बाह्य अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण इस्तेमाल के लिए भारत तथा मोरक्को के बीच समझौता से अवगत कराया गया. इस समझौता पर बेंगलुरू में 19 सितम्बर 2018 को हस्ताक्षर किए गए थे.

• यह समझौता पृथ्वी के दूर संवेदी, सेटेलाइट संचार, सेटेलाइट आधारित नैविगेशन, अंतरिक्ष विज्ञान तथा ग्रहों की खोज, अंतरिक्ष विज्ञान और अंतरिक्ष प्रणालियों और ग्राउंड सिस्टम, अंतरिक्ष टेक्नोलॉजी ऐप्लीकेशन सहितअंतरिक्ष विज्ञान टेक्नोलॉजी तथा ऐप्लीकेशनों में सहयोग की संभावनाओं में सहायक होगा.

• इस समझौता से एक संयुक्त कार्य समूह बनेगा जो इस समझौता को लागू करने की समय सीमा और उपायों सहित एक कार्य योजना तैयार करेगा. कार्य समूह में डीओएस/ इसरो तथा रॉयल सेंटर फॉर रिमोट सेंसिंग (सीआरटीएस) तथा रॉयल सेंटर फॉर स्पेस रिसर्च एंड स्टडीज (सीआरईआरएस) के सदस्य होंगे.

• मोरक्को ने वर्ष 1990 के प्रारंभ में अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत के साथ सहयोग के लिए दिलचस्पी व्यक्त की थी. वर्ष 1998 में इसरो तथा सेंटर रॉयल डी टेले स्पेशियल (सीआरटीएस-रॉयल सेंटर फॉर रिमोट सेंसिंग) ने प्रारूप काआदान-प्रदान किया और 1998 में अंतरिक्ष सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर पारस्परिक सहमति व्यक्त की.

 

मंत्रिमंडल ने बाह्य अंतरिक्ष के उपयोग में सहयोग पर भारत तथा उज्बेकिस्तान के बीच समझौता को स्वीकृति दी

• केंद्रीय मंत्रिमंडल को बाह्य अंतरिक्ष की खोज तथा शांतिपूर्ण उद्देश्य के लिए बाह्य अंतरिक्ष के उपयोग में सहयोग पर भारत तथा उज्बेकिस्तान के बीच समझौता के बारे में अवगत कराया गया. इस समझौता पर एक अक्टूबर 2018 को नई दिल्ली में उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान हस्ताक्षर किया गया था.

• यह समझौता भारत और उज्बेकिस्तान के बीच सहयोग को मजबूत बनाएगा और दूर संवेदी, सेलेटाइट संचार, सेटेलाइट नैविगेशन, अंतरिक्ष विज्ञान तथा बाह्य अतंरिक्ष की खोज के क्षेत्र में नई शोध गतिविधियां तथा ऐप्लीकेशन संभावनाओं में तेजी लाएगा.

• इस समझौते से मानवता के लाभ के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी ऐप्लीकेशन के क्षेत्र में संयुक्त गतिविधियां बढ़ेंगी. इस समझौता से संयुक्त कार्य समूह बनेगा जो समझौता के प्रावधानों को लागू करने की समय सीमा तथा उपायों सहित कार्य योजना तैयार करेगा.

 

मंत्रिमंडल ने पृथ्वी विज्ञान में वैज्ञानिक तथा तकनीकी सहयोग पर भारत तथा अमेरिका के बीच समझौता ज्ञापन को स्वीकृति दी

• केंद्रीय मंत्रिमंडल को पृथ्वी विज्ञान में वैज्ञानिक तथा तकनीकी सहयोग पर भारत तथा अमेरिका के बीच समझौता ज्ञापन से अवगत कराया गया. इस समझौता पर एक नवम्बर 2018 को हस्ताक्षर किए गए थे.

• भारत और अमेरिका के बीच सहयोग से दोनों देशों के संगठनों के पास उपलब्ध विशेषज्ञता साझा करने में मदद मिलेगी और पृथ्वी विज्ञान के क्षेत्र में अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी अपनाई जा सकेगी.

• सहयोग के विशेष क्षेत्रों में ईको प्रणालियां, जलवायु अस्थिरता तथा भूमि उपयोग परिवर्तनों, ऊर्जा, खनिज संपदा, पर्यावरण, प्राकृतिक संकटों, जोखिम तथा मूल्यांकन दृढ़ता, जल संसाधन, इन्फोर्मेटिक्स तथा डाटा एकीकरण के क्षेत्र शामिल हैं.

• इस समझौता ज्ञापन के अंतर्गत तकनीकी सूचना के आदान-प्रदान, यात्राओं, प्रशिक्षण तथा इन क्षेत्रों में दोनों देशों में जारी अनुसंधान कार्यक्रमों के माध्यम से सहयोग किये जाएंगे.

 

मंत्रिमंडल ने भारत सरकार की वर्तमान 52.63 प्रतिशत हिस्सेदारी की रणनीतिक बिक्री विद्युत वित्त निगम को प्रबंधन नियंत्रण के साथ करने की सद्धांतिक मंजूरी दी

• मंत्रिमंडलीय आर्थिक समिति ने सिद्धांत रूप से ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (आरईसी) में भारत सरकार की 52.63 प्रतिशत हिस्सेदारी की रणनीतिक बिक्री विद्युत वित्त निगम (पीएफसी) को प्रबंधन नियंत्रण के साथ करने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है.

• इस अधिग्रहण का उद्देश्य विद्युत श्रृंखला को एकीकृत करना, बेहतर तालमेल बनाना, व्यापक आर्थिक आकार का सृजन और वित्त विद्युत क्षेत्र की क्षमता में सुधार करके ऊर्जा पहुंच और सक्षमता के लिए क्षमता में वृद्धि करना है. आरईसी और पीएफसी विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत केंद्रीय सार्वजनिक प्रतिष्ठान हैं.

Vikash Tiwari is an content writer with 3+ years of experience in the Education industry. He is a Commerce graduate and currently writes for the Current Affairs section of jagranjosh.com. He can be reached at vikash.tiwari@jagrannewmedia.com
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