टॉप हिन्दी करेंट अफ़ेयर्स, 01 अप्रैल 2021 के अंतर्गत आज के शीर्ष करेंट अफ़ेयर्स को शामिल किया गया है जिसमें मुख्य रूप से दिल्ली छावनी और कोरोना वायरस आदि शामिल हैं.
दिल्ली छावनी में भारत-दक्षिण कोरिया मैत्री पार्क का संयुक्त रूप से उद्घाटन
पार्क को 1950-53 के कोरियाई युद्ध के दौरान दिए गए भारतीय शांतिरक्षक सेना के योगदान की याद में बनाया गया है. बाद में दोनों मंत्रियों ने सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों का पता लगाने हेतु द्विपक्षीय बैठक की. इससे पहले फरवरी 2019 में भारत के प्रधानमंत्री ने दक्षिण कोरिया (कोरिया गणराज्य) का दौरा किया था.
दिल्ली छावनी में स्थित इस पार्क की महत्ता केवल भारत-दक्षिण कोरिया के मज़बूत मित्रता संबंधों के प्रतीक के रूप में ही नहीं है बल्कि संयुक्त राष्ट्र के तत्त्वावधान में वर्ष 1950-53 के बीच हुए कोरियाई युद्ध में हिस्सा लेने वाले 21 देशों में से एक भारत के योगदान को दर्शाना भी है.
सुपरस्टार रजनीकांत को मिलेगा 51वां दादा साहब फाल्के पुरस्कार, जानें विस्तार
प्रकाश जावड़ेकर ने बताया है कि रजनीकांत को 51वां दादा साहब फाल्के अवार्ड 03 मई 2021 को दिया जाएगा. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडे़कर ने कहा कि सिनेमा में शानदार योगदान के लिए अभी तक ये अवार्ड 50 बार अलग-अलग हस्तियों को दिया जा चुका है. अब 51वां अवार्ड सुपरस्टार रजनीकांत को दिया जाएगा.
रजनीकांत का जन्म 12 दिसंबर 1950 को बेंगलुरू के मराठी परिवार में हुआ था. रजनीकांत 12वें दक्षिण भारतीय हैं जिन्हें यह अवॉर्ड मिला है. इससे पहले डॉ. राजकुमार, अक्कीनेनी नागेश्वर राव, के बालाचंदर जैसे लोगों को यह पुरस्कार दिया जा चुका है.
भारत के पश्चिमी घाटों में मिली तितली की नई प्रजातियां
यह पहली बार है कि किसी तितली प्रजाति की खोज पश्चिमी घाट के अखिल भारतीय अनुसंधान दल ने की है. इन नई प्रजातियों को अब भारत में तितलियों की विस्तार सूची में जोड़ दिया गया है. यह खोज न केवल भारत की तितली वर्ग में ही, बल्कि पश्चिमी घाटों और केरल के तितली समूह में इन नई प्रजातियों को जोड़ती है.
इन तितली प्रजातियों में बालों वाली आंखें, आगे वाले परों पर 11 और 12 नसों का एनास्टोमोसिस, नर के परों पर बैंगनी चमक के साथ दोनों लिंगों के नीचे की ओर हल्की सफेद धारियां होती हैं. नाकडुबा सिंहल रामास्वामी सदाशिवन को लगभग एक दशक पहले अगस्त्यमलाई में खोजा गया था.
सूरत के हजीरा बंदरगाह से दीव के बीच क्रूज सेवा को मिली हरी झंडी
केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि 2014 से पहले, भारतीय बंदरगाहों पर केवल 139 क्रूज सेवा ही संचालित होती थी, लेकिन आज हमारे पास देश में कोविड-19 महामारी के बावजूद 450 क्रूज सेवाए हैं. साल 2014 के बाद से क्रूज सेवा द्वारा यात्रा करने वाले पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है.
क्रूज हजीरा से दीव की दूरी 13 से 14 घंटे लगेंगे. जबकि रेल मार्ग से वेरावल तक जाने में लगभग इतना ही समय लग जाता है. वहीं, सड़क मार्ग से जाने में लगभग साढ़े 15 घंटे लगते हैं. क्रूज में एक ट्रिप 300 यात्री सफर कर सकेंगे. इसमें 16 केबिन भी हैं. इससे पहले हजीरा और घोघा के बीच रो-पैक्स सेवा शुरू की गई थी.
Comments
All Comments (0)
Join the conversation