अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने 26 मई 2021 को अमेरिकी खुफिया एजेंसियों से कोविड-19 (Coronavirus) महामारी की उत्पत्ति की जांच के अपने प्रयासों को 'दोगुना' करने के लिए कहा. राष्ट्रपति जो बाइडन ने एजेंसियों को कहा है कि 90 दिन के भीतर पता करें कि आखिर इस कोरोना वायरस का जन्मस्थान कहां है. इसका पता करके रिपोर्ट दें.
राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि यह निष्कर्ष निकालने के अपर्याप्त साक्ष्य हैं कि क्या यह किसी संक्रमित जानवर के मानवीय संपर्क से उभरा है या एक लैब दुर्घटना ने इस महामारी को जन्म दिया है. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं को जांचकर्ताओं की मदद करने का निर्देश दिया और चीन से अंतरराष्ट्रीय जांचों में सहयोग करने की अपील की है.
राष्ट्रपति ने 90 दिनों की मोहलत दी
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अमेरिकी खुफिया विभाग को स्पष्ट निर्देश दे दिया है कि वह 90 दिनों के अंदर यह पता लगाएं कि आखिर कोरोना वायरस की उत्पत्ति कहां से या कैसे हुई है. उन्होंने अपने आदेश में कहा है कि खुफिया विभाग 90 दिनों के अंदर यह पता लगाएं कि क्या कोरोना वायरस चीन द्वारा जानबूझकर फैलाया गया है या चीन के लेबोरेटरी में अनजाने में इसकी उत्पत्ति हुई है.
कोविड-19 का सबसे पहला केस
कोविड-19 का सबसे पहला केस दिसंबर 2019 में चीन के वुहान शहर में दर्ज किया गया था. चीनी प्रशासन ने शुरुआती मामलों का संबंध वुहान की एक सीफ़ूड मार्केट से पाया था. वैज्ञानिकों का मानना है कि यह वायरस जानवरों से इंसानों में पहुँचा है.
इस वायरस के कारण फैली महामारी के कारण दुनिया भर में अब तक कम से कम 35 लाख लोगों की जान जा चुकी है और संक्रमण के 16 करोड़ 80 लाख से ज़्यादा मामले दर्ज किए जा चुके हैं.
राष्ट्रपति बाइडन ने क्या कहा?
राष्ट्रपति बाइडन ने कहा कि अमेरिका की इंटेलिजेंस एजेंसियां दो संभावनाओं के क़रीब पहुँची हैं मगर किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुँच पाई हैं. अभी हालत ये है कि इंटेलिजेंस कम्यूनिटी के दो हिस्सों का मानना है कि यह जानवर से इंसानों में आया जबकि एक हिस्से का मानना है कि लैब से फैला. लेकिन कोई भी अपनी बात को पूरे यक़ीन से नहीं कह रहा. ज़्यादातर का मानना है कि किसी नतीजे पर पहुँचने के लिए पर्याप्त सूचनाएं नहीं हैं.
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