केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘जीसेट-17’ संचार उपग्रह और प्रक्षेपण सेवाओं का 6 मई 2015 को अनुमोदन किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अद्यक्षता में हुई बैठक में ‘जीसेट-17’ के निर्माण का अनुमोदन केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा किया गया. जीसेट-17’ 3425 किलोग्राम भार वाला एक संचार उपग्रह होगा, जिसमें पुनः स्थापन और कक्षीय बैकअप की क्षमता मौजूद होगी.
‘जीसेट-17’ अंतरिक्ष यान परियोजना के लिए प्रक्षेपण सेवाओं सहित कुल लागत 1013.20 करोड़ रुपये की आएगी. उपग्रह का निर्माण 30 महीने की अवधि में पूरा करने के लिए सभी धरोहर प्रमाणित बस प्रणाली इस्तेमाल की जाएंगी. उपग्रह का ढांचा जीसेट-10 उपग्रह के समान होगा.
जीसेट-17 अंतरिक्ष यान विभिन्न फ्रीक्वेंसी बैंडों में पुनः स्थापन क्षमता और प्रचालन सेवाओं को संरक्षण प्रदान करेगा. जीसेट-17 अंतरिक्ष यान से देश में वर्तमान दूरसंचार, टेलीविजन और वी-सेट सेवाओं को सहायता प्रदान की जा सके और सामाजिक सेवाओं के लिए कक्षीय बहुतायत व्यवस्था की जा सकेगी.
विदित हो कि ‘जीसेट-17’ के निर्माण का प्रस्ताव भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा मौजूदा इस्तेमालकर्ताओं की सेवाओं के संरक्षण और अतिरिक्त कक्षीय क्षमता के निर्माण प्रस्तावों का हिस्सा है ताकि आकस्मिक स्थितियों से निपटा जा सके.

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