यूएस चैंबर ऑफ कॉमर्स के वैश्विक बौद्धिक संपदा केंद्र (जीआईपीसी) ने 4 फरवरी 2015 को अपना तीसरा वार्षिक अंतरराष्ट्रीय आईपी सूचकांक 'यूपी : अनलिमिटेड पोटेंशियल' जारी किया.
वैश्विक बौद्धिक संपदा केंद्र (जीआईपीसी) सूचकांक-2015 विश्व की 30 ऐसी अर्थव्यवस्थाओं को श्रेणीबद्ध करता है, जो 80 फीसदी वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का प्रतिनिधित्व करती हैं. वैश्विक बौद्धिक संपदा केंद्र (जीआईपीसी) सूचकांक द्वारा अर्थव्यवस्थाओं का 30 संकेतकों के आधार पर मूल्यांकन किया जाता है.
वर्ष 2015 की सूची में भारत 7.23 अंकों के साथ 29वें स्थान पर है. वर्ष 2014 में भारत 25वें स्थान पर था जबकि अमेरिका 28.53 के स्कोर के साथ शीर्ष पर स्थान पर था. इस सूची में अमेरिका ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, और सिंगापुर शीर्ष पांच में है जबकि भारत अर्जेंटीना, इंडोनेशिया, वियतनाम, थाईलैंड के साथ अंतिम पांच में है.

अन्य विशेषताएँ
• सूचकांक में 30 देशों में से 20 देशों ने अपने स्थान में वर्ष 2014 की तुलना में सुधार किया.
• फ्रांस, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका, थाईलैंड और ब्रिटेन सहित जीआईपीसी सूचकांक में कई अर्थव्यवस्थाएं प्लेन पैकेजिंग लेजिस्लेशन शुरू करने पर विचार कर रही हैं.
• इस सूची में भारत को 7.23 अंक प्राप्त हुए, जो कुल उपलब्ध अंक का 24 प्रतिशत है. सूची में भारत को 29वां स्थान मिला. वर्ष 2014 में भारत को 6.95 अंक प्राप्त हुए, जो कुल उपलब्ध अंक का 23 प्रतिशत था.
• सूचकांक-2015 विश्व की 30 ऐसी अर्थव्यवस्थाओं को श्रेणीबद्ध करता है, जो 80 प्रतिशत वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का प्रतिनिधित्व करती हैं.
• यह सूचकांक पेटेंट, नवीन आविष्कार और प्रयोग के क्षेत्र में कॉपीराइट, ट्रेडमार्क सुरक्षा, प्रवर्तन, एवं अंतरराष्ट्रीय संधियों में सहयोग जैसे 30 महत्वपूर्ण मापदंडों पर आधारित है.
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