औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) पर आधारित देश की औद्योगिक उत्पादन दर फरवरी 2014 में 1.9 प्रतिशत नकारात्मक रही. इसका कारण विनिर्माण क्षेत्र एवं पूंजीगत वस्तुओं के उत्पादन क्षेत्र का निराशाजनक प्रदर्शन रहा. यह जानकारी केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) द्वारा 11 अप्रैल 2014 को जारी आंकड़ों दी गई है.
वित्त वर्ष 2013-14 के प्रथम 11 महीनों (अप्रैल-फरवरी) में भी औद्योगिक विकास दर 0.1 प्रतिशत नकारात्मक रही है, जबकि वित्त वर्ष 2012-13 की समान अवधि में यह दर 0.9 प्रतिशत रही.
जनवरी 2014 के लिए औद्योगिक विकास दर के आंकड़े को संशोधित करके अब 0.8 प्रतिशत कर दिया गया जबकि इसके पहले यह (औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर) दर 0.1 प्रतिशत ही रहने का अनुमान लगाया था. फरवरी 2013 में औद्योगिक विकास दर 0.6 प्रतिशत आंकी गई थी.
विनिर्माण क्षेत्र की उत्पादन वृद्धि दर फरवरी 2014 में 3.7 प्रतिशत नकारात्मक रही, जबकि फरवरी 2013 यह दर 2.1 प्रतिशत थी.
फरवरी 2014 में पूंजीगत वस्तुओं के उत्पादन में 17.4 प्रतिशत की कमी आई, जबकि फरवरी 2013 के दौरान इसमें (पूंजीगत वस्तुओं के उत्पादन में) 9.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी.


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