भारत और कतर ने 25 मार्च 2015 को दानों देशों के बीच व्यापारिक और आर्थिक आदान-प्रदान बढ़ाने के लिए छह समझौतों पर हस्ताक्षर किए. इन छह समझौतों पर कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में नई दिल्ली में हस्ताक्षर किए गए.
कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी 25 मार्च 2015 से 26 मार्च 2015 तक भारत की दो दिवसीय सरकारी यात्रा पर थे.
- सजायाफ्ता कैदियों के आदान-प्रदान का समझौता: इस समझौते के तहत कतर में सजा भुगत रहे भारतीय कैदियों को बाकी की सजा काटने के लिए स्वदेश लाया जा सकेगा. इसी तरह भारत में सजायाफ्ता कतर के नागरिकों को बाकी की सजा काटने के लिए स्वदेश भेजा जाएगा.
- सूचना और संचार प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन: दोनों देशों ने सूचना संचार प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किया. इससे भारतीय संचार प्रौद्योगिकी कंपनियों को कतर में अपना कारोबार बढ़ाने का अवसर प्राप्त होगा. कतर ने देश के संपूर्ण विकास के लिए विजन 2030 नाम से एक महत्वाकांक्षी योजना बनाई है और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी में क्षमता निर्माण के लिए एक अलग मंत्रालय बनाया है.
- भारत के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय और कतर के मौसम विभाग के बीच समझौता: वायुमंडलीय और समुद्री विज्ञान के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए भारत के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय और कतर के मौसम विभाग के बीच एक समझौता हुआ.
- कतर के डिप्लोमेटिक इंस्टीट्यूट और भारत के फॉरेन सर्विस इंस्टीट्यूट के बीच समझौता: भारत ने कतर के साथ प्रशिक्षुओं, छात्रों, शिक्षकों और विशेषज्ञों के आदान-प्रदान के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए. फॉरेन सर्विस इंस्टीट्यूट ने राजनयिकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के ढांचे और पाठ्यक्रम के बारे में सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए समझौता किया.
- रेडियो और टेलीविजन के क्षेत्र में सहयोग हेतु समझौता ज्ञापन: दोनों देशों ने रेडियो और टेलीविजन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए भी एक समझौते पर हस्ताक्षर किए. इसका उद्देश्य प्रसार भारती और कतर मीडिया कॉरपोरेशन के बीच रेडियो और टीवी कार्यक्रमों और संबंधित सामग्री का नियमित आदान-प्रदान करना है.
- समाचार के आपसी सहयोग और आदान-प्रदान हेतु समझौता: देश की प्रमुख संवाद एजेंसी यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया (यूएनआई) और कतर न्यूज एजेंसी (क्यूएनए) के बीच समाचारों के आदान प्रदान हेतु समझौता किया गया. यूएनआई और क्यूएनए के बीच हुए समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच अंग्रेजी में रोजमर्रा के आधार पर और बिना किसी शुल्क के समाचारों का आदान-प्रदान बढ़ाना है.
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