अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD: Organization for Economic Cooperation and Development, ओईसीडी) की रिपोर्ट के अनुसार भारत की 42 फीसदी जनसंख्या की एक दिन की आमदनी सिर्फ 1.25 डॉलर है. ओईसीडी की यह रिपोर्ट पेरिस में 7 दिसंबर 2011 को जारी की गई.
ओईसीडी ने उभरती अर्थव्यवस्थाओं पर अपनी रिपोर्ट में भारत,चीन, अर्जेटीना, ब्राजील, इंडोनेशिया, रूस और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों का आकलन किया है. इन सात देशों में से भारत में गरीबी दर सबसे ज्यादा है, जहां 42 फीसदी आबादी की प्रतिदिन की आमदनी मात्र 1.25 डॉलर है.
रिपोर्ट के अनुसार, भारत में गत तीन दशकों में आर्थिक असमानताएं बढ़ीं हैं, विभिन्न तबकों की आमदनी के बीच फासला बहुत ज्यादा बढ़ गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि जहां, ब्राजील, इंडोनेशिया और अर्जेंटीना में पिछले कुछ सालों में अमीरों और गरीबों के बीच का आर्थिक फासला घटा है, वहीं चीन, भारत, दक्षिण अफ्रीका और रूस में ये बढ़ा है. साथ ही तकनीकी विकास का फायदा केवल ज्यादा प्रशिक्षित कामगारों को ही मिल पाया है.
अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD: Organization for Economic Cooperation and Development, ओईसीडी) की रिपोर्ट के अनुसार कर और दूसरी कल्याणकारी योजनाओं से सभी तबकों के बीच की असमानता दूर होती है, लेकिन 1990 के दशक से ये योजनाएं ज्यादा कारगर साबित नहीं हुई हैं. यही कारण है कि दुनिया के ज्यादातर देशों में कल्याणकारी योजनाएं पिछले 15 सालों में फलदायी साबित नहीं हो पाई.
ओईसीडी की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया के 10 फीसदी अमीरों की आमदनी गरीबों की तुलना में 9 गुना ज्यादा है. चीन और मेक्सिको में अमीरों की आमदनी गरीबों की आमदनी से 25 प्रतिशत ज्यादा है. ओईसीडी ने सुझाव के तौर पर सरकारों को अपनी टैक्स प्रणाली में बदलाव लाकर अमीरों पर टैक्स का ज्यादा भार डालना पर जोर दिया.
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