मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्रालय ने 3 अगस्त 2014 को के विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करने के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया. समिति का गठन पूर्व यूजीसी चेयरमैन हरि गौतम की अध्यक्षता में किया गया.
बीएचयू के विधि विभाग के पूर्व प्रमुख प्रो. सीएम जरीवाला और जेएनयू के पूर्व समकुलपति प्रो. कपिल कपूर को इसका सदस्य बनाया गया है. समिति के सदस्य सचिव मानव संसाधन विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव (उच्च शिक्षा) आरपी सिसोदिया हैं. समिति को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए छह महीने का समय दिया गया है.
समिति उद्देश्यों को पूरा करने के क्रम में बेहतर प्रदर्शन को प्राप्त करने के लिए पैनल के पुनर्गठन और पुर्नसंरचना करने के उपायों का सुझाव देगा.
समिति के अंतर्गत 14 अलग ध्येयों को रखा गया है जिनमे यूजीसी के उन नए मानकों को निर्धारित करना भी है जो विश्वविद्यायों में शिक्षा के स्तर एवं सु-समन्वय को निर्धारित करेगा. साथ ही इसी क्षेत्र में कमजोरीयों की पहचान कर उस पर अतिशीघ्र कार्य करेगा.
यूजीसी देश में उच्च शिक्षा की सर्वोच्च नियामक संस्था है. यह आयोग औपचारिक रूप से वर्ष 1956 में संसद के अधिनियम द्वारा स्थापित किया गया था. यह देश में विश्वविद्यालय शिक्षा में समन्वय, दृढ़ संकल्प और मानकों को बनाए रखने की सांविधिक निकाय है.
भारत में उच्च शिक्षा क्षेत्र के 726 विश्वविद्यालयों में लगभग 28 लाख छात्रों और लगभग 38,000 कॉलेजों के साथ संस्थानों की संख्या और छात्रों की संख्या से दूसरा सबसे बड़ा के मामले में दुनिया में सबसे बड़ी में से एक के रूप में उभरा है.
आज देश में 726 विश्वविद्यालय और 38 हजार कॉलेज हैं. इनमें पढ़ने वाले छात्रों की संख्या दो करोड़ 80 लाख है.
भारत में उच्च शिक्षा क्षेत्र संस्थानों की संख्या के हिसाब से दुनिया में सबसे बड़े देश के रूप में उभरा है और छात्रों की संख्या के हिसाब से दूसरा सबसे बड़ा देश है.

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