थोक मूल्यों पर आधारित मुद्रास्फीति की दर मार्च 2014 में बढ़कर 5.7 प्रतिशत हो गई जो पिछले तीन महीनों (दिसंबर 2013, जनवरी 2014, फरवरी 2014) में सबसे अधिक है. मुद्रास्फीति में यह वृद्धि खाद्य पदार्थों और ईंधन के मूल्य बढ़ने के कारण हुई. यह आंकड़े सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के राष्ट्रीय सांख्यिकी संगठन ने 15 अप्रैल 2014 को जारी किए.
खाद्य पदार्थों की मुद्रास्फीति की दर मार्च 2014 में 9.9 प्रतिशत रही जबकि फरवरी 2014 में यह 8.12 प्रतिशत थी. ईंधन और ऊर्जा वर्ग की मुद्रास्फीति मार्च 2014 में बढ़कर 11.22 प्रतिशत हो गई जो फरवरी 2014 में 8.75 प्रतिशत थी.
खाद्य पदार्थो की कीमतों में वृद्धि से मार्च 2014 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित खुदरा महंगाई बढ़कर 8.31 प्रतिशत पर पहुंच गई जबकि फरवरी 2014 में यह 25 महीने के न्यूनतम स्तर 8.03 प्रतिशत पर रही थी.
15 अप्रैल 2014 को जारी जनवरी 2014 के कीमत के आंकड़ों में उस माह की मुद्रास्फीति बढ़ाकर 5.17 प्रतिशत कर दी गई. फरवरी में घोषित प्रारंभिक आंकड़ों में जनवरी की मुद्रास्फीति 5.05 प्रतिशत बताई गई थी.
मार्च 2014 के दौरान आलू की कीमतों में वार्षिक आधार पर 27.83 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. फरवरी 2014 में आलू की कीमतें वर्ष 2013 की तुलना में 8.36 प्रतिशत अधिक थीं. मार्च 2014 में प्याज की कीमतें 1.92 प्रतिशत रही.
मार्च 2014 के दौरान सब्जियां वार्षिक आधार पर 8.57 प्रतिशत तक महंगी रहीं जबकि फरवरी 2014 में यह दर 4 प्रतिशत थी. मार्च 2014 में फलों की कीमतें 16.15 प्रतिशत रहीं जबकि फरवरी 2014 में यह 9.92 प्रतिशत थी.
विदित हो कि थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति में दिसंबर 2013 से गिरावट आ रही थी जो कि फरवरी 2014 में गत नौ महीने के सबसे निचले स्तर 4.68 प्रतिशत पर आ गई.
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