केंद्रीय रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने 19 जनवरी 2015 को गोवा में वास्को के मारमोगोआ बंदरगाह पर भारतीय तटरक्षक (आईसीजी) जहाजों को शामिल किया. इनमें आईसीजी अमोघ और आईसीजी अमेय नाम के दो तेज गश्ती जहाज और चार्ली 413(सी–413) एवं चार्ली 414 (सी– 414) नाम के दो इंटरसेप्टर नौकाएं शामिल हैं.
इन नौकाओं का इस्तेमाल मुख्य रूप से गश्ती और इंटरसेप्शन के लिए किया जाएगा. एजेंसी इनका इस्तेमाल अनुसंधान एवं बचाव उद्देश्यों के लिए भी करेगी.
दो तेज गश्ती जहाजों का निर्माण कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड ने किया है. इनका 290 टन का विस्थापन है एवं यह 33 समुद्री मील की अधिकत गति तक पहुंच सकते हैं. दूसरी तरफ छोटे इंटरसेप्टर नौकाओँ को लार्सन एंड टूब्रो शिपयार्ड लिमिटेड हजीरा ने बनाया है. इनका विस्थापन 106 टन है और ये अधिकतम 45 समुद्री मील की गति तक पहुंच सकती हैं.
Comments
All Comments (0)
Join the conversation