लगातार बढ़ रहे वित्तीय घाटे को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सरकार ने निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से निर्यातकों को दिये जाने वाले ऋण पर ब्याज में छूट की अधिकतम सीमा को दो फीसदी से बढ़ाकर तीन फीसदी किया. इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश 31 जुलाई 2013 को जारी किये गये.
ऋण के ब्याज पर छूट की सीमा में बढ़ोत्तरी का लाभ सभी सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योगों के साथ-साथ हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट्स, कार्पेट्स, खिलौनो, खेल-कूद के सामान, प्रसंस्कृत कृषि उत्पादों व रेडीमेड वस्त्रों के निर्यातकों को मिलेगा. इस लाभ का फायदा 1 अगस्त 2013 ही लागू होना है.
विदित हो कि पिछले छह महीनों के दौरान विभिन्न वस्तुओं, विशेषकर सोने, के बढ़ते आयात के कारण भारत का वित्तीय घाटा लगातार बढ़ता जा रहा है जिससे भुगतान असंतुलन की स्थिति विकराल होती जा रही है.
दिसंबर 2012 से जून 2013 के दौरान माहवार निर्यात के आकड़े निम्न हैं –
| माह | निर्यात वद्धि दर |
| दिसंबर, 2012 | -1.92% |
| जनवरी, 2013 | 0.82% |
| फरवरी | 4.23% |
| मार्च | 6.97% |
| अप्रैल | 1.68% |
| मई | 1.11% |
| जून | 4.56% |
स्रोत- डीजीएफटी
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