भारत के किस शहर को कहा जाता है ‘City of Gastronomy’, जानें
भारत में आपने अलग-अलग शहरों के बारे में पढ़ा और सुना होगा। हालांकि, इन सबके बीच एक शहर ऐसा भी है, जिसे ‘City of Gastronomy’ भी कहा जाता है। यह शहर अपनी पाक कला के लिए विश्वभर में जाना जाता है।
भारत में कुल 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश हैं। इन सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मौजूद शहरों की अपनी-अपनी विशेषताएं हैं। इस कड़ी में भारत में एक शहर ऐसा भी है, जिसे ‘City of Gastronomy’ भी कहा जाता है। यह शहर हैदराबाद शहर है, जो कि अपनी पाक कला के लिए जाना जाता है।
हैदराबाद के व्यंजन और इसे पकाने की विधि इतनी विख्यात है कि इसे UNESCO ने ‘City of Gastronomy’ के खिताब से नवाजा है। क्या है यहां की पाक कला और क्यों है प्रसिद्ध, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
हैदराबाद को क्यों कहा जाता है ‘City of Gastronomy’
हैदराबाद को ‘City of Gastronomy’ कहने के पीछे सांस्कृतिक, आर्थिक और ऐतिहासिक कारण शामिल हैं। साल 2019 में UNESCO ने हैदराबाद को अपनी 'क्रिएटिव सिटीज नेटवर्क' (UCCN) में इस श्रेणी के तहत शामिल किया था।
400 साल से अधिक पुरानी है पाक कला
हैदराबाद की पाक कला 400 से अधिक सालों पुरानी है। ऐसे में यहां की रसोई में स्वाद के शौकिनोंं को कुतुब शाही, मुगलई और दक्कनी स्वादों का एक अनूठा संगम मिलता है। खाने में उचित मात्रा में मसालों का उपयोग और धीमी आंच पर पकाने की अपनी कला की वजह से हैदराबाद के पकवानों को विदेशों में पहचान मिली है।
हैदराबाद के मशहूर पकवान
यदि हैदराबाद के मशहूर पकवानों की बात करें, तो इसमें हैदराबादी बिरयानी एक विश्व स्तरीय ब्रांड है। इसके पकाने की कला और स्वाद के लिए इसे GI Tag दिलाने की कोशिशें भी की गई हैं। वहीं, दूसरी तरफ हलीम भी यहां काफी मशहूर है। रमजान के दौरान बनने वाला हलीम भारत में पहला मांसाहारी व्यंजन है, जिसे लेकर जीआई टैग भी मिला हुआ है।
शहर में स्थित हैं शोध और शिक्षण संस्थान
हैदराबाद शहर में पाक कला से संबंधित कई शिक्षण और शोध संस्थान मौजूद हैं। इन संस्थानों में भोजन की गुणवत्ता, सुरक्षा और नवाचार पर काम किया जाता है। साथ ही, यहां का फूड प्रोसेसिंग और पैकेजिंग उद्योग भी काफी विकसित है।
व्यंजन उद्योग से लोगों को मिला है रोजगार
हैदराबाद अपने यहां के खाने के लिए मशहूर है। ऐसे में यहां बड़ी संख्या में छोटे-बड़े रेस्तरां मौजूद हैं, जो कि स्वाद के तड़के लिए जाने जाते हैं। इन सभी में बड़ी संख्या में लोग काम करते हैं, जिससे शहर में आर्थिक विकास के पहिये को भी रफ्तार मिल रही है।
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