भारत में वोट करने के लिए पंजीकरण कैसे करें?

हमें, हमारे लोकतांत्रिक देश में अपनी पसंद के अनुसार नेता को चुनने का अधिकार है. लेकिन इसके लिए मतदान या वोट करना आवश्यक है और इसके लिए भारत के प्रत्येक नागरिक को अपना वोट दर्ज करना होता है. आखिर मतदान आपका कानूनी अधिकार है. आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं कि वोट करने के लिए कैसे रजिस्टर या पंजीकरण करना चाहिए.
Apr 18, 2019 11:23 IST
    How to register to Vote in India?

    जैसा कि हम जानते हैं कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है. मतदान करना हमारे लोकतांत्रिक देश की सामान्य विशेषताओं में से एक है. मतदान प्रत्येक भारतीय नागरिक का एक बुनियादी कानूनी अधिकार है. इसके माध्यम से हम अपने नेता को चुन सकते हैं जो हमारे देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में सक्षम हो. मतदान न केवल नागरिक को राजनीतिक दलों के लिए मतदान करने में सक्षम बनाता है, बल्कि उन्हें नागरिकता के महत्व का भी एहसास करने में मदद करता है.

    आज भी ऐसे कई लोग हैं जो वोट नहीं देते हैं और सोचते हैं कि एक वोट से कोई बदलाव नहीं होगा. लेकिन अगर हम चीजों का विश्लेषण करें और देखें, तो एक वोट से भी फर्क पड़ता है. मतदान के महत्व को समझना और महसूस करना हमारा कर्तव्य है. इसमें कोई संदेह नहीं, हमारे देश की राजनीतिक नींव चुनाव का उपयोग करके बनाई गई हैं. यहीं आपको बता दें की मतदान के लिए अपना मत पंजीकृत करना आवश्यक होता है. यदि आपने अपना मत पंजीकृत नहीं किया है और पंजीकरण की प्रक्रिया नहीं जानते हैं तो इस लेख के माध्यम से आप अपना मत पंजीकृत करने के चरण को सीख सकते हैं.

    सबसे पहले अध्ययन करते हैं कि वोट कौन दे सकता है?

    मतदान के लिए पात्रता है:
    - वह भारत का नागरिक होना चाहिए.
    - मतदाता सूची के पुनरीक्षण के वर्ष की 1 जनवरी यानी क्वालीफाइंग तिथि को 18 वर्ष की आयु प्राप्त कर ली हो.
    - जहां वह रहता है, भारत के मतदाता सूची या भारतीय निर्वाचन क्षेत्र के मतदान क्षेत्र में नामांकित होना चाहिए.
    आपको बता दें कि भारत के संविधान के अनुच्छेद -326 के तहत, वोट के अधिकार को मान्यता दी गई है और इसमें कहा गया है कि लोक सभा और राज्यों की विधान सभाओं के लिए निर्वाचनों का वयस्क मताधिकार के आधार पर होना चाहिए यानी व्यक्ति कि उम्र 18 वर्ष कम से कम हो और इस संविधान या समुचित विधान-मंडल द्वारा बनाई गई किसी विधि के अधीन अनिवास, चित्तविकृति, अपराध या भ्रष्ट या अवैध आचरण के आधार पर अन्यथा निरर्हित नहीं कर दिया जाता है, ऐसे किसी निर्वाचन में मतदाता के रूप में रजिस्ट्रीकृत होने का हकदार होगा.

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    मतदान या वोट करने के लिए पंजीकरण कैसे करें?

    अपनी मतदाता या वोटर आईडी बनाने या अपना मत दर्ज करने के लिए नीचे दी गई प्रक्रिया का उल्लेख किया गया है:

    पहला चरण: फॉर्म 6 भरें

    Jagranjosh
    Source: www.voteridcard.org.in.com
    मतदाता कार्ड पंजीकरण के लिए पहला चरण फॉर्म 6 भरना है. नागरिक अपने निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी / सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के समक्ष, फॉर्म 6 में निर्धारित आवेदन को दायर कर सकता है.

    आवेदन दर्ज करने के लिए कई तरीके हैं:

    - संबंधित दस्तावेजों की प्रतियों वाले आवेदन को संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी / सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के समक्ष व्यक्तिगत रूप से दर्ज किया जा सकता है.

    - साथ ही, पोस्ट के जरिए भी पोलिंग एरिया के बूथ लेवल ऑफिसर के पास भेजा जा सकता है या उसे सौंपा जा सकता है.

    - ऑनलाइन भी आप आवेदन दाखिल कर सकते हैं.

    ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया:

    - राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल पर जाएं.

    - 'नया मतदाता पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन' पर क्लिक करें.

    - फॉर्म 6 के साथ एक नई विंडो खुलेगी.

    - फॉर्म भरें और सब्मिट करें.

    दूसरा चरण: फॉर्म 6 के साथ आवश्यक डोक्युमेन्ट्स या डोक्युमेन्ट्स को व्यवस्थित करें

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    फॉर्म 6 के साथ इसे जमा करने के लिए कुछ बेसिक डोक्युमेन्ट्स की आवश्यकता होती है. इसके अलावा, यह याद रखें कि सबमिट करने से पहले डोक्युमेन्ट्स का सत्यापित या प्रमाणित होना आवश्यक है.

    - आईडी प्रूफ जमा करना जरूरी है. जैसे पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, छात्र पहचान पत्र.

    - जमा करने के लिए निवास या पते का प्रमाण भी आवश्यक है.

     मतदान करने के लिए जो पता दिया जाता है उसके लिए अनिवार्य है कि आप वहां छह महीने से रह रहे हों.

    इस डोक्युमेन्ट्स में से कोई भी पते के प्रमाण के रूप में काम करेगा:
    बैंक / किसान / डाकघर की वर्तमान पास बुक,
    राशन कार्ड,
    पासपोर्ट,
    ड्राइविंग लाइसेंस,
    आयकर निर्धारण आदेश,
    नवीनतम रेंट एग्रीमेंट,
    उस पते के लिए नवीनतम टेलीफोन / बिजली / गैस कनेक्शन / पानी का बिल, या तो आवेदक या/ उसके तात्कालिक संबंध (माता-पिता) के नाम पर.
    साधारण डाक के पते पर आवेदक के नाम पर भारतीय डाक विभाग के माध्यम से दिया गया कोई भी मेल / पोस्ट / पत्र.

    नोट: यदि ऊपर उल्लेखित डोक्युमेन्ट्स आपके नाम में नहीं हैं, लेकिन आपके मकान मालिक के नाम पर हैं, तो इस मामले में वह एक एफिडेविट पर हस्ताक्षर कर सकता है, जिसमें लिखा जाता है कि  आप उल्लेखित पते पर रहते हैं. यदि आप जो एड्रेस प्रूफ दे रहे हैं, वह आपके परिवार के सदस्य के नाम पर है, तो रिश्ते को साबित करना आवश्यक है, इसके लिए आपके माता-पिता के लिए एक रिश्ते का प्रमाण पत्र और शादी का प्रमाण पत्र आवश्यक है, यदि पता पति या पत्नी के नाम पर दर्ज हो.

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    आयु या ऐज प्रूफ के लिए:

    यदि आपकी आयु 18 से 22 के बीच है, तो आयु सत्यापन प्रस्तुत करना आवश्यक है और इसके लिए कोई भी सरकारी मान्यता प्राप्त दस्तावेज काम करेगा:

    - जन्म और मृत्यु या बपतिस्मा प्रमाणपत्र के रजिस्ट्रार के नगर प्राधिकरण या जिला कार्यालय द्वारा जारी किए गए जन्म प्रमाण पत्र.

    - सरकारी या मान्यता प्राप्त स्कूल से जन्म प्रमाण पत्र अंतिम बार आवेदक या किसी अन्य मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान द्वारा भाग लिया गया हो.

    - यदि वह 10वीं कक्षा पास है, तो 10वीं कक्षा की मार्कशीट पर्याप्त होगी, लेकिन इसमें प्रमाण के रूप में जन्मतिथि होनी चाहिए.

    - कक्षा 5 या 8 की मार्कशीट भी काम करेगी अगर उसमें जन्मतिथि हो.

    - पासपोर्ट

    - पैन कार्ड

    - ड्राइविंग लाइसेंस

    - UIDAI द्वारा जारी आधार कार्ड

    तीसरा चरण: फॉर्म 6 जमा करना

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    आपको फॉर्म 6 को अपने निकटतम ERO (निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी) को प्रमाणित डोक्युमेन्ट्स के साथ जमा करना होगा. अपना फॉर्म सबमिट करने के बाद आपको सबमिशन की रसीद मिल जाएगी. कार्यालय द्वारा आपकी मतदाता पहचान पत्र का दर्जा देने में लगभग एक महीने या 45 दिन का समय लिया जाएगा. या तो आपको इसके लिए कॉल या मेल मिलेगा. यदि आपको इसमें से कुछ भी नहीं मिलता है तो आप सीधे ईआरओ कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं, जहां आपने रसीद के साथ फॉर्म जमा किया है जो आपको जमा करने के दौरान मिला था.

    अगर चुनाव आता है और आपके पास अपनी वोटर आईडी नहीं है, तो भी आप अपना वोट डाल सकते हैं. आपका नाम निर्वाचन सूची में उल्लिखित है. आपको बस अपनी उपयुक्तता के अनुसार अपना ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, पासपोर्ट इत्यादि ले जाना होगा.

    ऐसा भी हो सकता है:

    फॉर्म 6 प्राप्त करने के बाद, ERO नोटिस बोर्ड पर फॉर्म की एक कॉपी को प्रदर्शित करता है, ताकि एक सप्ताह की अवधि के भीतर कोई भी आपत्तियां आमंत्रित कर सकता है. साथ ही, ERO संबंधित बूथ लेवल अधिकारी को आवेदक के निवास पर जाने और फॉर्म में दी गई जानकारी को सत्यापित करने के लिए कह सकता है. फिर, फॉर्म 6 पूरा होने पर और किसी भी व्यक्ति के कोई भी प्रकार कि आपत्ति न जताने पर ERO मतदाता सूची में नाम शामिल करने का आदेश दे देता है.

    तो, इस प्रकार से पूरी प्रक्रिया को बताए गए अनुसार आप अपने वोट को पंजीकृत कर सकते हैं. इसलिए, प्रतीक्षा न करें, यदि आपने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है तो पंजीकरण करें. मतदान आपका कानूनी अधिकार है, एक जिम्मेदार नागरिक बनें और अपना बहुमूल्य वोट दें.

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